Iran में 555 लोगों की मौत, होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला; PM मोदी ने बहरीन-UAE से की बातचीत-TOP 10 UPDATES
इजरायल-ईरान युद्ध तेजी से फैलता जा रहा है. बेरूत, तेहरान, खाड़ी और लेबनान तक हमले हो रहे हैं. अमेरिकी सैनिकों की मौत, तेल टैंकरों पर हमले और बढ़ती तेल कीमतों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.
बेरूत से खाड़ी तक हमले, तेल कीमतों में उछाल से दुनिया चिंतित
West Asia Crisis, Iran US Israel Conflict: पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान युद्ध अब और खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है. इज़रायली सेना ने दावा किया है कि उसने बेरूत में हवाई हमले में हिज़्बुल्लाह के खुफिया मुख्यालय के प्रमुख हुसैन मकलद को मार गिराया. उधर लेबनान सरकार ने हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. इस बीच अमेरिका-ईरान टकराव भी तेज हो गया है. अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान से जुड़े हमलों में अब तक चार अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं. वहीं, कई सैनिक घायल हैं,
इस बीच, कुवैत में अमेरिका के 3 F-35E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को मार गिराया गया. हालांकि, इस दौरान तीनों विमान के पायलट सुरक्षित रहे. अमेरिका ने इसे गलती से हुई गोलीबारी की घटना बताया है. कुवैत के डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
Iran Israel US Conflict Top 10 Updates
1- ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, US-इजरायल ने ईरान के 130 से ज्यादा शहरों पर हमला किया है, जिसमें कम से कम 555 लोग मारे गए हैं. वहीं, इजरायल में 11 और लेबनान में 31 लोग मारे गए हैं.
2- ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आवास पर हमला करने का दावा किया है. हालांकि, 'टाइम्स ऑफ इजरायल' ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. वहीं, IDF का कहना है कि उसने ईरानी सरकार के इंटेलिजेंस मंत्रालय के सीनियर सदस्यों को मार गिराया है.
3- खाड़ी क्षेत्र में कई जगह हमलों की खबर है. बहरीन के बंदरगाह पर एक अमेरिकी टैंकर पर हमला हुआ, ओमान के पास तेल टैंकर पर ड्रोन बोट से हमला हुआ जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर खतरे के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होने लगी है और दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं.
4- ईरान समर्थित मिलिशिया ने इज़रायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जबकि इज़रायल ने तेहरान और लेबनान में कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. इज़रायल ने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर भी बड़े पैमाने पर हमले किए और उत्तरी सीमा पर लगभग एक लाख रिजर्व सैनिक तैनात कर दिए हैं.
5- हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी चिंता जता रही हैं. परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने चेतावनी दी है कि अगर परमाणु ठिकानों को नुकसान हुआ तो रेडिएशन फैलने का खतरा हो सकता है.
6- भारत ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि सभी पक्ष संयम बरतें. पीएम मोदी ने बहरीन और सऊदी अरब के किंग से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने ईरानी हमले की निंदा की. भारत ने इज़रायल-ईरान संकट पर कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है.
7- दिल्ली में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमरन ने बताया कि पीएम मोदी ने देर रात इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से बातचीत की. इस दौरान सभी पक्षों ने ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात पर चिंता जताई और कहा कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति ही रास्ता होना चाहिए. भारत ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि किसी भी हालत में निर्दोष नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
8- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से काफी नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने डिएगो गार्सिया द्वीप का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं करने दिया.
9- लेबनान के PM नवाफ़ सलाम ने सोमवार को घोषणा की कि लेबनान सरकार ने हिज़्बुल्लाह की मिलिट्री और सिक्योरिटी एक्टिविटी पर 'तुरंत बैन' लगा दिया है. ग्रुप से अपने हथियार सरकार को सौंपने को कहा है.
10- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद एक बयान जारी किया. इसमें उन्होंने कहा, "जब हमारे बहादुर लोग ईरान के महान नेता की कायरतापूर्ण हत्या और दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में अमेरिकी और इज़राइली मिसाइलों से मारे गए 165 मासूम बच्चों के नरसंहार पर दुख मना रहे हैं, इज़रायल और अमेरिका रिहायशी इलाकों पर अंधाधुंध हमले जारी रखे हुए हैं, न तो अस्पतालों, स्कूलों, रेड क्रिसेंट सुविधाओं और न ही सांस्कृतिक स्थलों को बख्श रहे हैं."
कुल मिलाकर, यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रहा. अब इसका असर तेल, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर साफ दिखाई देने लगा है.