क्या है Discombobulator? बिना फायर किए लाशों का लग जाता है ढेर, जानें, गुप्त ब्रह्मास्त्र के बारे में A टू Z
बिना गोली चलाए दुश्मन को पल भर में बेअसर कर देने वाला रहस्यमयी हथियार Discombobulator क्या है? क्या यह सच में मौजूद है या सिर्फ फिल्मों और सीक्रेट प्रोजेक्ट्स की दुनिया का ब्रह्मास्त्र है. वेनेजुएला से जुड़ा सच और नई जंग की पूरी कहानी पढ़िए.;
नए दौर में दुनिया भर में जंग का तरीका बदल गयसा है. अब जंग सिर्फ गोलियों और मिसाइलों से नहीं लड़ी जाती. टेक्नोलॉजी के दौर में ऐसे हथियारों की चर्चा तेज है, जो बिना फायर किए दुश्मन को ढेर कर सकते हैं. इन्हीं रहस्यमयी नामों में एक है डिस्कॉम्बोबुलटोर. नाम सुनते ही लगता है, जैसे कोई साइंस फिक्शन फिल्म का सीन हो, लेकिन सवाल यही है कि क्या Discombobulator वाकई कोई गुप्त ब्रह्मास्त्र है, या फिर यह सिर्फ अफवाहों और फिल्मों की देन? भारत में ‘ब्रह्मास्त्र’ शब्द आते ही महाभारत की याद आ जाती है और शायद इसी वजह से ऐसे हथियारों को लेकर जिज्ञासा और भी बढ़ जाती है. आइए, पूरे मामले को परत-दर-परत समझते हैं.
Discombobulator क्या है?
Discombobulator शब्द का मतलब होता है किसी को भ्रमित कर देना, विरोधी की सभी तैयारियों का संतुलन बिगाड़ देना. हथियारों की भाषा में इसका इस्तेमाल ऐसे डिवाइस के लिए किया जाता है, जो दुश्मन के दिमाग, इंद्रियों या तंत्रिका तंत्र को इस कदर प्रभावित कर दे कि वह लड़ने लायक ही न बचे.
फिल्मों से निकला नाम, या सच में हथियार?
Discombobulator नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया 2009 की हॉलीवुड फिल्म Sherlock Holmes के बाद, जहां रॉबर्ट डाउनी जूनियर इसे हाथापाई में इस्तेमाल करते दिखे. यहीं से भ्रम पैदा हुआ कि यह कोई रियल वर्ल्ड गुप्त हथियार है. हकीकत यह है कि Discombobulator कोई आधिकारिक सैन्य हथियार नहीं, बल्कि एक कॉन्सेप्ट टर्म है, जो अलग-अलग नॉन-लेथल वेपन टेक्नोलॉजी को समझाने के लिए इस्तेमाल की जाती है.
बिना फायर किए दुश्मन को कैसे करता है बेअसर?
1. साउंड और अल्ट्रासोनिक वेव्स
रहस्यमयी हथियार Discombobulator आमतौर पर इन तकनीकों पर आधारित माने जाते हैं. तेज या खास फ्रीक्वेंसी की आवाज इंसान के दिमाग में चक्कर, उलझन और घबराहट पैदा कर सकती है. भीड़ नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले LRAD जैसे सिस्टम इसी श्रेणी में आते हैं.
2. माइक्रोवेव और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेपन
Discombobulator को लेकर कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि माइक्रोवेव एनर्जी से व्यक्ति को अचानक कमजोरी, सिरदर्द या बेहोशी हो सकती है. इसे ही कई लोग Discombobulator जैसा प्रभाव मानते हैं.
3. न्यूरोलॉजिकल इफेक्ट
कुछ थ्योरी कहती हैं कि भविष्य में ऐसे हथियार विकसित हो सकते हैं, जो सीधे दिमाग के सिग्नल्स को बाधित कर दें. बिना खून बहाए दुश्मन को निष्क्रिय करना. दुश्मन कुछ समझ ही न पाए. जब तक समझे, तब तक जंग का पासा पलट चुका होता है.
4. 'लाशों का ढेर' वाला दावा कितना सच?
यहां समझने के लिए सबसे जरूरी बात यह है आखिर Discombobulator 'बिना फायर किए लाशों का ढेर' बनना अजूबा जैसा लगता है. असल में, जिन टेक्नोलॉजी को इससे जोड़ा जाता है, वे ज्यादा त्रज़्यादातर नॉन-लेथल (Non-Lethal) मानी जाती हैं. हां, गलत इस्तेमाल या अधिक तीव्रता में ये जानलेवा भी हो सकती हैं, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं कि Discombobulator नाम का कोई हथियार बड़े पैमाने पर मौतें कर चुका हो.
5. दुनिया की सेनाएं ऐसे हथियारों पर काम कर रही हैं?
अमेरिका, रूस, चीन समेत कई देश Directed Energy Weapons और Non-Lethal Warfare पर रिसर्च कर रहे हैं. भारत में भी DRDO भीड़ नियंत्रण और नॉन-लेथल टेक्नोलॉजी पर काम कर चुका है. हालांकि, किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर Discombobulator नाम के हथियार को स्वीकार नहीं किया.
दरअसल, Discombobulator एक पॉपुलर टर्म और कॉन्सेप्ट है. फिल्मों और अफवाहों ने इसे 'गुप्त ब्रह्मास्त्र' कहा गया है. असल दुनिया में इसके जैसी तकनीकें मौजूद हैं, लेकिन सीमित और नियंत्रित रूप में. Discombobulator सुनने में भले ही महाभारत के ब्रह्मास्त्र जैसा लगे, लेकिन फिलहाल यह साइंस-फिक्शन, सीक्रेट रिसर्च और कल्पना का मिश्रण है. फिर भी, जिस रफ्तार से टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाले समय में बिना गोली चलाए जंग जीतने वाले हथियार हकीकत बन जाएं. इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता.
पिछले कुछ समय से इसकी चर्चा इसलिए है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था. माना जा रहा है कि इसके लिए अमेरिकी सेना ने Discombobulator हथियार का इस्तेमाल किया था. नए हथियार ने वेनेजुएला के उपकरणों को काम करने से रोक दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि अमेरिकी सेना सीधे मादुरों के आवास में घुसकर उन्हें गिरफ्तार करने में सफल हुई और उसे अमेरिका लेकर चली गई.
वेनेजुएला कनेक्शन: क्यों फिर चर्चा में आया
इससे साफ है कि वेनेजुएला के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को डिसेबल और बाधित करने में सक्षम था और अमेरिकी सेना को बिना किसी नुकसान के और एक भी अमेरिकी जान गंवाए बिना रेड करने की इजाजत दी. बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने इस महीने की शुरुआत में राजधानी काराकास में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से पकड़ने के सैन्य ऑपरेशन के दौरान एक नए हथियार सिस्टम 'डिस्कॉम्बोबुलेटर' का इस्तेमाल किया था.