Chhattisgarh: 4,800 मुर्गियों की रहस्यमयी मौत, जांच में निकला Bird Flu, गाइडलाइंस जारी, क्यां इंसानों में फैलती है ये बीमारी?

बिलासपुर के कोनी इलाके में हजारों मुर्गियों की अचानक मौत ने हड़कंप मचा दिया, जहां जांच में Avian Influenza की पुष्टि हुई है. स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने इलाके को संक्रमित और निगरानी जोन घोषित कर सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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Chhattisgarh Bird Flu: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी इलाके में उस वक्त दहशत फैल गई, जब राज्य सरकार के पोल्ट्री फार्म में अचानक करीब 4,744 मुर्गियों की मौत हो गई. जांच में सामने आया कि इनकी मौत बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की वजह से हुई है.

इस घटना के बाद प्रशासन और अलग-अलग विभागों ने वायरस के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है. इलाके में लोगों की जांच शुरू कर दी गई है. फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों की ब्लड टेस्ट किया गया था, जो नेगेटिव आया है.

सरकारी पोल्ट्री फार्म में कुल 5,037 मुर्गियां थीं. पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि 19 मार्च से 24 मार्च के बीच बड़ी संख्या में मुर्गियों की रहस्यमयी मौत होने लगी. सोमवार को सैंपल लेकर भोपाल और पुणे की लैब में जांच के लिए भेजे गए, जहां मंगलवार देर रात रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई.

प्रशासन ने क्या की कार्रवाई?

  • उन्होंने बताया कि तुरंत कार्रवाई करते हुए 22,808 चूजों और अन्य पक्षियों को दफना दिया गया.
  • साथ ही 80 क्विंटल चारा और प्लास्टिक के बर्तनों को भी जमीन में दबाया गया है. स्टील और लोहे के सामान को सैनिटाइज किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
  • फार्म में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के सैंपल भी जांचे गए हैं और फिलहाल सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
  • प्रशासन ने फार्म के 1 किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र और 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है.
  • संक्रमित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गियों, चारे और अंडों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया गया है.
  • इस इलाके से पोल्ट्री, अंडे और इससे जुड़े सामान के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
  • पशुपालन विभाग प्रभावित लोगों को मुआवजा देगा. साथ ही इलाके में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है कि वे अपने पक्षियों को न बेचें और उन्हें घर के अंदर रखें.
  • प्रशासन ने 1 से 10 किलोमीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर भी रोक लगा दी है.
  • अधिकारियों ने साफ किया है कि इस क्षेत्र में किसी भी पक्षी का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

लोगों से क्या कर रहा है अपील?

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास मौजूद पक्षियों की अचानक मौत होती है तो तुरंत इसकी सूचना दें. जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन में आवाजाही सीमित कर दी है, सघन सैंपलिंग और वैज्ञानिक तरीके से पक्षियों को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है.

क्या स्थानीय लोगों पर होगा असर?

स्वास्थ्य विभाग को स्थानीय लोगों की सेहत पर नजर रखने और जरूरी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पशुपालन विभाग आसपास के पोल्ट्री फार्म की जांच करेगा और नियमों का सख्ती से पालन कराएगा.

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें. पोल्ट्री फार्म मालिकों से कहा गया है कि वे पक्षियों की असामान्य मौत की तुरंत सूचना दें और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें. कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद फार्म को सील कर दिया जाएगा.

क्या इंसानों को हो सकता है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू यानी Avian Influenza इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है, लेकिन इसके मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं. यह बीमारी आमतौर पर संक्रमित पक्षियों या उनके संपर्क में आने से फैलती है, खासकर उनके लार, मल या दूषित माहौल के जरिए. हालांकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता, लेकिन अगर कोई इंसान इसकी चपेट में आ जाए तो यह गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है.

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