क्यों कह रहे हो कि हमारे बंदे नहीं, ये कार्ड देखो? शाहबाज़ की बात सुनकर गिड़गिड़ाने लगे पाक सैनिक- देखें VIDEO
बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाया, 22 फरवरी तक रिहाई की मांग; पाकिस्तान सरकार खामोश.
पाकिस्तान में बलूचिस्तान की संवेदनशील स्थिति एक बार फिर चर्चा में है. अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने कई पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के जवानों को अपने कब्जे में ले लिया है. यह आरोप उस समय सामने आया है जब पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि उनके कोई सैनिक गायब नहीं हैं. BLA ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें कम से कम आठ पाकिस्तानी सेना के जवान दिखाई दे रहे हैं और वह पाकिस्तान सरकार से अपनी रिहाई की अपील कर रहे हैं.
BLA ने यह कदम तब उठाया है जब उसने पाकिस्तान सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया था कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो बंदी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा. यह अल्टीमेटम 22 फरवरी को समाप्त होने वाला है. वीडियो में जवान अपने आईडी कार्ड और पहचान पत्र दिखाते हुए खुद को पाकिस्तानी सैनिक बताने का आग्रह कर रहे हैं.
BLA के मुताबिक ये जवान कौन हैं?
BLA के मीडिया विंग Hakkal द्वारा जारी वीडियो में बंधक सैनिक अपने सरकारी पहचान पत्र दिखाते हुए कहते हैं, कैसे सेना कह सकती है कि हम उनके कर्मचारी नहीं हैं? यह कार्ड किसका है?" एक अन्य जवान ने कहा, "मेरी पहचान पत्र देखो; पाकिस्तान ने इसे मुझे जारी किया है… मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मेरे पिता विकलांग हैं, और मैं घर में सबसे बड़ा हूं. हम पर अन्याय न करें." BLA का दावा है कि यह जवान "ऑपरेशन हीरोफ" के दूसरे चरण के दौरान पकड़े गए थे. संगठन ने कहा कि कुछ जवान जिन्हें स्थानीय पुलिस और बलूच समुदाय से जोड़ा गया था, उन्हें पहले ही रिहा कर दिया गया.
पाकिस्तान का रुख क्या है?
पाकिस्तानी सेना ने BLA के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि उनके किसी भी जवान के गायब होने की सूचना नहीं है और न ही कोई बंदी हैं. पाकिस्तान सरकार और सेना ने अब तक BLA द्वारा जारी वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में अपनी मौजूदगी को "अधिकार जमाना" नहीं माना है और BLA को आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है. अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम समेत कई देशों ने भी BLA को आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी है.
क्या BLA ने शर्त रखी है?
BLA ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान सरकार तुरंत वार्ता नहीं शुरू करती है, तो बंदी सैनिकों को मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है. संगठन का कहना है कि यदि सरकार वार्ता में शामिल होती है, तो बंदी सैनिकों का आदान-प्रदान बलूच बंदियों के बदले किया जा सकता है. BLA ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान की ओर से अब तक कोई पहल नहीं हुई और उनके सैनिकों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया. संगठन का कहना है कि वार्ता तुरंत शुरू होनी चाहिए क्योंकि केवल तीन दिन बचे हैं.




