ट्रंप ने कर ली ईरान पर हमले की Full तैयारी! देखते ही गोली मारने का आदेश, देखिए बवाल के वीडियो- Top Updates
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव के बीच बेहद सख्त रुख अपनाया है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई के सभी विकल्प खुले हैं और जरूरत पड़ी तो तत्काल हमला किया जा सकता है. इस बीच ईरान ने भी अमेरिका और इजरायल को खुली चेतावनी दी है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया में हालात बेहद विस्फोटक बना दिए हैं.
ईरान में सत्ता के खिलाफ उठी चिंगारी अब भड़कती आग बन चुकी है. देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों ने तीसरे हफ्ते में कदम रख लिया है और रविवार को एक बार फिर तेहरान और मशहद जैसी बड़ी सड़कों पर हजारों लोग उतर आए. हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल बताए जा रहे हैं.
इस बीच पश्चिम एशिया में तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. ईरान के अंदर जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और इजरायल की गतिविधियों ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और इजरायल के हाई अलर्ट ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह संकट अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा.
तीसरे हफ्ते में भी नहीं थमे प्रदर्शन, सड़कों पर फिर उमड़ा जनसैलाब
रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे बड़े शहर मशहद में एक बार फिर भारी संख्या में लोग सड़कों पर दिखाई दिए. आर्थिक बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी से नाराज जनता सरकार के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रही है. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक 116 नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं.
इजरायल हाई अलर्ट पर, अमेरिकी हमले की आशंका
इसी बीच इजरायल को हाई अलर्ट पर रखा गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच इस मुद्दे पर फोन पर बातचीत भी हुई है.
ट्रंप की खुली चेतावनी: 'USA stands ready to help!!!'
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में चेतावनी दी. ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा कि 'ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है, शायद पहले कभी नहीं देखा होगा. अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह तैयार है.' अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप ईरानी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसा के जवाब में सीमित लेकिन प्रभावी हमलों की मंजूरी दे सकते हैं.
गैर-सैन्य ठिकानों पर भी हमले के विकल्प
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के सामने जो विकल्प रखे गए हैं, उनमें तेहरान के कुछ गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले भी शामिल हैं. वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये विकल्प सीधे उन सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बना सकते हैं, जो प्रदर्शनों को कुचलने में हिंसा का इस्तेमाल कर रही हैं.
ईरान की पलटवार की धमकी: अमेरिका-इजरायल होंगे निशाने पर
अमेरिकी चेतावनियों के जवाब में ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ ने संसद में नारेबाजी के बीच कहा कि “यदि ईरान पर हमला होता है, तो तथाकथित कब्ज़े वाला क्षेत्र और इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने, बेस और जहाज़ हमारे वैध निशाने होंगे. उन्होंने आगे चेतावनी दी कि ईरान किसी भी खतरे के संकेत पर प्री-एम्प्टिव एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगा.
महसा अमीनी से शुरू हुई चिंगारी, आर्थिक संकट ने भड़काई आग
ईरान में यह विरोध प्रदर्शन 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं. मौजूदा प्रदर्शन 28 दिसंबर को शुरू हुए, जब ईरानी रियाल की कीमत गिरने और बेकाबू महंगाई ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया.
इंटरनेट बंद, फिर भी सामने आ रहे वीडियो
सरकार ने हालात काबू में करने के लिए देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं. इसके बावजूद सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए सामने आए वीडियो में उत्तरी तेहरान के पुनक इलाके में प्रदर्शनकारी मोबाइल की रोशनी जलाकर सड़कों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं.
मध्य-पूर्व में बढ़ता खतरा, दुनिया की नजरें टिकीं
ईरान के अंदर जारी हिंसा और अमेरिका-इजरायल की सक्रियता ने पूरे मध्य-पूर्व को तनाव के मुहाने पर ला खड़ा किया है. आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन का अगला कदम यह तय करेगा कि यह संकट सिर्फ सड़कों तक सीमित रहेगा या वैश्विक टकराव की शक्ल ले लेगा.





