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50 साल बाद चांद के पार इंसान, 4 लोगों की टीम रचेगी इतिहास, जानें NASA के Artemis-II मिशन के बारे में

करीब 50 साल पहले, 1972 में Apollo 17 के साथ इंसानों ने आखिरी बार चांद पर कदम रखा था. उसके बाद से अब तक कोई भी मानव पृथ्वी की कक्षा (Orbit) से बाहर नहीं गया. अब NASA Artemis-II मिशन के जरिए इंसानों को चांद के पास भेजा जाएगा, जो भविष्य में चांद पर उतरने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

Artemis-II mission
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क्या है NASA का Artemis-II मिशन 

( Image Source:  instagram-@nasa )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 1 April 2026 6:25 PM IST

करीब 50 साल बाद इंसान एक बार फिर चांद के पार जाने की तैयारी में है. NASA का Artemis II मिशन अंतरिक्ष इतिहास में एक नया चैप्टर जोड़ने जा रहा है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों की टीम चांद के आसपास की यात्रा करेगी. यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से अहम है, बल्कि भविष्य में चांद पर इंसानी वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

इस मिशन के जरिए अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर उतरेंगे नहीं, बल्कि उसके चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे. करीब 9.6 लाख किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान वे गहरे अंतरिक्ष की चुनौतियों का सामना करेंगे और कई नए रिकॉर्ड बना सकते हैं. Artemis-II को आने वाले Artemis-III मिशन की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जो इंसानों को फिर से चांद पर उतारने का लक्ष्य रखता है.

क्या है Artemis-II मिशन?

Artemis II NASA का पहला ऐसा मिशन होगा जिसमें इंसान सवार होकर चांद के पास जाएंगे. इससे पहले 2022 में Artemis-I बिना इंसानों के सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया था. इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद पर उतरेंगे नहीं, बल्कि उसके चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर लौट आएंगे. यह पूरी यात्रा “फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी” पर होगी, यानी चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति ही यान को वापस पृथ्वी की ओर मोड़ देगी. करीब 9.6 लाख किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) की चुनौतियों जैसे रेडिएशन और कम्युनिकेशन ब्लैकआउट का सामना करेंगे.

क्यों खास है यह मिशन?

Artemis-II कई रिकॉर्ड बना सकता है. यह मिशन इंसानों को पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तक ले जाएगा, जो Apollo 13 के रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है. इसके अलावा, वापसी के दौरान अंतरिक्ष यान की गति अब तक की सबसे तेज़ (करीब 40,000 किमी/घंटा) हो सकती है. सबसे बड़ी बात, यह मिशन भविष्य के Artemis-III के लिए रास्ता तैयार करेगा, जिसमें इंसानों को चांद के साउथ पोल पर उतारने की योजना है.

कौन-कौन जाएंगे इस मिशन पर?

इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:

  • Reid Wiseman (कमांडर)
  • Victor Glover (पायलट)
  • Christina Koch (मिशन स्पेशलिस्ट)
  • Jeremy Hansen (मिशन स्पेशलिस्ट)

यह टीम कई मायनों में खास है. Victor Glover चांद के पार जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बनेंगे, Christina Koch पहली महिला होंगी, और Jeremy Hansen पहले गैर-अमेरिकी होंगे जो लो-अर्थ ऑर्बिट से आगे जाएंगे.

कब और कहां से होगा लॉन्च?

Artemis-II मिशन का लॉन्च 2 अप्रैल 2026 को तय किया गया है. यह उड़ान अमेरिका के Kennedy Space Center से भरी जाएगी. मौसम फिलहाल अनुकूल बताया जा रहा है, लेकिन बादल और अन्य तकनीकी कारणों के चलते लॉन्च में बदलाव भी हो सकता है. इससे पहले भी तकनीकी समस्याओं के कारण इस मिशन को टालना पड़ा था.

आगे क्या है योजना?

Artemis-II के बाद अगला बड़ा कदम Artemis III होगा, जिसमें इंसान फिर से चांद की सतह पर उतरेंगे. वैज्ञानिकों का मानना है कि चांद के साउथ पोल पर पानी की बर्फ मौजूद है, जो भविष्य में पीने के पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट फ्यूल के रूप में इस्तेमाल हो सकती है. यही वजह है कि चांद को अब सिर्फ मंजिल नहीं, बल्कि अंतरिक्ष के बड़े मिशनों के लिए लॉन्चपैड माना जा रहा है.

Artemis-II सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में इंसानी भविष्य की नई शुरुआत है. यह हमें न सिर्फ चांद के करीब ले जाएगा, बल्कि मंगल और उससे आगे की यात्राओं के लिए भी रास्ता खोलेगा.

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