भारत के सबसे बड़े स्टील प्लांट में से एक भिलाई में कैसे हुआ ब्लास्ट? 7 मजदूर झुलसे, कुछ की हालत गंभीर

छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित भिलाई स्टील प्लांट की टरबाइन यूनिट में अचानक आग लगने से 7 मजदूर घायल हो गए. दमकल टीम की तेजी से बड़ी अनहोनी टल गई, जबकि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.

भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग(Image Source:  X: @anshuman_sunona )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 7 April 2026 3:26 PM IST

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट की एक यूनिट में अचानक आग लग गई. इस हादसे में कम से कम 7 मजदूर घायल हो गए. यह घटना भिलाई स्टील प्लांट की एसटीजी-4 टरबाइन इकाई (STG-4 Turbine Unit) में हुई. सुबह करीब 10 बजे अचानक आग भड़क उठी, जिससे पूरे टरबाइन हॉल में घना काला धुआं फैल गया. धुएं की वजह से वहां काम कर रहे मजदूरों में काफी घबराहट फैल गई. सूचना मिलते ही प्लांट की अपनी दमकल टीम ने तुरंत एक्शन लिया. उन्होंने तीन दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजीं. दमकल कर्मचारियों की तेजी और मेहनत से कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. बड़ी अनहोनी को टाल लिया गया.

अधिकारियों के अनुसार, इस आग में कुल 7 मजदूर घायल हुए हैं. इनमें से कुछ मजदूरों को आग की लपटों से जलने की चोटें आई हैं. सभी घायल मजदूरों को तुरंत इलाज के लिए भिलाई के पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (Pt. Jawaharlal Nehru Hospital) में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि सभी सातों घायलों को भर्ती कर लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है. कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. आग लगने के असली कारण का पता लगाने और इस हादसे में कितना नुकसान हुआ है, इसकी अब जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ पता चलेगा कि आग किस वजह से लगी. 

भिलाई स्टील प्लांट के बारे में 

भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) भारत के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण स्टील प्लांटों में से एक है. यह छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले में भिलाई शहर में स्थित है. इसकी स्थापना 1955 में हुई थी. उस समय पूर्व सोवियत संघ (रूस) की सरकार ने भारत को तकनीकी मदद और आर्थिक सहायता दी थी. आज यह प्लांट स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधीन चलता है. भिलाई स्टील प्लांट ने भारत के औद्योगिक विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. खासकर देश की सड़कों, पुलों, इमारतों, रेलवे और रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने में इस प्लांट का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है. यह प्लांट कई तरह के स्टील प्रोडक्ट बनाता है, जैसे:

भारतीय रेलवे के लिए लंबी रेल पटरियां (रेलवे ट्रैक)

भारी संरचनात्मक इस्पात

मोटी प्लेटें

तार की छड़ें आदि

मजदूरों को हर मदद का आश्वासन

भारतीय रेलवे नेटवर्क के लिए लंबी रेल पटरियों का यह प्लांट एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है. इसलिए परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में इसका बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व है. समय के साथ प्लांट की उत्पादन क्षमता, दक्षता और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई बार मॉडर्नाइजेशन किया गया है. आज भी भिलाई स्टील प्लांट SAIL की सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण यूनिट्स में से एक है. यह भारत के कुल स्टील उत्पादन में अपना खास योगदान देता है. इस घटना में घायल हुए सभी मजदूरों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की जा रही है. प्लांट प्रशासन ने मजदूरों के परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है. आग की जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी मिलने पर ही साफ होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।ऐसी औद्योगिक घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि बड़े प्लांटों में सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन करना कितना जरूरी है. 

Similar News