वासेपुर से वाया दुबई, अब पाकिस्तान! प्रिंस खान की फरारी ने खुफिया एजेंसियों की बढ़ाई सरहदी टेंशन, इंटरपोल अलर्ट
धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान दुबई छोड़ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शिफ्ट होने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. पुलिस ने इंटरपोल और राष्ट्रीय एजेंसियों से मदद मांगी है.;
झारखंड के धनबाद जिले के वासेपुर का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान को लेकर ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. दुबई में लंबे समय तक छिपकर बैठा यह अपराधी अब कथित तौर पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शिफ्ट हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां उसके प्रतिबंधित संगठन से संपर्क की आशंका जताई जा रही है. अगर यह कड़ी साबित होती है, तो मामला सिर्फ एक गैंगस्टर की फरारी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इंटरपोल से मदद मांगी है.
प्रिंस खान की धनबाद से दुबई और अब पाकिस्तान तक की यह कहानी सिर्फ भागने की नहीं, बल्कि कानून से बचने की एक सुनियोजित रणनीति मानी जा रही है। कई सनसनीखेज हत्याओं और फायरिंग की घटनाओं में नाम आने के बाद प्रिंस खान ने पहले देश छोड़ा, फिर विदेश में बैठकर नेटवर्क चलाया. अब उसके नए ठिकाने को लेकर उठे सवालों ने पुलिस, खुफिया एजेंसियों और इंटरपोल तक को सक्रिय कर दिया है.
वासेपुर का गैंगस्टर प्रिंस खान फिर सुर्खियों में
झारखंड के धनबाद जिले के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है. झारखंड पुलिस सूत्रों के अनुसार दुबई में बढ़ते दबाव और भारतीय एजेंसियों की सक्रियता के बाद उसने वहां से ठिकाना बदल लिया है. अब उसके पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पनाह लेने की आशंका जताई जा रही है. अब धनबाद पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसियों और इंटरपोल से मदद उसे गिरफ्तार करने में मागी है.
दुबई में बढ़ी सख्ती, फिर बदला ठिकाना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दुबई में स्थानीय प्रशासन और भारतीय एजेंसियों की बढ़ती निगरानी के कारण प्रिंस खान के लिए वहां रहना मुश्किल हो गया था. लगातार दबाव के चलते उसने कथित तौर पर दुबई छोड़ दिया. बताया जा रहा है कि उसके साथ जुड़े सात करीबी सहयोगी भी अंडरग्राउंड हो चुके हैं.
प्रतिबंधित संगठन से संपर्क की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान पहुंचने के बाद प्रिंस खान की मुलाकात कुछ संदिग्ध तत्वों से हुई है. यह भी आशंका है कि उसका संपर्क वहां सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नेताओं से हो सकता है. यदि यह पुष्टि होती है, तो मामला सामान्य अपराध से बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय हो सकता है.
इंटरपोल और राष्ट्रीय एजेंसियां Alert
धनबाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसियों और इंटरपोल से संपर्क साधा है. अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस खान के खिलाफ पहले से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं.
धनबाद से दुबई तक: फरारी की कहानी
नवंबर 2021 में झारखंड के नया बाजार निवासी महताब आलम उर्फ नन्हे की हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद प्रिंस खान फरार हो गया था. आरोप है कि उसने गलत तरीके से पासपोर्ट बनवाकर देश छोड़ा और दुबई को ठिकाना बनाया. करीब पांच वर्षों तक विदेश में रहकर वह धनबाद और झारखंड के कई कारोबारियों को धमकी देता रहा.
प्रिंस खान की क्रिमिनल हिस्ट्री
झारखंड निवासी प्रिंस खान ने 24 नवंबर 2021 को महताब आलम उर्फ नन्हे की गोली मारकर हत्या की थी. मई 2022 में हाउसिंग कॉलोनी में ठेकेदार रामनरेश सिंह के घर पर फायरिंग की. दिसंबर 2022 में नया बाजार स्थित क्लिनिक लैब पर फायरिंग में उसका नाम आया. इसके बाद फरवरी 2023 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह हत्या मामले में नाम भी उसका नाम उछला. मई 2023 में इकबाल खान और उसके दोस्तों पर फायरिंग का भी उस पर आरोप है. इसके अलावा, अक्टूबर 2023 में उसने कार सेंटर मालिक दीपक अग्रवाल को गोली मारी थी.
अब सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार से साजिश की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि दुबई से पाकिस्तान तक की यह शिफ्ट महज फरारी नहीं, बल्कि सीमा पार से भारत में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की साजिश भी हो सकती है. यही वजह है कि मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है.
क्या आगे बढ़ेगा एक्शन?
फिलहाल धनबाद पुलिस, खुफिया विभाग और राष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर प्रिंस खान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है-