आंख खुलते ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बरसाई मिसाइल, रमजान में लगभग 17 लोगों की ले ली जान

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है. रविवार को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसकी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय आतंकवादी ठिकानों टारगेट किया.

Pakistan Airstrikes

(Image Source:  X/ @essthha, @PathanBhaiii )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है. रविवार को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसकी सेना ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय आतंकवादी ठिकानों पर “लक्षित हमले” किए हैं. इन हमलों को हाल के दिनों में पाकिस्तान के भीतर बढ़ी आतंकी गतिविधियों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है.

हालांकि इन सैन्य अभियानों को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है. अफगान मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तड़के हुए इन हमलों में एक ही परिवार के कई सदस्य मारे गए, जिससे मानवीय चिंता और कूटनीतिक तनाव दोनों बढ़ गए हैं. दोनों देशों की ओर से हताहतों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.

किन आतंकी संगठनों को बनाया निशाना?

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ये अभियान खुफिया जानकारी पर आधारित और चुनिंदा थे. मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े कई शिविरों को निशाना बनाया गया. अधिकारियों का कहना है कि हाल के आतंकी हमलों में शामिल तत्वों को टारगेट किया गया. इनमें अफगान सीमा के निकट हुआ आत्मघाती बम विस्फोट भी शामिल है, जिसमें 11 सैनिकों और एक बच्चे की मौत हुई थी. इसके अलावा बन्नू में हुए हमले में दो सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे. पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों के सूत्र अफगानिस्तान में सक्रिय संगठनों से जुड़े हुए थे.

क्या है अफगान मीडिया का दावा?

इस्लामाबाद ने हमलों के सटीक स्थान या ऑपरेशन से जुड़े अन्य विवरण साझा नहीं किए हैं. हालांकि अफगान मीडिया के अनुसार, ये हमले नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में किए गए. अफगान प्रसारक टोलोन्यूज ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया “पाकिस्तानी सेना ने प्रांत के बेहसूद जिले में एक नागरिक के घर को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप परिवार के 23 सदस्य मलबे के नीचे दब गए. अब तक केवल चार लोगों को ही बाहर निकाला जा सका है और बचाव अभियान अभी भी जारी है.”

कितने लोगों की गई जान?

‘अफगानिस्तान डिफेंस’ नाम से संचालित एक सोशल मीडिया अकाउंट ने दावा किया कि बेहसूद जिले में एक ही परिवार के 19 सदस्य घटना के समय घर में मौजूद थे. पोस्ट के अनुसार, केवल दो लोग ही जीवित बचे जबकि बाकी सभी की मौत हो गई. इस दावे के साथ मृतकों की सूची भी साझा की गई है. हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और दोनों देशों की सरकारों की ओर से आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है.

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