क्या जंग की चपेट में आ जाएगा मिडिल ईस्ट? Iran के सपोर्ट में खुलकर सामने आया China, US-Israel को दे डाली बड़ी चेतावनी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच चीन खुलकर ईरान के समर्थन में आ गया है. बीजिंग ने अमेरिका और इज़राइल से हमले रोकने की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्रीय शांति के लिए कूटनीति ही रास्ता है.
China Backs Iran’s Sovereignty, Urges US and Israel to Halt Strikes: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच चीन ने साफ संकेत दिया है कि वह ईरान के साथ खड़ा है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत में कहा कि बीजिंग ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का समर्थन करता है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर कई सैन्य हमले किए गए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है. जवाब में ईरान ने इजरायल, खाड़ी देशों और साइप्रस स्थित ब्रिटिश बेस की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.
चीन ने अमेरिका और इजरायल से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और तनाव कम करने की अपील की है. वांग यी ने कहा कि अगर हालात नहीं संभले तो पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की चपेट में आ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु विवाद का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए शांति स्थापित करने में भूमिका निभाने की इच्छा भी जताई है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा?
- बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम के पश्चिम में बेत शेमेश में ईरानी हमले वाली जगह का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' का आज तीसरा दिन है. इसका मकसद इज़रायल पर मंडरा रहे बड़े खतरे को खत्म करना है. इस अभियान में अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी समर्थन है.
- नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान की सरकार नागरिकों को निशाना बना रही है, जबकि इज़रायल केवल उन ताकतों को निशाना बना रहा है जो आतंक फैला रही हैं.
- नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें मिल गईं तो यह सिर्फ इज़रायल या अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन जाएगा.
- इज़राइली प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह अभियान सिर्फ आत्मरक्षा के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. उन्होंने ट्रंप को इस कार्रवाई में साथ देने के लिए 'दुनिया का बड़ा नेता' बताते हुए धन्यवाद भी दिया.
ईरान के साथ युद्ध में अब तक चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. वहीं, ईरान के भी 550 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध कई हफ्तों तक चल सकता है.