'खूबसूरत महिलाएं ध्यान भटकाती हैं', रेप पर जाति की थ्योरी! कांग्रेस विधायक के बयान पर बवाल
रेप जैसे गंभीर अपराध को जाति से जोड़ने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान ने प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है. बयान के बाद विपक्ष ने तीखा हमला बोला है. जबकि सोशल मीडिया इसको लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. बीजेपी ने उनके बयान को दलित विरोधी करार दिया है.;
रेप जैसे जघन्य अपराध पर देश में दशकों से गुस्सा और पीड़ा है. इस बीच मध्य प्रदेश के कांग्रेस फूल सिंह बरैया ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने राजनीति, समाज और संवैधानिक मर्यादाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया. विधायक ने दावा किया कि “अधिकांश रेप पिछड़ी जातियों में होते हैं. आगे यह तक कह दिया कि अपराधिक सोच वाले यह मानते हैं कि कुछ जातियों की महिलाओं को रेप करने से पुण्य मिलता है.”
बरैया यहीं नहीं रुके उन्होंने ये भी कहा, “कोई व्यक्ति यात्रा करते समय किसी खूबसूरत महिला को देखता है, तो उसका मन भटक सकता है, जिससे रेप हो सकता है.” उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया है. साथ ही उनके बयान को लेकर विरोध तेज और बहस आग की तरह फैल गई।
मध्य प्रदेश के भंडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का दावा है क देश में अधिकांश रेप अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों में होते हैं. उन्होंने रेप थ्योरी को समझाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति यात्रा करते समय किसी खूबसूरत महिला को देखता है, तो उसका मन भटक सकता है, जिससे रेप हो सकता है.
इसलिए पिछड़ी जाति की महिलाएं होती हैं शिकार
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों का जिक्र करते हुए कांग्रेस विधायक ने सुझाव दिया कि समाज के पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उनके प्राचीन ग्रंथों में निहित विकृत विश्वास प्रणाली के कारण निशाना बनाया जाता है. बरैया ने दावा किया, "अपराधी मानते हैं कि कुछ जातियों की महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा करने से उन्हें तीर्थयात्रा के बराबर आध्यात्मिक पुण्य मिलेगा."
भारत में रेप के शिकार कौन?
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि भारत में रेप के शिकार कौन हैं? ज्यादातर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और OBC की महिलाएं. रेप की थ्योरी यह है कि अगर कोई आदमी, उसकी मानसिक स्थिति कुछ भी हो, सड़क पर चल रहा है और एक खूबसूरत लड़की को देखता है, तो उसका ध्यान भटक सकता है और वह किसी महिला का रेप कर सकता है,"
बरैया ने आगे कहा कि पिछड़ी जातियों की महिलाएं खूबसूरत नहीं होती, फिर भी उनके साथ रेप होता है क्योंकि यह उनके धर्म ग्रंथों में लिखा है. रेप अक्सर व्यक्तियों के बजाय समूहों द्वारा किया जाता है.
अंधविश्वास से प्रेरित मानसिकता
उन्होंने शिशुओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि ऐसे अपराध दलितों के धार्मिक ग्रंथों में लिखे विश्वास से प्रेरित मानसिकता से पैदा होते हैं. कांग्रेस ने बरैया के बयान से खुद को अलग किया. बरैया की टिप्पणियों के बाद, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी को इन बयानों से अलग करते हुए कहा, "किसी भी तरह से बलात्कार को सही नहीं ठहराया जा सकता. जो कोई भी बलात्कार करता है वह अपराधी है. इसे जाति या धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता."
रेप गंभीर अपराध
हालांकि, उन्होंने इस पर बल दिया कि यौन हिंसा एक गंभीर अपराध है. इसे सही ठहराने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं.
बरैया की सोच महिला विरोधी - BJP
एमपी बीजेपी ने कांग्रेस विधायक के बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि 'आपराधिक और विकृत मानसिकता' का प्रतीक बताया. मध्य प्रदेश बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि ये बयान जबान फिसलने का मामला नहीं था, बल्कि एक गंभीर वैचारिक खुलासा था. उन्होंने कहा, "महिलाओं को 'खूबसूरती' के पैमाने पर तोलना और दलित और आदिवासी महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों को तथाकथित पवित्र कार्य बताना, महिला विरोधी सोच, दलित विरोधी सोच और मानवता पर सीधा हमला है."
बयान पर क्यों मचा बवाल?
रेप एक व्यक्तिगत अपराध है, जिसे कानून में जाति, धर्म या वर्ग से अलग देखा जाता है. ऐसे में अपराध को किसी एक सामाजिक समूह से जोड़ना न सिर्फ संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ माना जा रहा है, बल्कि इससे समाज में नफरत और विभाजन बढ़ने का आरोप भी लग रहा है. भंडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने रेप और धार्मिक ग्रंथों पर अपनी टिप्पणियों के बाद मध्य प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है.
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स गुस्से में हैं. यूजर्स कह रहे हैं “रेप को जाति से जोड़ना अपराध है.” ऐसे बयान समाज को तोड़ते हैं. राजनीति की भी कोई हद होनी चाहिए. कुछ लोग विधायक के बयान को खतरनाक सोच बता रहे हैं.
बयान गलत तरीके से पेश किया गया
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक के बयान पर सियासी बवाल मचने के बाद अब फूल सिंह बरैया ने अपने बयानों को लेकर सपफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि मैंने रेप केस से जुड़े अपने पहले के बयानों पर पूछे गए सवालों का जवाब दिया. बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है. रेप के मसले पर मेरा कहना है कि एससी, एसटी, ओबीसी व अन्य पिछड़ी जातियों की महिलाओं के साथ देश की आजादी के 78 साल बाद भी रेप के मामले ज्यादा होते हैं. इस पर बहस की जरूरत है. लेकिन बयान को लेकर उन्होंने दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हरिमोहन झा की पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने लिख है चांडालिनी, चमाइन, धोबिन और कंजरी से समागम के बिना किसी तीर्थ के यात्रा का पुण्य नहीं मिलताहै. इसलिए, यह बहस का मुद्दा है.
कौन हैं फूल सिंह बरैया?
फूल सिंह बरैया मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य (MLA) हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रतिनिधि हैं. वे 2023 के विधानसभा चुनाव में भांडेर (SC) निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर विधायक बने थे. बरैया का राजनीतिक करियर लंबे समय का है. उन्होंने पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) सहित कई पार्टियों में भी राजनीति की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए. उन्होंने सेवक और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में शुरुआत की और समय के साथ संगठन में ऊँचे पदों तक पहुंचे.
1998 में वे BSP के टिकट पर विधानसभा सदस्य रहे और बाद में विभिन्न राजनीतिक दायित्व संभाले. 2019 के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की और 2023 में भांडेर सीट जीत कर विधायक बने. बरैया ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भी भिंड (SC) संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में भाग लिया, हालांकि वह चुनाव हार गए. विधानसभा में वे सक्रिय रहे हैं और अक्सर सियासी मुद्दों पर बयान के साथ सुर्खियों में रहते हैं.