मिडिल ईस्ट युद्ध का नया मोर्चा? Strait of Hormuz के बाद अब Bab-el-Mandeb पर मंडराया खतरा, हूती विद्रोहियों ने दी चेतावनी
ईरान के कारण Strait of Hormuz में तेल सप्लाई प्रभावित होने के बाद अब यमन के हूती विद्रोहियों ने Bab el-Mandeb Strait को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. अगर यह समुद्री मार्ग भी बाधित होता है तो वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है. विशेषज्ञ इसे संभावित वैश्विक ऊर्जा संकट की शुरुआत मान रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है. पहले Strait of Hormuz के बंद होने से दुनिया की तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ा था, और अब यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे Bab el‑Mandeb Strait को भी निशाना बना सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो यह दुनिया की दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल सप्लाई लाइनों को एक साथ प्रभावित कर सकता है.
दरअसल, Saudi Arabia ने ईरान द्वारा Hormuz Strait बंद किए जाने के बाद अपने तेल निर्यात का रास्ता बदल दिया है. अब वह Red Sea के जरिए तेल भेजने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस रूट से जाने वाले जहाजों को भी Bab el-Mandeb Strait से होकर गुजरना पड़ता है, जो यमन और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के बीच स्थित दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है.
इसी बीच यमन के Houthi movement के नेता Abdul Malik al‑Houthi ने संकेत दिया है कि अगर युद्ध और बढ़ता है या सऊदी अरब सीधे इसमें शामिल होता है तो उनके लड़ाके इस समुद्री मार्ग को निशाना बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनकी सैन्य कार्रवाई तुरंत शुरू हो सकती है.
Bab el-Mandeb की खास बातें
- विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Bab el-Mandeb में भी हमला या रुकावट हुई तो वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ेगा.
- यह रास्ता Suez Canal तक जाने वाले जहाजों के लिए अहम कड़ी है और एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है.
- इस बीच Saudi Aramco ने तेल सप्लाई बनाए रखने के लिए अपने East-West pipeline के जरिए खाड़ी से तेल को रेड सी के Yanbu बंदरगाह तक भेजना शुरू कर दिया है.
- यह पाइपलाइन करीब 1200 किलोमीटर लंबी है और खास तौर पर इसीलिए बनाई गई थी ताकि जरूरत पड़ने पर Hormuz Strait को बायपास किया जा सके.
- हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समाधान भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि एशिया जाने वाले जहाजों को आखिरकार Bab el-Mandeb Strait से होकर ही गुजरना पड़ता है.
- दुनिया के लगभग 75% सऊदी तेल निर्यात एशिया, खासतौर पर China, India, Japan और South Korea तक जाता है.
- बढ़ते खतरे को देखते हुए कई शिपिंग कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं. डेनमार्क की बड़ी शिपिंग कंपनी Maersk ने सुरक्षा कारणों से रेड सी के कुछ मार्गों पर जहाज भेजना फिलहाल रोक दिया है.
- विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर Hormuz के बाद Bab el-Mandeb भी बंद होता है तो दुनिया को बड़ा ऊर्जा संकट झेलना पड़ सकता है.
- कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी स्थिति 1973 के तेल संकट से भी बड़ी वैश्विक ऊर्जा समस्या पैदा कर सकती है.