'नाक से खून और उल्टियां, फटने लगा था सिर'; चश्मदीद गार्ड ने बताया US ने सोनिक हाथियार से वेनेज़ुएला के सैनिकों को किया बेकाबू
वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान चश्मदीद गार्ड ने दावा किया कि US सैनिकों ने एक रहस्यमयी सोनिक हथियार का इस्तेमाल किया. इससे वेनेज़ुएला के सैनिकों को नाक से खून बहने और उल्टियां होने लगीं, जबकि कुछ का सिर फटने जैसा महसूस हुआ. ऑपरेशन में अमेरिकी बलों ने ड्रोन और हेलीकॉप्टर के साथ अचानक रडार सिस्टम को बेअसर कर दिया और बेहद उन्नत तकनीक से इलाके पर कब्जा कर लिया.;
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है. एक वेनेज़ुएला सुरक्षा गार्ड के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी बलों ने एक पहले कभी न देखे गए रहस्यमयी हथियार का इस्तेमाल किया, जिससे सैनिक नाक से खून बहने लगे और खून की उल्टियाँ होने लगीं. यह बयान व्हाइट हाउस प्रेस सचिव द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
गवाह के अनुसार यह हथियार कुछ ऐसा था जिसे वे “बहुत तीव्र ध्वनि की लहर” के रूप में महसूस कर रहे थे, जिसने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और वे खड़े भी नहीं रह पाए. इस घटना ने दुनिया भर में सैद्धांतिक और तकनीकी सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वास्तव में सोनिक या डायरेक्टेड एनर्जी तकनीक का इस्तेमाल हुआ.
अमेरिकी सैन्य अभियान और ‘रहस्यमयी हथियार’ का दावा
3 जनवरी 2026 को आयोजित ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विशेष बलों ने ड्रोन, हेलीकॉप्टर और लगभग 20 सैनिकों के साथ वेनेज़ुएला के रडार सिस्टम को अचानक बेअसर कर दिया. उसी के बाद आतंक की स्थिति पैदा हुई और सैनिकों पर ‘अज्ञात शक्ति’ का असर महसूस होने लगा. गवाह का कहना था. 'यह कुछ ऐसा था जैसे मेरे सिर के अंदर से धमाका हो रहा हो… हम सब नाक से खून बहाने लगे और खून की उल्टियां होने लगीं…'
तकनीक कैसे लग रही है? सोनिक या डायरेक्टेड एनर्जी?
कुछ सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध में उपयोग होने वाला यह हथियार सोनिक वेपन या डायरेक्टेड एनर्जी डिवाइस जैसा हो सकता है. इन तकनीकों में उच्च-ऊर्जा ध्वनि तरंगों या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा का इस्तेमाल होता है, जिससे लक्ष्य की शरीर क्रिया प्रभावित होती है. हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
गार्ड का ‘बेहद उन्नत’ तकनीक का अनुभव
गवाह ने बताया कि अमेरिकी बलों के हथियार और तकनीक “ऐसी थी जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखी.” उसने दावा किया कि उनके पास न तो प्रतिक्रिया देने का समय था और ना ही वे मुकाबला कर पाए. उसने यह भी कहा कि 'हम सैंकड़ों थे, लेकिन हमारे पास उनके तकनीक के सामने लड़ने का कोई मौका नहीं था.”
व्हाइट हाउस की चुप्पी
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने इस गवाह बयान को सोशल प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया, लेकिन किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं दी कि क्या वास्तव में कोई ‘सोनिक’ या विशेष हथियार इस्तेमाल हुआ था. पत्रकारों ने इस बारे में पूछताछ की है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया है.
वैकल्पिक स्पष्टीकरण और विशेषज्ञ राय
कुछ सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सेना वर्षों से डायरेक्टेड एनर्जी वेलपनों और उच्च शक्ति वाले ध्वनि हथियारों का अध्ययन कर रही है. ये प्रणालियाँ माइक्रोवेव, लेज़र्स और साउंड वेव तकनीक का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन इनका वास्तविक ऑपरेशनल इस्तेमाल बेहद दुर्लभ है.
वैश्विक चिंता और सुरक्षा चर्चा
इस गवाह बयान ने लैटिन अमेरिका और विश्व स्तर पर चिंता को बढ़ा दिया है कि भविष्य के युद्ध में ऐसी तकनीकों का उपयोग कितना खतरनाक प्रभाव डाल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल की अफवाहें भी क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं.