किसके भरोसे ट्रंप को चैलेंज कर रहे कोलंबिया के प्रेसिडेंट गुस्तावो पेट्रो? कहा - 'देश के लिए फिर से हथियार उठाऊंगा'
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर देश की संप्रभुता पर खतरा आया तो वह “देश के लिए फिर से हथियार उठाने” से भी पीछे नहीं हटेंगे. पेट्रो के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है और सवाल उठ रहा है - आखिर वह यह चुनौती किसके भरोसे दे रहे हैं?;
लैटिन अमेरिका की राजनीति में हमेशा से मुखर रहे कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार अमेरिका की नीतियों और डोनाल्ड ट्रंप की सख्त विदेश नीति पर सीधा निशाना साधते हुए पेट्रो ने ऐसा बयान दिया है, जिसने वॉशिंगटन से लेकर बोगोटा तक राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है. पूर्व गुरिल्ला नेता रह चुके पेट्रो ने कहा, “अगर देश की आजादी और सम्मान पर आंच आई, तो मैं फिर से हथियार उठाने से नहीं डरूंगा.” अब सवाल यह नहीं है कि बयान कितना तीखा है, बल्कि यह है कि पेट्रो को इतना आत्मविश्वास आखिर किस समर्थन और ताकत से मिल रहा है?
किसके भरोसे ट्रंप को चैलेंज कर रहे हैं पेट्रो?
गुस्तावो पेट्रो कभी M-19 गुरिल्ला आंदोलन का हिस्सा रह चुके हैं. उनकी राजनीति आज भले लोकतांत्रिक हो, लेकिन उनकी छवि अब भी एक क्रांतिकारी नेता की है, जो सत्ता से टकराने से नहीं डरता. पेट्रो खुद को जनादेश से चुना गया राष्ट्रपति बताते हैं. गरीब तबकों, युवाओं और वामपंथी समर्थकों में उनकी मजबूत पकड़ है, जिसे वह अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं.
ब्राजील, वेनेजुएला, बोलीविया और चिली जैसे देशों में वामपंथी या प्रगतिशील सरकार की मौजूदगी पेट्रो को क्षेत्रीय समर्थन का भरोसा देती है. पेट्रो अमेरिका की उस नीति के आलोचक रहे हैं, जिसे वह लैटिन अमेरिका में हस्तक्षेप मानते हैं. ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति के खिलाफ खड़े होकर वह खुद को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं. गुस्तावो पेट्रो का कहना है कि उनका संघर्ष अब बंदूक नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र के तहत है. जरूरत पड़ी तो वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
पिछले सप्ताह अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करने और उसके अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के बीच तनाव बढ़ गया है. ट्रंप के बयान पर पेट्रो ने रिपब्लिकन नेता को चुनौती देते हुए कहा, "आओ मुझे पकड़ो, मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं." यह मामला तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कोलंबिया के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की धमकी दी थी. यह कहते हुए कि यह दक्षिण अमेरिकी देश भी "बहुत बीमार है."
ट्रंप ने क्या कहा?
रिपब्लिकन नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबियाई नेता को निशाना बनाते हुए कहा, "कोलंबिया पर एक बीमार आदमी का शासन है जिसे कोकीन बनाना और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका को बेचना पसंद है. पेट्रो के पास कोकीन की मिलें और कोकीन की फैक्ट्रियां हैं. वह इसे ज्यादा समय तक नहीं कर पाएगा."
ट्रंप के इसी बयान के जवाब में गुस्तावो ने एक्स पर पोस्ट में ट्रंप प्रशासन को आड़े हाथों लिया और लिखा, "जहां तक रूबियो की बात है, जो राष्ट्रपति के अधिकारों को अलग करते हैं और कहते हैं कि राष्ट्रपति सहयोग नहीं करना चाहते. जबकि अधिकारी कहते हैं, मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे कोलंबिया का संविधान पढ़ें. उनकी जानकारी पूरी तरह से गलत है. यह माफिया से पारिवारिक या व्यावसायिक रूप से जुड़े कोलंबियाई राजनेताओं के हितों का नतीजा है, जो अमेरिका और कोलंबिया के बीच संबंधों को तोड़ना चाहते हैं. ताकि दुनिया में कोकीन की नशीली दवाओं की तस्करी बढ़ जाए."
हालांकि, कोलंबिया दुनिया में कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं है, जैसा कि ट्रंप दावा करते हैं कि 2022 में चुने गए राष्ट्रपति पेट्रो अवैध ड्रग्स के कारोबार में शामिल हैं. कोलंबिया ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का भागीदार रहा है, लेकिन पिछले साल ट्रंप के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध नाटकीय रूप से बदल गए हैं.
'फिर से हथियार उठाऊंगा'
पेट्रो, जो राष्ट्रपति चुने जाने से पहले बोगोटा के मेयर थे, ने कथित तौर पर कहा, "मैंने फिर कभी हथियार न उठाने की कसम खाई थी...लेकिन मातृभूमि के लिए मैं फिर से हथियार उठाऊंगा... आओ मुझे पकड़ो. मैं यहां तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं. मुझे धमकी मत दो, अगर तुम चाहो तो मैं यहीं तुम्हारा इंतजार करूंगा."
विवाद क्या है?
अगस्त 2025 पिछले साल सितंबर में अमेरिका ने पेट्रो का वीजा रद्द कर दिया था. जब कोलंबियाई राष्ट्रपति ने अमेरिकी सैनिकों से गैर-कानूनी आदेशों को न मानने की अपील की थी. द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने कोलंबियाई नेता के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए अक्टूबर में पेट्रो, उनकी पत्नी और उनके कई करीबी सहयोगियों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए.