यही देखना बाक़ी रह गया है- क्या शराब पीकर तेजस्वी पहुंचे विधानसभा, क्‍या दवा में इतना नशा होता है?

बिहार विधानसभा में बजट सेशन के दौरान तेजस्वी यादव बहकते हुए नजर आए. उनके बोलने से लग रहा था कि शायद उन्होंने शराब पी हुई है. सोशल मीडिया पर यूजर्स उनकी इसी बात को लेकर चुटकी लेते नजर आ रहे हैं.;

( Image Source:  @RJDforIndia )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 7 Feb 2026 10:59 AM IST

Tejashwi Yadav in Bihar Assembly: बिहार विधानसभा सेशन के दौरान आरजेडी चीफ तेजस्वी यादव थोड़े बहकते नजर आए. वह बोलते हुए भी अटक रहे थे और उनके बोलने के अंदाज से लोग कह रहे हैं कि वह शराब के नशे में थे. दरअसल, विधानसभा बजट सेशन के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला, लेकिन अपने शब्दों को वह सही तरह से पेश नहीं कर पा रहे थे.

हालांकि, तेजस्वी यादव का कहना था कि उनका नाखून उखड़ा हुआ था और उन्होंने इसके लिए दवा ली हुई थी. इस दौरान उन्होंने बैठकर बोलने की अनुमति की भी मांग की थी. लेकिन तेजस्वी जिस तरह से बोल रहे थे उससे लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि शायद उन्होंने कुछ नशीली चीज ली हुई थी.

तेजस्वी शराब के नशे में? क्या बोले सोशल मीडिया यूज़र्स?

एक यूजर चुटकी लेते हुए लिखता है कि बिहार में तो शराब बंद है तो तेजस्वी दारू कैसे पी सकते हैं, सरकार आपकी है तो चेक करो. वहीं एक दूसरे यूजर ने अपने गुस्सा ज़ाहिर करते हुए लिखा, ये देश संभालेंगे- जनता ऐसे-ऐसे लोगों को वोट देती है. वहीं एक तीसरा यूजर लिखता है कि ऐसे लोग संविधान का मजाक बना हैं, कभी ये लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर लहराते हैं.

क्या तेजस्वी ने महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान दिया?

तेजस्वी ने इस दौरान महिलाओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएं बिकती हैं. इस बयान के बाद बिहार की विधानसभा में खूब हंगामा हुआ. दरअसल, तेजस्वी यादव ने कहा था कि बिहार सरकार महिलाओं की सम्मान की बात करती है, लेकिन उत्तराखंड के बीजेपी के एक नेता कहते हैं कि बिहार की महिलाएं बिकती हैं. बिहार में महिलाओं को खरीदा जाता है. उनके इस खिताब पर विधानसभा में खूब हंगामा होता दिखाई दिया.

अपने भाषण के दौरान तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी-एनडीए ने उन्हें हराने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए थे. जिस पर बीजेपी का भी बयान सामने आया. सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि यह बिहार की महिलाओं का अपमान है और यह पूरे देश में हुए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी अपमान है.

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