नवरात्रि में मौत का झूला! खल्लारी मंदिर का रोपवे टूटा, 20 फीट नीचे गिरी ट्रॉली; 1 की मौत 17 घायल- देखिए VIDEO

छत्तीसगढ़ के महासमुंद स्थित खल्लारी माता मंदिर में रोपवे केबल टूटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की मौत और 17 लोग घायल हो गए. नवरात्रि की भीड़ के बीच हुए इस हादसे ने सुरक्षा और मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

( Image Source:  @Benarasiyaa- X )

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नवरात्रि के पावन मौके पर बड़ा हादसा हो गया. खल्लारी माता मंदिर जाने वाले रोपवे का केबल अचानक टूट गया, जिससे भगदड़ और चीख-पुकार मच गई. इस दर्दनाक हादसे में एक महिला की जान चली गई, जबकि 17 श्रद्धालु घायल हो गए.

रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. करीब 3000 फीट ऊंचाई पर स्थित इस पहाड़ी मंदिर तक पहुंचने के लिए लोग रोपवे का सहारा लेते हैं, लेकिन बीच रास्ते में ही केबल टूटने से कई केबिन नीचे गिर गए और कई लोग घायल हो गए.

क्या हुआ था हादसे के वक्त, कैसे टूटा रोपवे?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रोपवे केबल अचानक बीच रास्ते में टूट गया. इससे केबिन अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़े. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

क्यों खतरनाक साबित हुआ यह मंदिर का रास्ता?

खल्लारी माता मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए रोपवे का उपयोग किया जाता है. नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे दबाव भी बढ़ जाता है. इसी भीड़ के बीच यह हादसा हुआ, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कितने लोग घायल हुए और क्या है उनकी हालत?

इस हादसे में कुल 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई. पांच घायलों को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.

क्या रोपवे की देखभाल में लापरवाही हुई?

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर रोपवे की मेंटेनेंस में कहीं चूक तो नहीं हुई? प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और तकनीकी खामियों के साथ-साथ संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है.

क्या नवरात्रि जैसी भीड़ में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे?

नवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर हर साल यहां भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में सुरक्षा और तकनीकी जांच को और सख्त होना चाहिए था. इस हादसे ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है और अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.

Similar News