Strait of Hormuz, Operation Epic Fury, तेल संकट से लेकर Iran War के खात्मे तक...अपने संबोधन में Donald Trump ने क्या-क्या कहा?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के साथ जारी युद्ध, Operation Epic Fury और तेल संकट पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि जंग अपने आखिरी चरण में है और जल्द ही हालात पूरी तरह बदल सकते हैं.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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Donald Trump Address America: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को प्राइम टाइम में देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ईरान के साथ चल रही जंग और अलग-अलग मुद्दों पर बात रखी. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अपने अंतिम चरण में है और यह जल्द खत्म हो सकता है.

इसके साथ ही, उन्होंने तेल संकट से जूझ रहे देशों को सलाह दी कि वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर Strait of Hormuz के जरिए खुद तेल हासिल करें. ट्रंप का कहना था कि जिन देशों का तेल इस रास्ते से आता है वह ईरान से खुद निपटें. ज्ञात हो कि ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को खासतौर पर विरोधी देशों के लिए ब्लॉक कर दिया है.

जंग खत्म करने पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप ने दोहराया कि यह युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर हालात पूरी तरह बदल सकते हैं. उनके मुताबिक, अमेरिकी सेना इस दौरान ईरान पर हमले जारी रखेगी. उन्होंने कहा, “अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन्हें पूरी तरह कमजोर कर देंगे.”

हालांकि, अमेरिका के भीतर इस युद्ध को लेकर लोगों में थकान और असंतोष बढ़ रहा है. ट्रंप की लोकप्रियता पर भी इसका असर पड़ा है. ऐसे में उन्होंने यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि युद्ध सीमित है और जल्द खत्म हो जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर अमेरिकी इस युद्ध के खिलाफ हैं और बढ़ती ईंधन कीमतों से परेशान हैं.

तेल संकट पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को तेल की कमी का सामना करना पड़ रहा है, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं या फिर खुद होर्मुज जाकर इसे हासिल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का कारण ईरान की कार्रवाई है. ट्रंप के अनुसार, ईरान ने तेल टैंकरों और उन देशों पर हमले किए हैं जिनका इस युद्ध से कोई सीधा संबंध नहीं है.

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, खासतौर पर परमाणु हथियारों के मामले में. उनके मुताबिक, अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए तो वह उनका इस्तेमाल कर सकता है, जिससे दुनिया में लंबे समय तक अस्थिरता और आर्थिक संकट पैदा हो सकता है.

अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आर्थिक रूप से इस संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, “हमने इतिहास की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई है. एक साल में हमने एक कमजोर देश को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बना दिया. हमारे यहां महंगाई नहीं है, रिकॉर्ड निवेश आ रहा है और शेयर बाजार ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं.” उन्होंने अपने “Drill, Baby, Drill” कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका के पास ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है.

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए चलाया जा रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में चुनाव अभियान शुरू करते समय ही उन्होंने वादा किया था कि वह ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ काम करता रहा है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान समर्थित समूहों पर अतीत में कई हमलों का आरोप रहा है, जिनमें बेरूत में मरीन बैरक पर हमला, USS Cole पर हमला, सड़क किनारे बम धमाके और October 7 attacks in Israel जैसी घटनाएं शामिल हैं. ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ये सभी घटनाएं दिखाती हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना क्यों जरूरी है.

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