Israel के एयर डिफेंस सिस्टम का Iran ने निकाला तोड़! दागी 'Dancing Missile', जानें कितना घातक है तेहरान का ये हथियार

Iran Dancing Missile: ईरान ने इजराइल के खिलाफ हमले में पहली बार सेज्जिल यानी ‘डांसिंग मिसाइल’ का इस्तेमाल किया है. यह मिसाइल हवा में दिशा बदलने की क्षमता के कारण मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम मानी जाती है.

( Image Source:  X- @Thxplainer )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 16 March 2026 8:24 AM IST

Iran Dancing Missile: ईरान ने रविवार को इजराइल और अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई उन्नत मिसाइलें दागीं. ईरानी समाचार माध्यम प्रेस टीवी के अनुसार, इन हमलों में सेज्जिल मिसाइल का भी इस्तेमाल किया गया, जिसका उपयोग 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद पहली बार किया गया है.

सेज्जिल एक स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित दो चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो ठोस ईंधन से चलती है. इसे अन्य नामों से भी जाना जाता है, जैसे सज्जिल, आशूरा और अशुरा मिसाइल. इसके साथ ही इसे डांसिल मिसाइल भी कहा जाता है.

सेज्जिल मिसाइल क्या है?

  • ईरान की सेज्जिल-2 एक दो चरणों वाली, ठोस ईंधन से चलने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी अनुमानित मारक क्षमता करीब 2000 किलोमीटर है और यह लगभग 700 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है.
  • ऊंचाई पर उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता के कारण इसे 'डांसिंग मिसाइल' भी कहा जाता है. यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जैसे आयरन डोम, से बचने में सक्षम मानी जाती है.
  • सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के अनुसार, यह मिसाइल लगभग 18 मीटर लंबी है. इसका मोटाई करीब 1.25 मीटर है और इसका कुल वजन लगभग 23,600 किलोग्राम है.
  • इस मिसाइल में ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे रणनीतिक रूप से ज्यादा प्रभावी बनाता है. ठोस ईंधन होने की वजह से इसे पुराने तरल ईंधन वाले सिस्टम, जैसे शाहाब सीरीज की मिसाइलों की तुलना में जल्दी तैयार किया जा सकता है और जल्दी लॉन्च किया जा सकता है.
  • सेज्जिल मिसाइल के डिजाइन पर काम 1990 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था.
  • सीएसआईएस के अनुसार, इसका पहला परीक्षण 2008 में किया गया था, जिसमें मिसाइल ने करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय की थी. इसके बाद मई 2009 में दूसरा परीक्षण किया गया, जिसका उद्देश्य बेहतर गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण करना था.
  • 2009 के बाद इस मिसाइल के चार और उड़ान परीक्षण किए जा चुके हैं. छठे परीक्षण के दौरान यह मिसाइल करीब 1900 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए हिंद महासागर तक पहुंची थी.

कैसे शुरू हुई इजराइल और ईरान की जंग?

  • यह संघर्ष उस समय और बढ़ गया जब पिछले महीने अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर संयुक्त हमले किए. इन हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद पूरे मध्य पूर्व में युद्ध और फैल गया.
  • इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए. वहीं इजराइल और अमेरिका भी लगातार ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं.
  • रिपोर्टों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर लोग ईरान के हैं.
  • पेंटागन का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल की सेनाएं ईरान के अंदर 15,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले कर चुकी हैं.
  • अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने क्षेत्र में यूएसएस ट्रिपोली नाम का उभयचर हमला करने वाला युद्धपोत भी भेजा है. इसके साथ लगभग 2500 मरीन सैनिक भी तैनात किए गए हैं, क्योंकि क्षेत्र में लड़ाई लगातार जारी है.

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