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अब नहीं चलेगी मनमानी! सरकार ने हजार से ज्यादा LPG सिलेंडर किए जब्त, जानें क्यों लिया जा रहा ये एक्शन

अब एलपीजी सिलेंडर को लेकर सरकार सख्त हो गई है और बड़ी कार्रवाई करते हुए हजार से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं. यह कदम गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है.

lpg cylinder
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 19 March 2026 4:17 PM IST

जहां देश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर संकट बना हुआ है. वहीं, कुछ लोग अभी भी धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, घरेलू LPG सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार अब सख्त मूड में नजर आ रही है. हाल ही में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई में हजार से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं.

इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब नियमों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा. इस कदम के पीछे सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ी चिंता भी छिपी हुई है. आखिर क्यों अचानक इतनी सख्ती बढ़ाई गई? चलिए जानते हैं पूरा मामला.

1000 से अधिक सिलेंडर जब्त

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में 214 जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है. इन कार्रवाइयों में कुल 1,013 घरेलू LPG सिलेंडर जब्त किए गए हैं. सबसे ज्यादा मामले रायपुर जिले से सामने आए हैं, जहां 392 सिलेंडर पकड़े गए. इसके बाद बिलासपुर में 201 सिलेंडर जब्त किए गए.

क्यों हो रही है ये कार्रवाई?

अक्सर देखा जाता है कि घरेलू गैस सिलेंडर, जो सब्सिडी के तहत सस्ते मिलते हैं, उन्हें होटल, ढाबों और अन्य कमर्शियल जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है. इससे असली जरूरतमंद लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पाती. इसी समस्या को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है.

सप्लाई को बेहतर बनाने के निर्देश

इस पूरे अभियान की समीक्षा खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले की अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई. बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि LPG की सप्लाई हर जिले में सुचारू रूप से बनी रहनी चाहिए और निगरानी और सख्त की जाए. इसके अलावा, लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने गैस बुकिंग के कई ऑप्शन्स को बढ़ावा देने का फैसला किया है. अब कंज्यूमर मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप, IVRS और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से सिलेंडर बुक कर सकते हैं.

सरकार कैसे सप्लाई कर रही एलपीजी?

सरकार ने कमर्शियल LPG के लिए प्राथमिकता आधारित डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू किया है. इसके तहत अस्पताल, स्कूल, सेना, जेल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट कैंटीन जैसी जरूरी सेवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार गैस दी जाएगी. वहीं, सरकारी दफ्तरों, गेस्ट हाउस और अन्य कमर्शियल संस्थानों को उनके पिछले इस्तेमाल के हिसाब से सीमित मात्रा में गैस दी जाएगी, ताकि किसी तरह की कमी न हो.

शिकायत के लिए क्या करें?

फूड डिपार्टमेंट ने टोल-फ्री नंबर भी चालू रखे हैं, जहां लोग गैस बुकिंग या सप्लाई से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन शिकायतों का जल्द समाधान किया जा रहा है. सरकार ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. इसका मकसद यही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कोई कमी न हो और गलत इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.

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