मेट्रो स्टेशन पर मां ने बेटे का कर दिया ‘रोका’, गर्लफ्रेंड के सिर पर डाला दुपट्टा, यूजर बोले - 'बेटी होती तो'

दिल्ली मेट्रो के एक स्टेशन पर मां ने बेटे को गर्लफ्रेंड के साथ बैठा देखा और मौके पर ही पारंपरिक अंदाज में ‘रोका’ कर दिया. वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जेंडर डबल स्टैंडर्ड को लेकर बहस छिड़ गई.;

( Image Source:  @rameshofficial0 )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 7 Feb 2026 12:22 PM IST

दिल्ली मेट्रो के व्यस्त प्लेटफॉर्म पर जो हुआ, उसने वहां मौजूद यात्रियों को पल भर के लिए अचंभे में डाल दिया. एक मां ने अपने बेटे को गर्लफ्रेंड के साथ प्लेटफार्म पर बैठा देख लिया. इतने में लोग सोच रहे थे, अब डांट पड़ेगी. हंगामा होगा या चुपचाप घर ले जाया जाएगा, लेकिन कहानी ने अचानक ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी.

बिना बहस, बिना गुस्से के मां ने लड़की के सिर पर दुपट्टा डाला, मिठाई और सामान उसकी गोद में रखा और वहीं ‘रोका’ की रस्म पूरी कर दी. मेट्रो स्टेशन पल भर में पारिवारिक समारोह में बदल गया. वीडियो वायरल हुआ तो इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया. कुछ ने इसे समझदारी और स्वीकार्यता बताया, तो कुछ ने सवाल दाग दिया, “अगर बेटी होती तो क्या तब भी ऐसा ही फैसला होता?”

एक प्लेटफॉर्म पर हुआ यह ‘तुरंत रोका’ अब सिर्फ पारिवारिक किस्सा नहीं, बल्कि समाज की सोच और जेंडर डबल स्टैंडर्ड पर चल रही बड़ी बहस बन चुका है. लेकिन जो हुआ वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था.

दुपट्टा डाला, मिठाई दी और रिश्ता पक्का!

मां ने बिना कोई बहस किए लड़की के सिर पर दुपट्टा डाला, उसकी गोद में मिठाई और कुछ सामान रखकर वहीं ‘रोका’ की रस्म पूरी कर दी. मां के इस अप्रत्याशित फैसले ने आसपास मौजूद लोगों को चौंका दिया. कई लोग इस पहल को समझदारी भरा कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे जल्दबाजी कह रहे हैं.

वीडियो वायरल, लाखों व्यूज और सोशल मीडिया पर बहस

घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक लाख से अधिक यूजर्स ने इसे लाइक किया और हजारों कमेंट्स आए. कुछ लोगों ने मां के फैसले को 'समस्या का तुरंत समाधान' बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया - क्या यही रवैया तब भी होता अगर बेटा नहीं, बेटी होती तो?

‘बेटी होती तो?’ जेंडर डबल स्टैंडर्ड पर चर्चा

यूजर BK Gadhavi ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “बेटे की जगह बेटी होती तब भी इतनी जल्दबाजी होती क्या?” इसके जवाब में रमेश तिवारी ने टिप्पणी की, “तब इज्जत देखी जाती.” वहीं, संजय कुमार ने इसे मां का साहसिक फैसला बताया. एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा, “लैला-मजनू का खेल खत्म, अब सीधे हनीमून ट्रिप पर जाओ.”

क्या यह परंपरा है या सामाजिक दबाव?

सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता पर भी सवाल खड़ा करती है. क्या यह प्रेम संबंध को स्वीकार करने का आधुनिक तरीका है? या फिर सार्वजनिक दबाव में लिया गया भावनात्मक फैसला?

दिल्ली मेट्रो क्यों बनती है वायरल घटनाओं का केंद्र?

दिल्ली मेट्रो में आए दिन अजीबोगरीब घटनाएं वायरल होती रहती हैं. कभी डांस, कभी झगड़ा, तो कभी प्रेम प्रसंग. येलो लाइन, जो शहर की सबसे व्यस्त लाइनों में से एक है, अक्सर सोशल मीडिया कंटेंट का केंद्र बन जाती है. हाल ही मेट्रो का एक वीडियो वायरल हुआ था. उस वीडियो में बताया गया कि मेट्रो के टिकट वेंडर मशीन में जब यात्री ने टिकट के लिए पैसा डाला तो उसमें से अंडरगारमेंट बाहर आया.

एक वीडियो, कई सवाल

फिलहाल, इस वीडियो को लेकर चर्चा यह है कि मां ने बेटे की समस्या हल कर दी या एक नई बहस छेड़ दी. सच यह है कि ये तो देखने वालों के नजरिए पर निर्भर है, लेकिन इतना तय है कि इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर रिश्तों, परंपरा और जेंडर समानता पर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है.

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