पाकिस्तानी महिला UP में कैसे बन गई सरकारी टीचर? पहले PAK फिर भारत में की शादी, 40 साल पुराने केस का हुआ खुलासा
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है. आरोप है कि एक महिला ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल कर ली. इस मामले में अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.;
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है. आरोप है कि एक महिला ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल कर ली. इस मामले में अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि महिला के खिलाफ यह कार्रवाई विभागीय शिकायत और आंतरिक जांच के बाद की गई है. जांच में सामने आया कि महिला ने खुद को भारतीय नागरिक बताकर प्राथमिक विद्यालय में टीचर की नौकरी प्राप्त की थी.
अजीम नगर थाने में दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. विभागीय जांच में महिला की नागरिकता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे मिली नौकरी
जांच में खुलासा हुआ कि माहिरा अख्तर उर्फ फरजाना ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल की थी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि आरोपी महिला कुम्हरिया गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात थी.
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोपों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है.
पाकिस्तानी नागरिक से शादी
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला ने साल 1979 में एक पाकिस्तानी नागरिक से विवाह किया था, जिसके बाद उसने पाकिस्तानी नागरिकता प्राप्त कर ली थी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तलाक के बाद वह कथित तौर पर भारत लौट आई और करीब 1985 में एक स्थानीय व्यक्ति से दोबारा शादी कर ली.
पुलिस का कहना है कि इसी दौरान महिला ने जाली दस्तावेज बनवाए और खुद को भारतीय नागरिक बताकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली. लंबे समय तक यह मामला सामने नहीं आया, लेकिन हालिया जांच में उसकी पाकिस्तानी नागरिकता का खुलासा हो गया.
सेवा से बर्खास्त, जांच जारी
पाकिस्तानी नागरिकता उजागर होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने महिला को पहले निलंबित किया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हो सकता है?