बरसाना में लट्ठमार होली के दौरान भगदड़! राधारानी मंदिर के पास बेकाबू भीड़, कई लोगों के दबे होने की खबर- Updates
बरसाना में लट्ठमार होली के दौरान राधारानी मंदिर के पास भीड़ बेकाबू हुई. बैरियर खुलते ही भगदड़ जैसे हालात बने, बड़ा हादसा टला.
मथुरा के बरसाना में लट्ठमार होली के दौरान बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया. राधारानी मंदिर की ओर बढ़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई, जिससे बाग मोहल्ला बैरियर पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. कुछ पल के लिए हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस और स्थानीय लोगों को मिलकर स्थिति संभालनी पड़ी.
दोपहर तक सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे लट्ठमार होली अपने चरम पर पहुंची, श्रद्धालुओं का दबाव तेजी से बढ़ता गया. बैरियर पर रोकी गई भीड़ अचानक आगे बढ़ने को उतावली हो गई और इसी जल्दबाजी ने हालात बिगाड़ दिए. गनीमत रही कि पुलिस और युवाओं की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.
बरसाना में भगदड़ जैसी स्थिति कैसे बनी?
बुधवार दोपहर करीब दो बजे लट्ठमार होली का उत्साह चरम पर था. मंदिर बंद होने के बाद पुराने बस अड्डे से बाग मोहल्ला होकर राधारानी मंदिर जाने वाली भीड़ को पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया था. इसी बीच बरसाना और नंदगांव के हुरियारे भी दर्शन के लिए पहुंच गए.
हुरियारों को दर्शन में समय लगने के कारण मंदिर की ओर जाने वाली भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया. पुलिस ने बाग मोहल्ला की ओर से संजय वकील के पास लगे बैरियर पर श्रद्धालुओं को सुदामा चौक की दिशा में जाने से रोक रखा था.
आखिर बैरियर खोलने की नौबत क्यों आई?
भीड़ का दबाव इतना अधिक हो गया कि हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे. श्रद्धालुओं में मंदिर पहुंचने की होड़ मच गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई. बैरियर के पास खड़े पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन पीछे से आ रहे दबाव के कारण आगे फंसे लोग घबराने लगे. स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस को मजबूरन बैरियर खोलना पड़ा. यदि बैरियर नहीं खोला जाता तो उसके टूटने और और भी बड़ी भगदड़ की आशंका थी.
बैरियर खुलते ही क्या हुआ?
जैसे ही बैरियर हटाया गया, भीड़ बेतरतीब तरीके से मंदिर की ओर दौड़ पड़ी. इस दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और कुछ लोग उनके ऊपर से गुजर भी गए. हालांकि तुरंत पुलिसकर्मी और स्थानीय युवा सक्रिय हो गए. भीड़ में गिरे लोगों को खींचकर बाहर निकाला गया और सुरक्षित स्थान पर बैठाया गया. कुछ ही मिनटों में हालात सामान्य कर लिए गए. राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई.
क्या पहले भी बरसाना में ऐसे हालात बने हैं?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस स्थान पर होली और अन्य त्योहारों के दौरान भीड़ का दबाव पहले भी बढ़ चुका है. पिछले वर्ष भी इसी बैरियर पर भीड़ का दबाव बढ़ने से हादसा होते-होते बचा था. दो साल पहले लड्डूमार होली के दौरान राजभोग दर्शन के समय भगदड़ मच गई थी. उस समय निकास द्वार की रेलिंग टूट गई थी और कई महिला-पुरुष श्रद्धालु भीड़ के दबाव में गिर पड़े थे. कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी.