खाड़ी में ‘अंधा’ हुआ अमेरिका! ईरान ने उड़ाया 5000 किमी निगरानी वाला रडार; एक हमले ने कैसे बदल दिया युद्ध का समीकरण?

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक हमले ने अमेरिका की रक्षा व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है. रिपोर्टों के मुताबिक कतर में तैनात लगभग 5000 किलोमीटर रेंज वाला अमेरिकी बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार इस हमले में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. ये रडार सिस्टम अमेरिका का आंखों की तरह था, जिसके बगैर इस जंग में उसे काफी नुकसान होने वाला है.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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American Radar System Destroyed: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक हमले ने अमेरिका की रक्षा प्रणाली को बड़ा झटका दे दिया है. रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के हमले में कतर में तैनात अमेरिका का अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. यह वही रडार है जो लगभग 5,000 किलोमीटर दूर से मिसाइल लॉन्च का पता लगा सकता था और पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को समय रहते चेतावनी देता था.

करीब 1.1 अरब डॉलर की लागत वाला यह सिस्टम अमेरिका के मिसाइल डिफेंस नेटवर्क का एक अहम हिस्सा माना जाता है. सैटेलाइट तस्वीरों में हमले के बाद रडार परिसर में आग और क्षति के स्पष्ट संकेत दिखाई दिए हैं. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले ने क्षेत्र में अमेरिकी निगरानी और मिसाइल ट्रैकिंग क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. कुछ विशेषज्ञों ने तो यहां तक कहा कि इस हमले ने “अमेरिका की आंखें” ही निकाल दी हैं.

कतर में कौन सा अमेरिकी रडार सिस्टम निशाना बना?

हमले में अमेरिका की स्पेस फोर्स द्वारा संचालित AN/FPS-132 Ballistic Missile Early Warning Radar को निशाना बनाया गया. यह सिस्टम अमेरिका के Upgraded Early Warning Radar (UEWR) कार्यक्रम का हिस्सा है और इसे रक्षा कंपनी Raytheon ने विकसित किया है. यह रडार अमेरिका के सबसे उन्नत मिसाइल चेतावनी सिस्टमों में से एक माना जाता है. इसका मुख्य काम लंबी दूरी से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों का पता लगाना है.

कितना शक्तिशाली था यह रडार और इसकी रेंज क्या थी?

यह रडार लगभग 5,000 किलोमीटर तक मिसाइल लॉन्च का पता लगाने में सक्षम था. इसका मतलब है कि यह सिस्टम पूरे मध्य-पूर्व और उससे भी आगे के क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों को मॉनिटर कर सकता था. कतर में इसकी तैनाती का मकसद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को संभावित मिसाइल हमलों से पहले चेतावनी देना था. इस रडार से मिलने वाली जानकारी अमेरिकी रक्षा प्रणाली को हमले से पहले प्रतिक्रिया देने के लिए महत्वपूर्ण समय देती थी.

कितनी खास थी इस रडार की लोकेशन?

कतर में मौजूद यह रडार कई अहम क्षेत्रों को कवर करता था, जिनमें शामिल हैं: ईरान, इराक, सीरिया, तुर्की, मध्य एशिया के कुछ हिस्से और हिंद महासागर का क्षेत्र. इस रणनीतिक स्थिति की वजह से यह रडार खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के पूरे मिसाइल डिफेंस नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया था.

ईरान ने इस रडार पर हमला कैसे किया?

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC ने इस हमले को “सटीक मिसाइल हमला” बताया है. हालांकि कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला संभवतः कम लागत वाले एक-तरफा हमलावर ड्रोन, जैसे Shahed सीरीज के ड्रोन, से भी किया गया हो सकता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला ऐसे समय किया गया जब एक साथ कई मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ गया और रडार तक हमला पहुंच गया.

क्‍या कह रहे एक्‍सपर्ट?

पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी Douglas Macgregor ने इस हमले की गंभीरता को बताते हुए कहा, “उन्होंने अमेरिका की आंखें निकाल दीं.” उनका कहना था कि यह रडार अमेरिकी मिसाइल डिफेंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण था और इसके नुकसान से क्षेत्र में निगरानी क्षमता कमजोर हो सकती है.

क्या यह हमला अमेरिका की रक्षा रणनीति पर असर डाल सकता है?

भूराजनीति विशेषज्ञ Brian Allen का कहना है कि यह हमला केवल एक रडार के नुकसान तक सीमित नहीं है. उन्होंने इस सिस्टम को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के पूरे मिसाइल डिफेंस नेटवर्क की 'रीढ़' बताया. उनका मानना है कि इस हमले के बाद कुछ समय तक अमेरिकी रक्षा नेटवर्क के कुछ हिस्से “अंधे” होकर काम कर सकते हैं.

अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा?

यह रडार कई अहम रक्षा प्रणालियों को डेटा देता था, जैसे:

THAAD Missile Defense System

Patriot Missile System

Aegis Combat System

इन सभी सिस्टमों को दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें इंटरसेप्ट करने के लिए समय पर डेटा की जरूरत होती है. यदि रडार क्षतिग्रस्त हो जाता है तो इन प्रणालियों के बीच समन्वय प्रभावित हो सकता है.

क्या अमेरिका के पास इसके विकल्प मौजूद हैं?

अमेरिका के पास सैटेलाइट और अन्य रडार नेटवर्क भी हैं जो वैश्विक स्तर पर निगरानी करते हैं. लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े और स्थायी रडार सिस्टम को तुरंत बदलना आसान नहीं होता. इसलिए जब तक इसकी मरम्मत या प्रतिस्थापन नहीं होता, तब तक क्षेत्र में निगरानी क्षमता में कुछ खाली जगह बन सकती है.

इस हमले से आधुनिक युद्ध की कौन-सी सच्चाई सामने आई?

सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला आधुनिक युद्ध की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सच्चाई को उजागर करता है. रक्षा प्रणाली को हर आने वाले खतरे को रोकना पड़ता है, जबकि हमलावर को केवल एक सफल वार करना होता है. यानी यदि एक भी मिसाइल या ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंच जाए तो वह अरबों डॉलर के सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है.

क्या इससे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला मध्य-पूर्व में सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकता है. खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं और यहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में निगरानी प्रणाली को नुकसान पहुंचना न केवल सैन्य बल्कि आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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