मर्डर, अपहरण, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित 27 मुकदमों में आरोपी पप्पू यादव की क्या है क्रिमिनल हिस्ट्री?

हत्या, अपहरण, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोपों में नाम आने वाले पप्पू यादव का राजनीतिक सफर विवादों से घिरा रहा है. आर्म्स एक्ट समेत 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. क्या है, उनके खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी लिस्ट और तिहाड़ जेल तक पहुंचने की कहानी.;

( Image Source:  Pappun yadav facebook )
Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 7 Feb 2026 3:39 PM IST

बिहार की राजनीति में पप्पू यादव एक ऐसा नाम हैं, जो जितना चुनावी मैदान में चर्चा में रहा, उतना ही अदालतों और एफआईआर की फाइलों में भी. हत्या से लेकर अपहरण, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट तक, अलग-अलग समय में उन पर 27 से अधिक मुकदमे आईपीसी और बीएनएस की 48 धाराओं में दर्ज हो चुके हैं. हालांकि, कई मामलों में उन्हें जमानत मिली या अदालत से राहत भी मिली. बावजूद इसके बिहार में उनके राजनीतिक समर्थक उन्हें ‘जननेता’ कहते हैं. जबकि आलोचक उनके अतीत को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर पप्पू यादव की क्रिमिनल हिस्ट्री क्या रही है और वह किस मामले में तिहाड़ जेल तक पहुंचे?

 पप्पू यादव की क्राइम कुंडली : तो देशद्रोह का आरोप लगना ही बाकी!  

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव 1990 में राजनीति में आए. माई नेता डॉट कॉम के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने खुद के खिलाफ 27 मुकदमों का जिक्र किया है. ज्यादातर मामलों में अभी अंतिम निर्णय अदालत से आना बाकी रहा या राहत मिल चुकी है. देशद्रोह को छोड़कर अपराध के लगभग हर छोटे बड़े मामलों में उनके मुकदमा दर्ज है. उनके खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में 31 मामले थे, जो 2024 में बढ़कर 41 हो गए. यह उनके लिए एक गंभीर कानूनी और राजनीतिक चुनौती है. उनमें :  

1. हत्या के प्रयास से संबंधित आरोप (IPC धारा-307).

2. हत्या के इरादे से अपहरण या अगवा करने से संबंधित 4 आरोप (IPC धारा-364).

3. चोरी से संबंधित 4 आरोप (IPC धारा-379).

4. हत्या से संबंधित 3 आरोप (IPC धारा-302).

5. खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित 3 आरोप (IPC धारा-324).

6.किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से अपहरण या अगवा करने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-365).

7. धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलवाने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-420).

8. आवासीय घर आदि में चोरी से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-380).

9. तीन या अधिक दिनों तक गलत तरीके से कैद करने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-343)

डकैती से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-395).

10. जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-325).

11. जबरन वसूली से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-384).

12. धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भाव बनाए रखने के लिए पूर्वाग्रह पूर्ण कार्य करने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-153A).

13. दंगा करने के लिए सजा से संबंधित 6 आरोप (IPC धारा-147).

14. गैरकानूनी सभा का प्रत्येक सदस्य सामान्य उद्देश्य के लिए किए गए अपराध का दोषी होगा (IPC धारा-149).

15. घातक हथियार से लैस होकर दंगा करने से संबंधित 5 आरोप (IPC धारा-148).

16. सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित 4 आरोप (IPC धारा-353).

17. सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित 3 आरोप (IPC धारा-332)

जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित 3 आरोप (IPC धारा-323).

18. डकैती करने के उद्देश्य से इकट्ठा होने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-402).

19. किसी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट के डर से जबरन वसूली करने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-386).

20. डकैती करने की तैयारी करने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-399).

21. घर में घुसने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-448).

22. 2 आरोप संबंधित आपराधिक धमकी (IPC धारा-506).

23. दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य से चोट पहुँचाने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-337)

24. पचास रुपये की राशि का नुकसान पहुंचाने वाली शरारत से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-427).

25. मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे वाली संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-404).

26. घातक हथियार से लैस गैरकानूनी सभा में शामिल होने से संबंधित 2 आरोप (IPC धारा-144).

27. किसी अन्य व्यक्ति की कानूनी गिरफ्तारी का विरोध या बाधा डालने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-225).

28. राष्ट्रीय एकता के लिए पूर्वाग्रह पूर्ण आरोप, अभिकथन से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-153B).

29. कारावास से दंडनीय अपराध करने की योजना छिपाने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-120).

30. संपत्ति की निजी रक्षा के अधिकार का प्रारंभ और निरंतरता से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-105).

31. गलत तरीके से कैद करने से संबंधित 1 आरोप। (IPC धारा-340).

32. लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने से संबंधित 1 आरोप (IPC धारा-186)

33. स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित 1 आरोप। (IPC धारा-321).

34. आरोप जबरन कबूलनामा करवाने, या संपत्ति वापस दिलवाने के लिए गलत तरीके से कैद करने से संबंधित (IPC धारा-348)

35.  आपराधिक साजिश की सज़ा से संबंधित (IPC धारा-120B).

36. सजा में छूट की शर्त का उल्लंघन से संबंधित (IPC धारा-227).

37. अपराध के सबूत मिटाने, या अपराधी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देने से संबंधित (IPC धारा-201).

38. घर वगैरह को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से नुकसान पहुंचाना (IPC धारा-436).

39. सरकारी कर्मचारी द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा से संबंधित (IPC धारा-188).

40. सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना (IPC धारा-333).

41. गैरकानूनी सभा का सदस्य होना (IPC धारा-143).

42. शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना (IPC धारा-504).

43. उकसाने की सजा, यदि उकसाया गया कार्य किया जाता है और जहां इसकी सजा के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है (IPC धारा-109).

44. चोट, हमला या गलत तरीके से रोकने की तैयारी के बाद घर में घुसना (IPC धारा-452).

45. आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दंडनीय अपराध करने का प्रयास करना (IPC धारा-511).

46. सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन न करते हुए अनुपस्थित रहना (IPC धारा-174).

47. आरोप विद्रोह को उकसाना, या किसी सैनिक, नाविक या वायु सैनिक को उसके कर्तव्य से बहकाने का प्रयास करना (IPC धारा-131).

48. आरोप आपराधिक कृत्य में शामिल व्यक्ति अलग-अलग अपराधों के दोषी हो सकते हैं (IPC धारा-38).

अजीत सरकार हत्याकांड: तिहाड़ जेल तक कैसे पहुंचे?

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के लिए सबसे चर्चित मामला 1998 में CPI(M) विधायक अजीत सरकार हत्याकांड से जुड़ा है.  इस केस में पप्पू यादव का नाम सामने आया. पप्पू यादव को अजीत सरकार हत्याकांड मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद तिहाड़ जेल भेजा गया था. वह 2005 से 2013 तक तिहाड़ जेल में रहे. उन्होंने हाई कोर्ट से राहत मिलने से पहले निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी.

विभिन्न समय पर अपहरण और रंगदारी से जुड़े मामलों में भी उनका नाम दर्ज हुआ. कुछ मामलों में धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से जुड़े आरोप भी लगाए गए. अवैध हथियार रखने के आरोप में भी मुकदमे दर्ज किए गए. चुनावी अवधि के दौरान आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े केस भी दर्ज हुए.

 

 राजनीति और विवाद के साये से कभी बाहर क्यों नहीं निकले?

एक तरफ पप्पू यादव खुद को गरीबों और पिछड़ों की आवाज बताते हैं, तो दूसरी तरफ उनका आपराधिक रिकॉर्ड राजनीतिक विरोधियों के लिए बड़ा मुद्दा रहा है. समय-समय पर उन्होंने कई आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है.

 राजनीति और बाहुबल का सवाल

पप्पू यादव की क्रिमिनल हिस्ट्री बिहार की उस राजनीतिक संस्कृति का भी आईना है, जहां बाहुबल और जनाधार का समीकरण लंबे समय से चर्चा में रहा है. हालांकि, अंतिम फैसला अदालतों के हाथ में होता है और कई मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है.

इस बार सुर्खियों में क्यों पप्पू यादव?

दरअसल, पप्पू यादव की क्रिमिनल हिस्ट्री बिहार की उस राजनीति का आईना मानी जाती है, जहां बाहुबल और जनाधार साथ-साथ चलते रहे हैं. हालांकि, अंतिम फैसला अदालतों के हाथ में होता है और कई मामलों में उन्हें राहत भी मिल चुकी है. फिलहाल, 31 साल पुराने मामले अदालत से वारंट जारी होने के बाद बीती रात पटना पुलिस ने संसदीय सत्र में भाग लेने के बाद पटना लौटते ही गिरफ्तार कर लिया. यही वजह है कि इस बार वह अपनी गिरफ्तारी की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में हैं.

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