नकल माफिया की टूटेगी कमर! पेपर में चीटिंग करने पर लाख नहीं करोड़ों का जुर्माना, जानें नए कानून में क्या-क्या

छत्तीसगढ़ सरकार ने परीक्षा में नकल करने और करवाने वालों के लिए कड़ा कानून तैयार किया है. अब नकल माफियाओं पर करोड़ों रुपये का जुर्माना और उम्र कैद तक की सज़ा का प्रावधान होगा.

( Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 11 March 2026 11:16 AM IST

Anti cheating law in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में अब पब्लिक रिक्रूटमेंट एग्जाम में नकल का सहारा लेने वाले छात्रों और गिरोहों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चाहे स्टूडेंट हो या संगठित नकल गिरोह, नियम तोड़ने वालों पर अब लाखों नहीं, करोड़ों रुपये का जुर्माना और जेल की सजा तक हो सकती है.

इतना ही नहीं, इस कानून में कई सालों की जेल का भी प्रावधान है. ऐसे में छात्रों और गिरोहों के लिए यह चेतावनी है कि किसी भी तरह का अनुचित साधन अपनाना भारी पड़ सकता है. चलिए जानते हैं क्या है ये एंटी-चीटिंग लॉ?

1. सवाल: छत्तीसगढ़ में नया एंटी-चीटिंग कानून क्या है?

जवाब: राज्य सरकार 'लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026' ला रही है. यह विधेयक बजट सत्र में पेश होगा, जो नकल माफियाओं और परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती से नकेल कसेगा. पिछली भर्ती घोटालों के बाद भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच कराई है, और अब यह कानून युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा.जुर्माने और सजाओं का प्रावधान क्या है?

2. सवाल: नकल करने पर कितनी सजा और जुर्माना लगेगा?

जवाब: नकल करते पकड़े गए कैंडिडेट्स को 1 से 5 साल की जेल हो सकती है. साथ ही, अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

3. सवाल: नकल माफिया गिरोहों को क्या सजा मिलेगी?

जवाब: संगठित नकल कराने वाले गिरोहों के सदस्यों को कम से कम 5 से 10 साल की कैद का प्रावधान है और पकड़े जाने पर अधिकतम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगेगा. बार-बार अपराध पर आजीवन कारावास तक की सजा भी हो सकती है.

4. सवाल: परीक्षा में कौन-कौन सी हरकतें नकल या गड़बड़ी गिनी जाएंगी?

  • जवाब: किसी परीक्षा में नकल करना या दूसरों को नकल करवाना
  • प्रश्नपत्र लीक करना, खुद लेना या उसकी साजिश रचना
  • एग्जाम रूम में शरीर, कपड़े, फर्नीचर या किसी चीज पर निशान, शब्द या चीटिंग कंटेंट लिखना
  • OMR शीट, जवाब की कॉपी या असेसमेंट रिकॉर्ड में छेड़छाड़

5. सवाल: संगठित और तकनीकी अपराध क्या शामिल होंगे?

जवाब: यह कानून सिर्फ छात्रों तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसमें संगठित गिरोह और तकनीक के जरिए होने वाले अपराध भी शामिल हैं:

  • फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली एग्जाम होस्ट करना
  • नकली एडमिट कार्ड या अपॉइंटमेंट लेटर जारी करना
  • परीक्षा से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क या तकनीक में गैरकानूनी दखल
  • मेरिट लिस्ट या रैंक तय करने वाले डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर
  • नकली प्रश्नपत्र को असली बताकर पैसे कमाने के लिए फैलाना
  • एग्जाम डेट या शिफ्ट में गड़बड़ी करना

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