बलूचिस्तान में 24 घंटे में 7 धमाके, क्वेटा में पुलिस पोस्ट और रेलवे ट्रैक पर IED हमला; दो गार्ड घायल- 2024 से अब तक 782 मौतें

बलूचिस्तान में 24 घंटों के भीतर सात धमाकों से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. क्वेटा और डेरा मुराद जमाली में पुलिस चेकपोस्ट, रेलवे ट्रैक, निर्माण कंपनी और गश्ती वाहनों को निशाना बनाया गया. IED और ग्रेनेड हमलों में बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ और दो सुरक्षा गार्ड घायल हुए. उग्रवादी गतिविधियां रविवार को भी जारी रहीं. 2024 में बलूचिस्तान में हिंसा के कारण अब तक 782 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रांत में अलगाववादी संगठनों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.;

( Image Source:  Sora_ AI )

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में पिछले 24 घंटों के भीतर कम से कम सात धमाकों की घटनाएं सामने आई हैं. क्वेटा और डेरा मुराद जमाली में संदिग्ध उग्रवादियों ने अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया. हालांकि, अभी तक किसी भी घटना में जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एक निर्माण कंपनी के दो सुरक्षा गार्ड घायल बताए जा रहे हैं.

शनिवार को क्वेटा में पुलिस चेकपोस्ट पर हैंड ग्रेनेड हमला हुआ. इसके कुछ समय बाद एंटी-टेररिज़्म विभाग (ATD) के वाहन के पास IED विस्फोट किया गया. वहीं, शाम होते-होते इसी तरह के तीन और धमाके हुए.


रेल सेवाएं हुईं ठप

क्वेटा के एसएसपी आसिफ़ खान ने बताया कि लोहर कारेज़ इलाके में धमाके की वजह से शहर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त हो गई. उग्रवादियों ने रेलवे ट्रैक पर IED लगाकर ब्लास्ट किया, ठीक उस वक्त जब क्वेटा स्टेशन के लिए ट्रेन आने वाली थी. इससे ट्रैक बुरी तरह टूट गया और रेल सेवाएं रोकनी पड़ीं.


पुलिस स्टेशन और निर्माण कंपनी पर हमलावरों ने फेंके ग्रेनेड

इसके अलावा, सरीयाब रोड स्थित एक निर्माण कंपनी पर भी हथियारबंद हमलावरों ने ग्रेनेड फेंककर हमला किया, जिसमें मशीनरी को नुकसान पहुंचा और दो गार्ड घायल हुए. मंज़ूर शहीद पुलिस स्टेशन पर भी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने दो हैंड ग्रेनेड फेंके. इनमें से एक फटा, जबकि दूसरे को बम निरोधक दस्ता ने डिफ्यूज कर दिया.


किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी

डेरा मुराद जमाली में भी एक गश्ती पुलिस वाहन पर ग्रेनेड हमला किया गया. क्वेटा के केच बेग इलाके में भी पुलिस पोस्ट को निशाना बनाया गया. हालांकि, किसी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन रविवार सुबह भी उग्रवादी गतिविधियां जारी रहीं.



लंबे समय से अलगाववादी हिंसा का केंद्र रहा है बलूचिस्तान

बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा का केंद्र रहा है. इसी साल की शुरुआत में क्वेटा में पैरामिलिट्री मुख्यालय के बाहर कार बम विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी. 3 सितंबर को एक राजनीतिक रैली में सुसाइड ब्लास्ट में 11 लोग मारे गए और 40 से ज्यादा घायल हुए.


बलूच विद्रोही गुटों से लगातार लड़ रहे पाकिस्तानी सुरक्षा बल

पाकिस्तानी सुरक्षा बल लगातार बलूच विद्रोही गुटों से लड़ रहे हैं. 2024 में अब तक प्रदेश में 782 लोग हिंसा में मारे जा चुके हैं. केवल जनवरी से अब तक 430 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या सुरक्षा बलों की है. मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक ट्रेन का अपहरण कर उसमें सवार ऑफ-ड्यूटी सैनिकों की हत्या कर दी थी. यह ताबड़तोड़ धमाके एक बार फिर बताते हैं कि बलूचिस्तान में उग्रवाद और अलगाववादी हिंसा किस स्तर पर सक्रिय है और पाकिस्तानी सुरक्षा ढांचा किस तरह चुनौती झेल रहा है.

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