भारतीय मूल के खिलाड़ियों की तारीफ, कनाडा की टीम और मोनांक पटेल का जिक्र; 'मन की बात' में T20 वर्ल्ड कप पर क्या बोले PM मोदी?
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय मूल के खिलाड़ियों की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के लिए खेलते हुए भी ये खिलाड़ी भारत से जुड़ाव बनाए रखते हैं और दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं.
PM मोदी ने ने 'मन की बात' में T20 वर्ल्ड कप पर भी की बात
(Image Source: Sora_ AI )PM Modi Mann Ki Baat on T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप के पहले राउंड में जहां बड़ी टीमों के मुकाबले कमज़ोर मानी जाने वाली टीमों ने सबको चौंकाया, वहीं कई भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं. इसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat में खास तौर पर बात की और इन खिलाड़ियों की तारीफ की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग मैच देखते हैं और किसी दूसरे देश की जर्सी में भारतीय नाम सुनते हैं, तो दिल में एक अलग खुशी होती है. उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी अपने-अपने देशों के लिए पूरी निष्ठा से खेलते हैं, लेकिन उनकी जड़ें भारत से जुड़ी होने के कारण भारतीयों को गर्व महसूस होता है.
पीएम मोदी ने कनाडा और अमेरिका का क्यों किया जिक्र?
पीएम मोदी ने खास तौर पर कनाडा टीम का जिक्र किया, जिसमें कई भारतीय मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा पंजाब के गुरदासपुर में पैदा हुए, जबकि नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ से हैं. इसके अलावा हर्ष ठाकेर और श्रेयस मूव्वा जैसे खिलाड़ियों के नाम भी उन्होंने गिनाए.
अमेरिका टीम की भी प्रधानमंत्री ने सराहना की, जिसने टूर्नामेंट में भारत को कड़ी टक्कर दी थी. उन्होंने बताया कि कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिए खेल चुके हैं. इसके अलावा मुंबई के सौरभ, दिल्ली के हरमीत सिंह और मिलिंद कुमार भी अमेरिकी टीम की ताकत हैं.
ओमान की टीम को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री ने ओमान टीम का जिक्र करते हुए जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करण, जय और आशीष जैसे खिलाड़ियों को भारत और ओमान के बीच मजबूत कड़ी बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बसे भारतीय मूल के खिलाड़ी अपने-अपने देशों का नाम रोशन करने के साथ भारत की पहचान भी बढ़ा रहे हैं.
हालांकि, एसोसिएट देशों की टीमें सुपर-8 में नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि अब छोटी टीमें भी बड़ी टीमों को चुनौती देने लगी हैं और आने वाले समय में वे बड़े उलटफेर कर सकती हैं.