श्मशान घाट में बुलडोजर चलते ही रोने लगे 'भूत'! Viral Video ने मचाया हड़कंप, JBC छोड़ भागा ड्राइवर

सरगुजा के घाटबर्रा गांव में कोयला खदान विस्तार के दौरान श्मशान घाट से डरावनी आवाजें आने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि इस घटना की आधिकारिक पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है.

( Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 23 Feb 2026 6:39 PM IST

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर संभाग के उदयपुर क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि कोल माइंस एक्सटेंशन के दौरान श्मशान घाट पर बुलडोजर चलाते समय महिलाओं के रोने-चिल्लाने जैसी डरावनी आवाजें सुनाई दीं.

घाटबर्रा गांव की इस कथित घटना के बाद इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल है. बताया जा रहा है कि जेसीबी चालक ने आवाज रिकॉर्ड की, लेकिन बाद में वह घबराकर मशीन छोड़कर भाग गया. यह भी चर्चा है कि घटना के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और फिलहाल रात में खनन कार्य रोक दिया गया है. हालांकि इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले के उदयपुर इलाके के घाटबर्रा गांव में कोयला खदान के विस्तार का काम चल रहा है. इसी दौरान श्मशान घाट के पास जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी.

बताया जाता है कि रात के समय काम के दौरान ड्राइवर को किसी महिला के रोने और चीखने जैसी आवाज सुनाई दी. पहले उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन आवाज लगातार आने लगी तो उसने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. दावा है कि कुछ देर बाद वह घबराकर मशीन मौके पर ही छोड़कर भाग गया.

क्या JCB चालक बीमार हो गया?

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि घटना के बाद जेसीबी चालक की तबीयत बिगड़ गई. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट के आसपास 'आत्माएं भटक रही हैं' और वे श्मशान को बचाने के लिए डरावनी आवाजों के जरिए विरोध जता रही हैं.

क्या रात की माइनिंग रोक दी गई है

घटना के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है. चर्चा है कि फिलहाल रात के समय मशीनों से खुदाई का काम बंद कर दिया गया है. हालांकि प्रशासन या खनन कंपनी की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

क्या वायरल वीडियो में नजर आ रहा 'भूत'?

वीडियो के साथ एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे कुछ लोग 'भूत की फोटो' बता रहे हैं. दावा है कि यह तस्वीर भी जेसीबी चालक ने ही ली थी. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में वीडियो और फोटो की सत्यता की जांच जरूरी होती है. सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को बिना पुष्टि सच मान लेना उचित नहीं है. अब तक इस वायरल वीडियो और कथित घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. स्थानीय स्तर पर जांच की मांग की जा रही है, लेकिन किसी भी तरह की अंधविश्वास वाली बातों की पुष्टि प्रशासन ने नहीं की है.

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