Punjab Floods: पंजाब के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के मद्देनजर भारतीय सेना ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. सेना की एविएशन यूनिट्स ने चीता और चिनूक हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल कर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुँचाने का काम किया. 27 अगस्त को गुरदासपुर के लस्सियन क्षेत्र में तीन चीता हेलिकॉप्टरों ने कई उड़ानों के जरिए 27 लोगों को सुरक्षित निकाला. इसके पहले, पठानकोट जिले के माधोपुर हेडवर्क्स के पास 22 सीआरपीएफ कर्मियों और 3 नागरिकों को बचाया गया, जबकि उनका आश्रय स्थल बाद में ढह गया.

इसके साथ ही, सेना ने अमृतसर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन के लिए ATOR N1200 स्पेशलिस्ट मोबिलिटी व्हीकल तैनात किया. यह मल्टी-टेर्रेन वाहन पानी, बर्फ, दलदल, टीलों और चट्टानों पर आसानी से चल सकता है. राहत कार्य भारतीय वायु सेना और पंजाब पुलिस के साथ समन्वित रूप से जारी हैं.

एक माह का वेतन दान करेंगे मुख्यमंत्री, मंत्री और सभी AAP विधायक

इसी बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने मंत्रियों और सभी AAP विधायकों के साथ मिलकर बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन दान करने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने इस संकट में एकजुट होने और लोगों का सहयोग करने का आह्वान किया. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी पंजाब को मदद का प्रस्ताव भेजा.

आपातकालीन सेवाएं जारी

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के नेतृत्व में डॉक्टर बलबीर सिंह ने 360 मोबाइल मेडिकल टीमों, 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमों और 172 एम्बुलेंसों के माध्यम से आपातकालीन सेवाएं शुरू की हैं. इसके तहत गर्भवती महिलाओं की मदद, अस्पतालों की तत्परता सुनिश्चित करना, सुरक्षित पेयजल के लिए क्लोरीन का वितरण और रोग नियंत्रण अभियान चलाए जा रहे हैं.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को चेतावनी दी है कि वे सीधे पानी के संपर्क में न आएं, केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी पिएं, मच्छर प्रजनन को रोकें और दस्त, त्वचा रोग या सांप के काटने जैसे लक्षण होने पर तुरंत इलाज कराएं.

भारतीय सेना, राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस प्राकृतिक आपदा के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं.