'दे दे बुलउवा मुसवा को विष्णु' से लेकर 'पकड़ागे मुसवा मन रे' तक, बीजेपी-कांग्रेस के बीच फाग गीतों के जरिए छिड़ी जंग

छत्तीसगढ़ में होली से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच फाग गीतों के जरिए सियासी तकरार शुरू हो गई. भूपेश बघेल के 'मुसवा' तंज के जवाब में भाजपा ने भी गीत जारी कर कथित घोटालों पर हमला बोला. मामला अब सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए तेज राजनीतिक वार-पलटवार में बदल गया है.

होली पर छिड़ी सियासी जंग: फाग गीतों में भाजपा-कांग्रेस का आरोप-प्रत्यारोप

(Image Source:  x.com/caamitchimnani.bhupeshbaghel )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 3 March 2026 1:34 AM IST

Muswa Fag Geet Political Row Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस बार होली सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तंज और आरोपों की भी खुलकर बरसात हुई. त्योहार के मौके पर भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच फाग गीतों के जरिए सियासी जंग छिड़ गई, जो अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है. विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर में फाग गीत की धुन पर 'दे दे बुलउवा मुसवा को सांय-सांय, मुसवा बिन घोटाला नई होय...' गाया. यह गीत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर तंज माना गया.

दरअसल, कवर्धा में करीब 7 करोड़ रुपये के धान खराब होने के मामले में चूहों को जिम्मेदार बताए जाने को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर निशाना साध रही है. बघेल के गीत के बाद माहौल ठहाकों से गूंज उठा, लेकिन जवाब भी तुरंत आया.


भाजपा ने क्या कहा?

भाजपा की ओर से प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने उसी अंदाज में पलटवार करते हुए गीत गाया, जिसमें कथित शराब और कोयला घोटाले का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं पर हमला बोला गया. गीत में कहा गया कि 'मुसवा मन पकड़ागे' यानी भ्रष्टाचार करने वाले पकड़े जा चुके हैं, कोई जेल में है तो कोई बेल पर.




बीजेपी-कांग्रेस में छिड़ा कार्टून वार

इसके बाद यह सियासी तकरार इंटरनेट मीडिया पर और तेज हो गई. भाजपा और कांग्रेस दोनों ने वीडियो, कार्टून और पोस्ट के जरिए एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगा दी. भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक कार्टून साझा कर बघेल को निशाने पर लिया और कथित घोटालों से जोड़ते हुए हमला बोला. एक वीडियो में राहुल गांधी और पूर्व अधिकारी सौम्या चौरसिया का भी जिक्र किया गया. वहीं भाजपा विधायक और लोक कलाकार अनुज शर्मा ने भी 'जरगे कांग्रेसिया मन के जान रे...' गीत जारी कर सरकार की उपलब्धियां और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का दावा किया.



कांग्रेस ने कवर्धा के धान घोटाले को बनाया मुद्दा

कांग्रेस भी पीछे नहीं रही. पार्टी नेताओं ने फिर 'मुसवा' वाले तंज को आगे बढ़ाते हुए नया फाग गीत जारी किया और कवर्धा के धान घोटाले को मुद्दा बनाया. दरअसल, दो केंद्रों पर करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई थी. जिला विपणन अधिकारी ने कहा था कि धान चूहों या दीमकों ने खाया हो सकता है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया.



इस तरह होली के रंगों के बीच छत्तीसगढ़ में फाग गीतों के जरिए शुरू हुई सियासी जंग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुली लड़ाई में बदल गई है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोपों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

Similar News