Operation Roaring Lion: 200 लड़ाकू विमान, 500 ठिकाने; Israel ने Tehran के दिल पर किया बड़ा हमला, ड्रोन वीडियो जारी

Israel ने दावा किया है कि उसने Tehran के बीचों-बीच ईरानी शासन से जुड़े ठिकाने पर बड़ा हमला किया है. यह कार्रवाई 'Operation Roaring Lion' के तहत अमेरिका के साथ मिलकर चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और कमांड सिस्टम को कमजोर करना बताया जा रहा है.

IDF ने ईरान पर हमले का जारी किया ड्रोन वीडियो

(Image Source:  /x.com/IDF )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 1 March 2026 4:58 PM IST

Iran Israel US Conflict: Israel Defense Forces (IDF) ने ड्रोन से शूट किया गया एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मध्य तेहरान की एक इमारत पर सटीक हमला दिखाया गया है. इजरायल का दावा है कि यह हमला 'ईरानी शासन के मुख्यालय' पर किया गया. यह 'Operation Roaring Lion' शुरू होने के बाद राजधानी के बीचों-बीच ऐसा पहला हमला है.

वीडियो में घनी आबादी वाले इलाके की एक बिल्डिंग पर मिसाइल गिरती दिखती है, जिसके बाद वहां से धुआं उठता नजर आता है. IDF ने इसे 'शासन के ढांचे को खत्म करने' की कार्रवाई बताया और कहा कि यह उन ठिकानों पर हमलों का हिस्सा है जिन्हें इजरायल 'रेजीम इंफ्रास्ट्रक्चर' मानता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस इमारत को निशाना बनाया गया वह ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि इजरायल ने आधिकारिक तौर पर IRIB का नाम नहीं लिया और सिर्फ 'शासन के ठिकाने' और 'कमांड सेंटर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.

ऑपरेशन 'Roaring Lion' क्या है?

इज़राइल का कहना है कि इस ऑपरेशन का पहला लक्ष्य ईरान के आसमान पर नियंत्रण (एयर सुपीरियोरिटी) हासिल करना है, ताकि आगे राजधानी तक रास्ता साफ किया जा सके. Israeli Air Force (IAF) के अनुसार, इस मिशन में करीब 200 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और पश्चिमी व मध्य ईरान में लगभग 500 ठिकानों पर सैकड़ों बम गिराए गए. इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और सैन्य कमांड सेंटर शामिल बताए गए. IDF ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी Tabriz (ईरान) के एयरपोर्ट पर खड़े ईरानी वायुसेना के दो लड़ाकू विमान, F-5 और F-4, को उस समय निशाना बनाया जब वे उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे.  यह हमला इसलिए किया गया ताकि ईरान की एयरफोर्स की गतिविधियों को कमजोर किया जा सके और उसके एयर डिफेंस सिस्टम को और नुकसान पहुंचाया जा सके.

क्या अमेरिका भी है शामिल?

  • ईरान पर हमले की कार्रवाई सिर्फ इज़राइल की नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है.
  • अमेरिकी रक्षा विभाग US Department of Defense ने अपने अभियान को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है.
  • शनिवार को दोनों देशों की सेनाओं ने Isfahan, Qom, Karaj और Kermanshah समेत कई शहरों में हमले किए.
  • इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इन ऑपरेशनों का मकसद ईरान से आने वाले खतरों को खत्म करना और वहां के लोगों को शासन के खिलाफ खड़ा होने के लिए प्रेरित करना है.
  • अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे 'बड़ा सैन्य अभियान' बताया और कहा कि यह ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े 'तत्काल खतरे' को खत्म करने के लिए किया जा रहा है.

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