हॉस्टल में रहने वालीं तीन लड़कियां कैसे हुईं प्रेग्नेंट? विधानसभा में मचा हंगामा, कांग्रेस विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट

बीजापुर के गंगालूर में तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस ने सरकार पर घटना दबाने का आरोप लगाया, जबकि शिक्षा मंत्री ने कहा कि दो छात्राएं हॉस्टल में रहती ही नहीं थीं. मुद्दे पर चर्चा की मांग ठुकराए जाने के बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया.

बीजापुर हॉस्टल में तीन छात्राओं के गर्भवती होने पर विधानसभा में हंगामा

(Image Source:  instagram.com/rochak_tathya_yatra )
By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 16 March 2026 7:11 PM IST

Bijapur Gangaloor School Hostel Case: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसे लेकर विधानसभा में भी हंगामा हुआ. विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गंगालूर के पोर्टा केबिन हाई स्कूल हॉस्टल में रहने वाली तीन नाबालिग छात्राएं गर्भवती पाई गईं. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार से विधानसभा में चर्चा कराने की मांग की.

सोमवार को विधानसभा में Vikram Mandavi, नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant और पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel समेत कई कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. उनका कहना था कि जैसे ही छात्राओं के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, उन्हें तुरंत घर भेज दिया गया और बाद में यह कहा गया कि वे हॉस्टल में रहती ही नहीं थीं.

कांग्रेस विधायकों ने क्या कहा?

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि यह घटना अनुसूचित क्षेत्र में हुई है और यह बेहद गंभीर मामला है. इससे सरकारी छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की सही जांच कराने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

स्कूल शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

इस पर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि तीन में से दो छात्राएं हॉस्टल में रहती ही नहीं थीं. वे कक्षा 11 और 12 की छात्राएं हैं और गंगालूर के Swami Atmanand Hindi Medium School में पढ़ती हैं.  दोनों अपने घर से आना-जाना करती थीं. मंत्री ने यह भी बताया कि तीसरी छात्रा पहले पोर्टा केबिन हॉस्टल में रहती थी, लेकिन 18 अक्टूबर 2025 को दिवाली की छुट्टियों में घर गई थी और उसके बाद वापस नहीं लौटी. बाद में परिवार से संपर्क करने पर पता चला कि उसने स्वेच्छा से कहीं और रहने का फैसला किया है. उसे हॉस्टल से निकाला नहीं गया था.

मंत्री के जवाब से क्यों संतुष्ट नहीं हुए कांग्रेस विधायक?

हालांकि मंत्री का जवाब विपक्ष को संतुष्ट नहीं कर सका. कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाया, लेकिन उस समय सदन की अध्यक्षता कर रहे Dharamjeet Singh ने इसे मंजूरी नहीं दी. इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर मंत्री का जवाब बेहद चिंताजनक और असंवेदनशील था. इसलिए विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया.

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