बेटे की चिता भी नहीं हुई थी ठंडी, कलयुगी बाप ने मौत के महज 16 दिन बाद बहू से कर ली शादी; यूजर्स बोले-ससुर और बहू का रिश्ता...

बिहार के जहानाबाद जिले से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. बेटे की मौत के महज 16 दिन बाद ही बाप द्वारा अपनी ही बहू से विवाह करने की खबर ने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

( Image Source:  X/ @ChandanVer25374 )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On : 26 Feb 2026 2:47 PM IST

Bihar News: बिहार के जहानाबाद जिले से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. बेटे की मौत के महज 16 दिन बाद ही बाप द्वारा अपनी ही बहू से विवाह करने की खबर ने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्‍टेट मिरर अब WhatsApp पर भी, सब्‍सक्राइब करने के लिए क्लिक करें

यह मामला सामने आते ही गांव से लेकर जिले तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. जहां एक ओर इसे निजी सहमति से लिया गया फैसला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

बेटे की मौत के बाद बहू से शादी

जानकारी के अनुसार, जहानाबाद जिले के निवासी शंभू ठाकुर के बेटे की कुछ दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी. परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि इसी बीच शंभू ठाकुर और उनकी बहू शिल्पी ठाकुर की शादी की खबर सामने आ गई. बेटे के निधन के केवल 16 दिन बाद हुए इस शादी ने गांव में सनसनी फैला दी और लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे.

आपसी सहमति से हुई शादी

बताया जा रहा है कि यह विवाह दोनों की आपसी सहमति से हुआ है. शिल्पी ठाकुर ने अपने फैसले को लेकर कहा "उसकी उम्र अभी कम है और पूरी जिदगी सामने पड़ी है, इसलिए उसने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया." इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया, क्योंकि यह फैसला सामाजिक परंपराओं से हटकर माना जा रहा है.

पत्नी से अलग होकर बहू को बनाया जीवनसाथी

वहीं शंभू ठाकुर ने भी अपनी पत्नी से अलग होकर बहू को पत्नी बनाने का निर्णय लिया. गांव में यह बात तेजी से फैलते ही लोग हैरान रह गए. कुछ लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला है, जबकि अन्य इसे सामाजिक ढांचे के लिए गंभीर चुनौती मान रहे हैं.

सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे कमेंट

सोशल मीडिया पर ये खबर सामने आने के बाद यूजर्स भी तरह-तरह की कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा 'यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज की सोच और रिश्तों की सीमाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. कानून भले कुछ न कहे, लेकिन नैतिकता और सामाजिक मर्यादाओं पर बहस जरूरी है.' दूसरे यूजर ने लिखा 'भारतीय ग्रामीण समाज में ससुर और बहू का रिश्ता पिता-पुत्री के समान माना जाता है. बेटे की मृत्यु के मात्र 16 दिन बाद इस तरह का कदम उठाना समाज के एक बड़े वर्ग को नागवार गुजर रहा है. लोग इसे "सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन" मान रहे हैं.

वहीं तीसरे यूजर ने लिखा 'इस तरह के मामले में जांच होनी चाहिए कही बेटे की संदेहास्पद तौर पर तो बीमारी नहीं हुए थी. क्योंकि इतनी जल्दी इतने बड़े फैसले लेना संदेह पैदा करते है इस मामले में.'

फिलहाल इस पूरे मामले में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में यह मामला सिर्फ सामाजिक बहस तक ही सीमित नजर आ रहा है.

Similar News