परफॉर्मेंस से दो जवाब, SRH की कप्तानी न मिलने पर अभिषेक से बोले Yuvraj Singh; धोनी-कपिल से क्यों मांगी माफी?

Abhishek Sharma को SRH की कप्तानी न मिलने पर उनके मेंटर युवराज सिंह ने कहा कि ऐसा फैसला खिलाड़ी को निराश कर सकता है, लेकिन यही प्रेरणा भी बन सकती है. उन्होंने 2007 में धोनी को अचानक कप्तान बनाए जाने का उदाहरण दिया. इसके साथ ही, युवराज ने पिता योगराज सिंह के विवादित बयानों पर कपिल देव और धोनी से माफी भी मांगी.

धोनी ने अभिषेक शर्मा और धोनी पर दिया बड़ा बयान

(Image Source:  X@YUVSTRONG12 )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 3 April 2026 3:57 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने कप्तानी को लेकर चल रही बहस, Abhishek Sharma को कप्तानी न मिलने और पिता Yograj Singh के विवादित बयानों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कहा कि कप्तानी के फैसले कई बार खिलाड़ियों को निराश करते हैं, लेकिन यही निराशा आगे बढ़ने की प्रेरणा भी बन सकती है.

युवराज ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि 2007 में जब MS Dhoni को अचानक कप्तान बनाया गया, तब टीम में कई सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे और वे खुद उपकप्तान थे. इसके बावजूद धोनी को कप्तानी मिली और वही फैसला आगे चलकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे सफल निर्णय साबित हुआ.

अभिषेक शर्मा को कप्तानी न मिलने पर क्या बोले युवराज?

IPL 2026 में Sunrisers Hyderabad ने नियमित कप्तान Pat Cummins की गैरमौजूदगी में Ishan Kishan को कप्तान बनाया. इस फैसले के बाद कई फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए कि लंबे समय से टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे अभिषेक शर्मा को मौका क्यों नहीं दिया गया. युवराज सिंह, जो अभिषेक शर्मा के मेंटर भी माने जाते हैं, ने कहा कि ऐसा फैसला खिलाड़ी को मानसिक रूप से प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी वर्षों से टीम के लिए खेल रहा है, लगातार प्रदर्शन कर रहा है और फिर भी कप्तानी नहीं मिलती, तो निराशा होना स्वाभाविक है.

हालांकि, युवराज ने यह भी कहा कि इस निराशा को प्रेरणा में बदलना चाहिए. युवराज ने बताया कि उन्होंने खुद अभिषेक से बात की और कहा, "अगर आपको चोट लगी है तो और ज्यादा मेहनत करो, कप्तान का समर्थन करो और प्रदर्शन से जवाब दो."

MS Dhoni  के अचानक कप्तान बनने पर क्या बोले युवराज ?

युवराज ने 2007 का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय टीम में Harbhajan Singh और Virender Sehwag जैसे सीनियर खिलाड़ी थे, जबकि वे खुद उपकप्तान थे, लेकिन अचानक एमएस धोनी को कप्तानी दे दी गई. उस समय यह फैसला चौंकाने वाला था, लेकिन बाद में धोनी ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जिताकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. युवराज खुद 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे.

 युवराज ने क्यों मांगी कपिल देव और धोनी से माफी?

युवराज सिंह ने अपने पिता योगराज सिंह के विवादित बयानों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वे Kapil Dev और एमएस धोनी से माफी मांगना चाहते हैं. युवराज ने कहा, "मेरे पिता ने जो कहा, वो ठीक नहीं था. मैंने उनसे भी कहा कि ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए. मैं इन दोनों खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करता हूं." दरअसल, योगराज सिंह ने पहले दावा किया था कि उन्हें टीम से बाहर करने पर वे कपिल देव के घर पिस्तौल लेकर पहुंच गए थे. उन्होंने एमएस धोनी पर युवराज का करियर खराब करने का आरोप लगाया था. हालांकि IPL 2026 से पहले योगराज सिंह ने धोनी की तारीफ भी की और कहा कि उन्हें और 10 साल खेलना चाहिए.

योगराज सिंह पर क्या बोले युवराज?

युवराज सिंह ने बताया कि अब उनका और योगराज सिंह का रिश्ता बदल गया है. उन्होंने कहा कि अब वे कोच-स्टूडेंट की तरह नहीं बल्कि पिता-पुत्र की तरह बातचीत करते हैं और क्रिकेट पर चर्चा भी करते हैं. 

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