प्रतापपुर में नाबालिग का अपहरण-मतांतरण, आरोपी पास्टर समेत 4 लोग गिरफ्तार; क्रिसमस की रात रची गई साजिश? जांच में चौंकाने वाले खुलासे

छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण, शारीरिक शोषण और जबरन मतांतरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने पास्टर रामखेलावन और उसकी पत्नी सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जांच में सामने आया कि लंबे समय से ग्रामीणों को प्रलोभन देकर मतांतरण कराया जा रहा था. नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर सखी सेंटर भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है.;

( Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 1 Jan 2026 4:30 PM IST

Pratappur minor kidnapping conversion case, Surajpur News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां नाबालिग के अपहरण, शारीरिक शोषण और जबरन मतांतरण के आरोप में पुलिस ने पास्टर और उसकी पत्नी सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य संलिप्त आरोपितों की तलाश भी जारी है.

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क्रिसमस कार्यक्रम के बाद गायब हुई नाबालिग

मिली जानकारी के अनुसार, 25 दिसंबर को नाबालिग की मां ने प्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि 24 दिसंबर की शाम करीब पांच बजे उसके चारों बच्चे एक व्यक्ति के घर क्रिसमस का कार्यक्रम मनाने गए थे. कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, जिसके बाद सभी बच्चे वहीं रुक गए. रात करीब तीन बजे जब मां अपनी बेटी को देखने पहुंची तो पास्टर की पत्नी सुनीता ने यह कहकर उसे रोक दिया कि वह स्वयं बच्ची को देखने जा रही है. इसके बाद सुबह तक नाबालिग घर नहीं लौटी, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की.

सुबह आया संदिग्ध फोन, मां को हुआ शक

25 दिसंबर की सुबह करीब नौ बजे नाबालिग की मां को राजेश कुमार विश्वकर्मा का फोन आया. कॉल में राजेश ने बच्ची को अपने साथ घर ले जाने और रखने की बात कही. इससे मां का शक और गहरा गया. मां ने पुलिस को बताया कि राजेश ने उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है और इस पूरे कृत्य में राजकुमारी के साथ-साथ पास्टर रामखेलावन और उसकी पत्नी सुनीता की भी सक्रिय भूमिका रही है. शिकायत में यह भी सामने आया कि आरोपी राजेश कुमार पूर्व में भी बालिकाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामलों में संलिप्त रहा है. उसके खिलाफ राजपुर थाने में पहले से मामला दर्ज है.

अपहरण का केस दर्ज, नाबालिग बरामद

शिकायत के आधार पर प्रतापपुर पुलिस ने अपहरण का प्रकरण दर्ज कर लिया. पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर और थाना प्रभारी अमित कौशिक के नेतृत्व में जांच शुरू की गई. जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग को राजपुर थाना क्षेत्र के धंधापुर गांव से बरामद कर लिया और उसे सुरक्षा के मद्देनज़र अंबिकापुर के सखी सेंटर भेज दिया.

आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और मतांतरण की धाराएं भी जुड़ीं

विवेचना के दौरान नाबालिग के साथ शारीरिक शोषण के गंभीर तथ्य सामने आए. साथ ही यह भी उजागर हुआ कि पीड़ित परिवार को लंबे समय से बहला-फुसलाकर मतांतरण के लिए दबाव में रखा जा रहा था. इसके बाद पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ मतांतरण से संबंधित धाराएं भी जोड़ दीं.

चार आरोपित गिरफ्तार, जेल भेजे गए

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश कुमार, उसके पिता खैरू, पास्टर रामखेलावन और उसकी पत्नी सुनीता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

नशा छुड़ाने के नाम पर शुरू हुआ मतांतरण

पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार पहले मतांतरित हो चुका था, लेकिन बाद में सामाजिक दबाव के चलते अपने मूल धर्म में वापस लौट आया था. परिवार के मुखिया को शराब की लत थी. कुछ साल पहले पास्टर रामखेलावन उनके घर आया और शराब छुड़ाने के नाम पर प्रार्थना कराने का प्रलोभन दिया. पति द्वारा शराब छोड़ने के बाद परिवार का पास्टर पर विश्वास बढ़ा और उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया. हालांकि, जब पति ने दोबारा शराब पीनी शुरू की तो परिवार ने फिर से अपने मूल धर्म में वापसी कर ली.

15 साल से सक्रिय था पास्टर

पुलिस जांच में सामने आया है कि पास्टर बना रामखेलावन पिछले करीब 15 वर्षों से प्रतापपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय था. वह शराब छुड़ाने, बीमारी ठीक करने और समस्याओं से मुक्ति दिलाने जैसे प्रलोभन देकर भोले-भाले ग्रामीणों को मतांतरित करता था. वह अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों को भी मतांतरण के लिए प्रेरित कर चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला मौका है जब वह कानून के शिकंजे में आया है.

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