दिल्ली जनकपुरी हादसे में एक्शन पर एक्शन, ठेकेदार राजेश पहुंचा जेल: पढ़ें अब तक Top Updates

दिल्ली के जनकपुरी बाइक हादसे में पुलिस ने पूछताछ के बाद ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में आगे भी एक्शन होने की उम्मीद है.;

Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 7 Feb 2026 1:57 PM IST

Delhi Biker Falls: दिल्ली के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक निजी बैंक में काम करने वाला 25 साल के कमल ध्यानी मौत उस समय हो गई, जब उनकी मोटरसाइकिल दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के जरिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिर गई. इस मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है और ठेकेदार राजेश को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, युवक और उसकी मोटरसाइकिल शुक्रवार सुबह जोगिंदर सिंह मार्ग पर मौजूद करीब 20 फीट गहरे गड्ढे के अंदर मिली थी. इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

कौन है राजेश प्रजापति?

राजेश प्रजापति दिल्ली जल बोर्ड के सीवर प्रोजेक्ट का सब-कॉन्ट्रैक्टर है और खुदाई का काम देखना और सिक्योरिटी उसी की जिम्मेदारी है. आरोप है कि राजेश ने सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया और गड्ढे के बिना ढके ही छोड़ दिया. पुलिस का कहना है कि राजेश ने घटना को छुपाने की कोशिश की और यही उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत है.

क्या है इस मामले में अब तक का अपडेट?

इस मामले में ठेकेदार राजेश की गिरफ्तारी हुई है और साथ ही तीन इंजीनियर्स को स्पेंड कर दिया गया है. पीटीआई के मुताबिक, मरने वाले बैंकर के भाई ने आरोप लगाया कि परिवार ने रात भर करीब छह पुलिस थानों से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली. परिवार को युवक की मौत की जानकारी तब मिली, जब उन्होंने शुक्रवार सुबह उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया. कॉल एक अधिकारी ने उठाया और इस हादसे की जानकारी दी.

क्या कदम उठा रही है सरकार?

इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मैं इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हूं. मैंने दो घंटे तक मौके का निरीक्षण किया और देखा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम मौजूद थे. फिर भी मैंने जल बोर्ड को जांच समिति बनाने और जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार अपनी जिम्मेदारी समझती है और परिवार को हर संभव मदद दी जा रही है. हम पीड़ित को वापस नहीं ला सकते, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रयास करेंगे.”

क्या हुआ किसी के खिलाफ केस दर्ज?

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर और जलबोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस ने कहा,"हमने ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जनकपुरी पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की है."

पुलिस ने बैंकर को कैसे ढूंढा?

पश्चिमी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) जतिन नरवाल ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह करीब 8:03 बजे जानकारी मिली थी कि जोगिंदर सिंह मार्ग पर एक गड्ढे में एक शख्स और मोटरसाइकिल पड़ी है. इसके बाद फायर डिपार्टमेंट को इसके बारे में जानकारी दी गई और टीम मौके पर पहुंची. ये जानकारी किसी आम आदमी ने दी थी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 8:30 बजे रेस्क्यू टीम ने युवक और मोटरसाइकिल को बाहर निकाला. युवक को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मरने वाला कमल ध्यानी के पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके का रहने वाला था. वह रोहिणी स्थित एक प्राइवेट बैंक में काम करता था.

रातभर क्या कर रहा था परिवार?

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे कमल ध्यानी के परिवार ने विकासपुरी थाने में शिकायत दी थी. उन्होंने बताया कि कमल घर नहीं लौटा और कॉल्स का जवाब नहीं दे रहा था. परिवार ने आखिरी बार उनसे रात करीब 11:30 बजे बात की थी.

जतिन नरवाल ने बताया, जनकपुरी पुलिस ने कमल ध्यानी के मोबाइल की लोकेशन निकाली, जो जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास दिखा रही थी. हेड कॉन्स्टेबल रामकेश ने मृतक के भाई के साथ सुबह तक तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला. बाद में सुबह गड्ढे में उसका शव मिला.

परिवार ने लगाया गंभीर इल्जाम

कमल ध्यानी के बड़े भाई मयंक ध्यानी ने कहा,“वह रोहिणी में काम करता था. मैंने उससे बात की थी, उसने कहा था कि वह जनकपुरी पहुंच गया है और 10 मिनट में घर आ जाएगा. वह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिर गया. हमने पूरी रात उसे ढूंढा. पुलिस ने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की. उसे बचाया जा सकता था.” उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे एक आम व्यक्ति ने फोन उठाकर बताया कि हादसा हुआ है और लोकेशन दी.

ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा,“मैंने 12:30 बजे फोन किया, उसने कॉल नहीं उठाई. हम घबरा गए, मैं पहले रोहिणी उसके ऑफिस गया, फिर जनकपुरी थाने. पुलिस ने उसकी आखिरी लोकेशन दी. हम तलाश करते रहे, लेकिन कुछ नहीं मिला.”

उन्होंने आगे कहा,“यह घोर लापरवाही है. मेरा भाई पागल नहीं था कि जानबूझकर गड्ढे में गिर जाए. रात 1:30 बजे मैंने खुद उस गड्ढे को देखा था, वह वहां नहीं था. हम कम से कम छह थानों में गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो मेरा भाई जिंदा होता.”

मरने वाले बैंकर के पिता

क्या है राजनीतिक प्रतिक्रियाएं?

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना को लेकर सरकार की आलोचना की है. उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया और पहले हुई ऐसी घटनाओं से जोड़ा है, उन्होंने लिखा, “यह हादसा होना ही था. शिकायतों के बावजूद इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं किया गया। जरा उस परिवार और छोटे बच्चों के बारे में सोचिए, जो पूरी रात उनका इंतजार करते रहे होंगे. अब वे जिंदगी भर इंतजार करेंगे.”

राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने X पर लिखा,“लालच और लापरवाही की महामारी ने आज फिर एक युवा की जान ले ली. एक बेटा, एक सपना, माता-पिता की पूरी दुनिया पल भर में उजड़ गई.”

उन्होंने कहा,“यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है. हत्यारा वह सरकार है जो जवाबदेही से भागती है. असली दोषी सड़क नहीं, बल्कि गैर-जिम्मेदार अधिकारी हैं. यहां न कोई इस्तीफा होता है, न सजा मिलती है और न ही किसी की अंतरात्मा जागती है.”

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