झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी जो बनी मिसाल, क्या है उनकी प्रेरक कहानी? गोली मारकर हत्‍या

उत्तर प्रदेश के झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की कहानी सिर्फ गोली मारकर हत्या भर नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, साहस और सामाजिक बदलाव की कहानी भी है. उनकी मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं, जिनके जवाब समाज और सिस्टम दोनों को देने होंगे. उनके पति बस स्टैंड पर ठेला लगाकर परिवार चलाते हैं.;

( Image Source:  anita facebook )
Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 6 Jan 2026 12:18 PM IST

उत्तर प्रदेश के झांसी जैसे पारंपरिक शहर में जब महिलाओं की पहचान घर की चारदीवारी तक सीमित मानी जाती थी, तब अनीता चौधरी ने ऑटो की ड्राइविंग सीट संभालकर एक नई मिसाल कायम की. वह झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर के रूप में जानी गईं और कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं, लेकिन उनकी यही पहचान, आत्मनिर्भरता और मजबूती, आखिरकार एक दर्दनाक घटना में तब्दील हो गई. अनीता चौधरी की गोली मारकर की गई हत्या ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया.

अनीता चौधरी कौन थीं?

अनीता चौधरी झांसी की रहने वाली थीं और अपनी मेहनत व आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने ऑटो ड्राइविंग जैसे पुरुष-प्रधान पेशे में कदम रखा. वह रोजाना ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की एक मजबूत मिसाल बन चुकी थीं.

बस स्टैंड के पास ठेला लगाने वाले शख्स की पत्नी 45 वर्षीय चौधरी झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थीं. ऑटो ड्राइवर पेशे में एंट्री करना उनके लिए आसान नहीं था. उन्हें लंबे समय तक समाजिक तानों और विरोध का सामना करना पड़ा था. ऐसा इसलिए कि उन्होंने उस पेशे में कदम रखा था, जिसमें आज भी पूरी तरह से पुरुषों का ही एकाधिकार है. अनीता चौधरी ने घर की आर्थिक मजबूरी से तंग आकर ऑटो चलाने का फैसला लिया था. उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर झांसी में धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली थी.

महिलाओं के लिए प्रेरणा कैसे?

अनीता चौधरी ने यह साबित कर दिया कि हौसले मजबूत हों तो कोई भी पेशा मुश्किल नहीं. ऐसा कर अनीता अपने परिवार की जिम्मेदारियों को उठाने वाली महिला बनी थीं. ऑटो चलाना सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका का साधन था. उनकी मेहनत से घर की आर्थिक स्थिति संभली और बच्चों के भविष्य की उम्मीदें जुड़ी थीं.

अनीता चौधरी की सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात झांसी में निर्मम हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है. उनकी लाख स्टेशन रोड पर खून से सनी लाश मिली. उनके शव पास ही ऑटो-रिक्शा पलटी हुई मिली. पुलिस के अनुसार यह घटना सोमवार सुबह करीब 2.30 बजे झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन–सिविल लाइंस रोड पर एक स्कूल के पास की है. अनिता चौधरी का खून से सना शव मिला. स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे महिला को घायल अवस्था में पड़ा देखा. पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कुछ दूरी पर उनका ऑटो-रिक्शा पलटा हुआ पड़ा था.

बड़ा संदेश छोड़ गईं अनीता

अनीता चौधरी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह यह संदेश छोड़ गईं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं. आत्मनिर्भरता ही असली ताकत होती, जिसे सभी महिलाओं को हथियार बनाने चाहिए. वह मानती थीं कि परिवार संकट में हो तो चुनौती भरा फैसला लेने से नहीं हिचकना चाहिए. ऐसा इसलिए भी जरूरी है, ताकि समाज की सोच बदलने.

गोली मारकर की गई हत्या 

पुलिस की जांच में पता चला है कि अनीता चौधरी की गोली मारकर हत्या की की गई. इस घटना ने महिला सुरक्षा, अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. स्थानीय लोगों में आक्रोश है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठ रही है. हत्या के पीछे कारण क्या था? क्या यह आपसी रंजिश का मामला है? महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है? पुलिस जांच जारी है और कई पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है.

तीन संदिग्ध हिरासत में

झांसी पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया. एसएसपी बीबीटीएस मूर्ति के मुताबिक तीन लोगों मनोज झा, शिवम झा और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है. ये नाम एफआईआर में परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए हैं. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है.

एसएसपी बीबीटीएस मूर्ति ने पुष्टि की कि अनीता की हत्या की गई है. पोस्टमार्टम में उनके गले में गोली लगने की बात सामने आई है. अनिता के पति द्वारिका चौधरी, जो बस स्टैंड के पास ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, ने कहा कि अगर यह हादसा होता तो शरीर पर और भी चोटें होती. सिर्फ सिर पर चोट है और गहने गायब हैं. यह साफ तौर पर हत्या है.

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