खतरे में ख़ामेनेई की सत्ता! इंटरनेट बंद, एयरस्पेस सील; 110 शहरों में भड़की बगावत के क्या हैं मायने?
ईरान में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब खुली बगावत में बदलते दिख रहे हैं. राजधानी तेहरान समेत देश के 30 से ज्यादा प्रांतों और 110 शहरों में हिंसा, आगजनी और सुरक्षा बलों से झड़प की खबरें हैं. आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से भड़की जनता सड़कों पर उतर आई है. हालात बिगड़ते देख सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और पूरे देश का एयरस्पेस सील कर दिया. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनी दी है.;
ईरान में सत्ता के खिलाफ गुस्सा अब खुली बगावत का रूप ले चुका है. सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के खिलाफ विरोध प्रदर्शन राजधानी तेहरान से निकलकर देश के कोने-कोने तक फैल गए हैं. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि 31 में से 30 प्रांतों में हिंसा, आगजनी और टकराव की खबरें सामने आ रही हैं. 110 से ज्यादा शहरों में सड़कों पर अराजकता है और सरकारी तंत्र दबाव में दिख रहा है.
तेहरान की सड़कों पर पूरी रात हिंसा का नजारा देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हुई, जिसमें पुलिस की गाड़ियां जलाई गईं और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया गया. कई इलाकों में बैरिकेड्स तोड़े गए और गली-गली आगजनी की घटनाएं हुईं. राजधानी में हालात इतने खराब हो गए कि प्रशासन को सड़कों पर आवाजाही सीमित करनी पड़ी.
सैनिकों और पुलिस पर हमले, सिस्टम चरमराया
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ जगहों पर सैनिकों और पुलिसकर्मियों को भीड़ ने घेर लिया. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में पुलिस जवानों के साथ मारपीट और मॉब लिंचिंग के दावे किए जा रहे हैं. इससे साफ है कि गुस्सा सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ फूट पड़ा है.
इंटरनेट और संचार सेवाएं ठप
प्रदर्शन तेज होते ही सरकार ने डिजिटल नकेल कस दी. देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं या तो बंद कर दी गईं या उनकी स्पीड बेहद कम कर दी गई. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्थाओं ने ईरान में बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी टूटने की पुष्टि की. विदेशों से ईरान में कॉल करने की कोशिशें नाकाम रहीं, जिससे साफ है कि सरकार सूचना के प्रवाह को रोकने की कोशिश कर रही है.
कुर्द इलाकों में बंद, आर्थिक विरोध को समर्थन
ईरान के कुर्द बहुल इलाकों कुर्दिस्तान, पश्चिम अज़रबैजान, केरमानशाह और इलाम में विरोध ने अलग रूप ले लिया. 50 से ज्यादा शहरों में बाजार और दुकानें बंद रहीं. इसे देशव्यापी आंदोलन के साथ एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. व्यापारियों और आम लोगों ने आर्थिक संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरकर सरकार को सीधी चुनौती दी है.
मौतें, गिरफ्तारियां और मानवाधिकार चिंता
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 38 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि सरकार इन आंकड़ों पर चुप है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है. मानवाधिकार समूहों का कहना है कि हालात 2022 के महसा अमीनी आंदोलन से भी ज्यादा गंभीर हो सकते हैं.
निर्वासित युवराज का आह्वान
इन प्रदर्शनों की खास बात यह है कि ये काफी हद तक नेतृत्वहीन रहे हैं. हालांकि ईरान के निर्वासित युवराज के आह्वान ने आंदोलन को नया प्रतीक दिया है. कई शहरों में पूर्व शाह के समर्थन में नारे लगते सुने गए हैं. सवाल यह है कि क्या विदेश से आने वाले संदेश इस आंदोलन को संगठित दिशा दे पाएंगे या यह जनाक्रोश स्वतः आगे बढ़ता रहेगा.
आर्थिक संकट बना विस्फोट की वजह
ईरान में यह उबाल अचानक नहीं आया. पिछले महीने तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से शुरू हुआ विरोध अब राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है. ईरानी मुद्रा रियाल की गिरावट, महंगाई, बेरोजगारी और पश्चिमी प्रतिबंधों ने जनता को सड़क पर उतरने को मजबूर किया. सरकार के तमाम आश्वासनों के बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे.
अंतरराष्ट्रीय दबाव और ट्रंप की चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान पर नजरें टिकी हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई तो अमेरिका कड़े कदम उठाएगा. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आवाज़ को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इससे ईरान की मुश्किलें कूटनीतिक स्तर पर भी बढ़ गई हैं.
शासन की बढ़ती घबराहट
बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने देश का एयरस्पेस बंद कर दिया है. तेहरान का मुख्य एयरपोर्ट ठप कर दिया गया और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं. यह कदम दिखाता है कि खामेनेई शासन हालात को लेकर कितना चिंतित है. सड़कों पर उबाल और सत्ता के गलियारों में डर—ईरान इस वक्त अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है.