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31 साल पुराने केस में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, रातभर हंगामा, बोले- मेरी जान को खतरा

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 1995 के एक पुराने धोखाधड़ी मामले में देर रात गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी से पहले उनके समर्थकों ने विरोध किया, जबकि सांसद ने अपनी जान को खतरा बताया.

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( Image Source:  Instagram: pappuyadavjapl )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 7 Feb 2026 7:47 AM IST

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव जिनका पूरा नाम राजेश रंजन है, को हाल ही में पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना शुक्रवार की देर रात हुई, जब पुलिस उनके पटना स्थित आवास पर पहुंची. गिरफ्तारी का कारण एक बहुत पुराना मामला है, जो साल 1995 का है यानी लगभग 31 साल पुराना. पुलिस जब उनके घर पहुंची तो वहां काफी हंगामा मच गया. उनके समर्थक पुलिस से बहस करते रहे और पुलिस को रोकने की कोशिश भी की गई. करीब 2-3 घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही. आखिरकार रात करीब 12 बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

पप्पू यादव ने गिरफ्तारी के दौरान पत्रकारों से बात की और काफी परेशान नजर आए. उन्होंने कहा, 'मेरी तबीयत ठीक नहीं है... मुझे नहीं पता कि मेरे साथ आगे क्या होगा या मुझे कहां ले जाया जा रहा है.' उन्होंने अपनी जान को खतरा भी बताया और डर जताया कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा था कि पुलिस वाले सादे कपड़ों में आए थे, जिससे उन्हें लगा कि शायद कोई गलत इरादा लेकर आए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पुलिस थाने नहीं जाएंगे, बल्कि सीधे अदालत जाना चाहते हैं. उनका कहना था कि अदालत ने उन्हें अगले दिन तलब किया था और अगर जरूरी हो तो उन्हें घर में ही नजरबंद रखा जा सकता है. उन्होंने यह भी पूछा कि इतने साल पुराने मामले में अब अचानक गिरफ्तारी की क्या जरूरत है?.

कौन सा कानून है

वहीं पप्पू यादव ने अपने इंस्टा हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, 'गौर से देखिए इस रेड जैकेट वाले को, खुद को इंस्पेक्टर बता रहे हैं और रात के साढ़े 10 बजे कमर में पिस्टल बांध कर मुझे अरेस्ट करने आए हैं. नाम दीपक बता रहा है कह रहे हैं कानून का पालन कीजिए. अगर ये पुलिस हैं, तो इन्हें ये बताना चाहिए कि कौन सा कानून कहता है कि आप रात गए सिविल में आकर लोकसभा सदस्य के साथ अपराधियों जैसा सुलूक करें. जबकि मुझे कोर्ट ने बुलाया है और कोर्ट के आदेश का पालन करने मैं सदन की कार्यवाही खत्म होते ही आया हूं.'

क्या है 31 साल पुराना मामला

यह मामला पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन से जुड़ा है (कांड संख्या 552/1995) पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज था, जिसमें अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) आ चुकी है. इसमें धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी लगाई गई हैं. इन धाराओं का मतलब है धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में घुसना, धमकी देना और आपराधिक साजिश जैसी बातें. मामले की असल बात यह है कि 1995 में पप्पू यादव पर आरोप लगा था कि उन्होंने धोखे से एक मकान किराए पर लिया था और उसे अपने राजनीतिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया. मकान मालिक को सही जानकारी नहीं दी गई थी.

कोर्ट कई बार भेज चुकी है सदन

इस मामले में कोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी. अदालत ने उन्हें कई बार समन भेजा, लेकिन वे पेश नहीं हुए इसलिए कोर्ट ने पहले वारंट जारी किया, फिर संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया और आखिर में गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ. पटना सिटी के एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सांसद को तय तारीख पर अदालत में पेश होना था, लेकिन वे नहीं गए. इसलिए गिरफ्तारी जरूरी हो गई. उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू यादव को मेडिकल सुविधा दी गई है और उनका देखभाल करने वाला उनके साथ है. गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य को लेकर चिंता होने पर पुलिस ने उन्हें आईजीआईएमएस अस्पताल (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) में भर्ती कराया. वहां उनकी जांच हुई और फिर उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया. अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया जाना था.

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