ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ FIR, 3 इंजीनियर सस्पेंड; जनकपुरी हादसे में अब तक क्या-क्या हुआ?
दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरने से 25 साल के कमल ध्यानी की मौत हो गई. परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. आइए जानते हैं कि मामले में अब तक क्या-क्या हुआ...;
Delhi Janakpuri pit accident, Kamal Dhyani Death: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की ओर से खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत हो गई. कमल मोटरसाइकिल से ऑफिस से घर लौट रहे थे, लेकिन वह कभी घर नहीं पहुंच पाए. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की घोर लापरवाही का उदाहरण बनकर सामने आया है.
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि पुलिस ने ठेकेदार और DJB अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
कमल के साथ क्या हुआ?
- कमल के भाई ने बताया कि रात करीब 12 बजे कमल ने कहा था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा. इसके बाद उसका फोन बंद आने लगा. घबराए परिजन और दोस्त आधी रात से उसे ढूंढते रहे.
- परिवार का आरोप है कि उन्होंने 6 से ज्यादा पुलिस थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिली.
- कमल के भाई का कहना है, “अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, फोन सही तरीके से ट्रैक किया होता, तो मेरा भाई जिंदा होता.”
- सुबह जब एक बार फिर कमल के नंबर पर कॉल किया गया, तो फोन पुलिस ने उठाया और बताया कि उसका शव 15 फीट गहरे गड्ढे से बरामद हुआ है.
- कमल के दोस्तों का कहना है कि वे 7 लोग आधी रात से सुबह तक सड़क पर उसे खोजते रहे. गड्ढा उन्होंने रात 1–1:30 बजे भी चेक किया था, लेकिन तब कमल वहां नहीं था. इससे परिवार को शक है कि या तो समय पर रेस्क्यू नहीं हुआ या गंभीर चूक हुई.
- दोस्तों का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के लिए भी सुबह 11 बजे तक इंतजार करने को कहा.
दिल्ली पुलिस ने मामले में क्या कहा?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कमल के भाई ने रात 2:45 बजे जनकपुरी थाने में सूचना दी. मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई. एक हेड कॉन्स्टेबल ने परिवार के साथ 2.5 घंटे तक तलाश की. सुबह 8 बजे एक महिला की कॉल के बाद गड्ढे से शव बरामद हुआ. DCP वेस्ट शरद भास्कर ने कहा कि अगर परिवार को सही मदद नहीं मिली, तो इसकी भी जांच होगी.
मामले में क्या कार्रवाई हुई?
- पुलिस ने BNS की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत ठेकेदार, दिल्ली जल बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
- दिल्ली जल बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है. बताया गया कि यह गड्ढा एक दिन पहले ही खोदा गया था, लेकिन न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड.
मामले में सरकार क्या बोली?
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अगर कोई भी अधिकारी सुरक्षा नियमों की अनदेखी का दोषी पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.” दिल्ली जल बोर्ड ने हाई-लेवल जांच समिति बनाई है, जो उसी दिन रिपोर्ट देगी.
विपक्ष ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसे दुर्घटना नहीं बल्कि 'हत्या' करार दिया. उन्होंने कहा कि नोएडा में हुई घटना से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया, जहां पिछले महीने पानी से भरे गड्ढे में गिरने से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई.कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “असल दोष सड़क का नहीं, गैर-जिम्मेदार शासन का है.” उन्होंने कहा कि देश में फैल रही लालच और लापरवाही की महामारी ने आज एक और युवा की जान ले ली. एक बेटा, एक सपना और उसके माता-पिता की पूरी दुनिया , सबकुछ पल भर में चकनाचूर हो गया.