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'न इज्जत...न सम्मान मिला', युवराज सिंह ने सालों बाद संन्यास पर किया बड़ा खुलासा; जानें क्यों लेना पड़ा था रिटायरमेंट

युवराज सिंह ने अपने रिटायरमेंट को लेकर बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है. युवराज सिंह का मानना है कि उन्होंने अपने संन्यास का फैसला अचानक नहीं लिया था.

Yuvraj Singh Shocking Revelation Retirement
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Yuvraj Singh

( Image Source:  X/ @Shanu_3010 )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 29 Jan 2026 2:27 PM

Yuvraj Singh Retirement: वनडे वर्ल्ड कप 2011 में टीम इंडिया के हीरो रहे युवराज सिंह ने साल 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. फैंस को युवराज सिंह का ये फैसला काफी हैरान करने वाला लगा था, लेकिन इस दिग्गज को उस वक्त टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा था.

वहीं अब युवराज सिंह ने अपने रिटायरमेंट को लेकर बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है. युवराज सिंह का मानना है कि उन्होंने अपने संन्यास का फैसला अचानक नहीं लिया था बल्कि उनको क्रिकेट से ही खुशी नहीं मिल रही थी.

संन्यास पर युवराज सिंह का बड़ा खुलासा

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने हाल ही में पूर्व टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के साथ हुए एक पॉडकास्ट में अपने संन्यास के फैसले की असली वजह बताई. युवराज ने स्वीकार किया कि उस दौर में उन्हें क्रिकेट खेलते हुए खुशी नहीं मिल रही थी और यही उनके फैसले की सबसे बड़ी वजह बनी.

युवराज ने कहा ‘मुझे अपने खेल में मजा नहीं आ रहा था. मेरे मन में बार-बार यह सवाल आता था कि जब मुझे क्रिकेट खेलने में खुशी ही नहीं मिल रही, तो मैं इसे क्यों खेल रहा हूं? मुझे ऐसा लग रहा था कि न तो मुझे टीम का साथ मिल रहा है और न ही इज्जत. जब ये दोनों चीजें नहीं हैं, तो फिर खेलने का क्या मतलब है?’

नहीं मिल रहा था सम्मान

युवराज सिंह ने बातचीत के दौरान साफ किया कि मैदान पर प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वह समर्थन और सम्मान महसूस नहीं हो रहा था, जिसकी एक खिलाड़ी को जरूरत होती है. उन्होंने बताया कि मानसिक और शारीरिक रूप से वे अपनी सीमा तक पहुंच चुके थे. युवराज ने आगे कहा ‘मैं खुद से पूछता था कि मैं आखिर किस बात को साबित करना चाहता हूं? मैं मानसिक और शारीरिक रूप से इससे ज्यादा नहीं कर सकता था और यह सब मुझे अंदर से तकलीफ दे रहा था. जिस दिन मैंने खेल छोड़ दिया, उस दिन मुझे फिर से खुद जैसा महसूस हुआ.’

बचपन के दौर को भी किया याद

युवराज ने कहा ‘अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो लगता है कि उस इंसान के पास मुझे ठीक से देखने का समय ही नहीं था. शायद वह मेरे पिता से अच्छा व्यवहार कर रहा था. उस समय वह खुद भारत के लिए खेल रहा था, इसलिए उसने ऐसा कहा होगा. तब मैं सिर्फ 13-14 साल का था और खेल को समझ ही रहा था. मैं इसे दिल पर नहीं लेता, लेकिन मेरे पिता ने इसे काफी गंभीरता से लिया था.’

वक 2019 से बाहर होना बना टर्निंग पॉइंट

2019 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में जगह न मिलना युवराज सिंह के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. इसके बाद उन्होंने यह तय कर लिया कि अब वह क्रिकेट को उसी जुनून के साथ नहीं खेल पा रहे हैं और सम्मान के बिना मैदान पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है.

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