नीलम पहनने से इन राशि वालों को मिलता है भाग्य का साथ, जानिए पहनने की विधि और फायदे

वैदिक ज्योतिष में नीलम रत्न को शनिदेव से जुड़ा अत्यंत प्रभावशाली रत्न माना गया है. मान्यता है कि सही राशि और सही विधि से नीलम धारण करने पर व्यक्ति को शनि की कृपा प्राप्त होती है, जिससे करियर, कारोबार और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव आते हैं. विशेष रूप से कुंभ और मकर राशि के जातकों के लिए नीलम अत्यंत शुभ माना जाता है, जबकि वृषभ, मिथुन, कन्या और तुला राशि के लोग भी इसे ज्योतिषीय सलाह के बाद धारण कर सकते हैं.;

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By :  State Mirror Astro
Updated On : 8 Jan 2026 7:30 AM IST

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं. शनि ग्रह दुख, रोग, पीड़ा, धीमापन, कर्मचारी, सेवक और जेल आदि कारक माना जाता है. शनिदेव को कुंभ और मकर राशि के स्वामी होते हैं. ज्योतिष में रत्नों का भी विशेष महत्व होता है और शनिदेव का संबंध नीलम रत्न से होता है. शनि के रत्न को जो भी धारण करता है उसके ऊपर शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है.

नीलम रत्न पहनने से व्यक्ति के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है. ऐसा व्यक्ति सभी तरह भौतिक सुख-सुविधाओं को भोग करता है. आइए जानते हैं नीलम रत्न को धारण करने के लाभ और किन-किन राशियों के लोगों को इसे पहनना चाहिए.

इन राशि वालों को नीलम रत्न पहनना लाभकारी

शनिदेव को कुंभ और मकर राशि का स्वामी माना जाता है. ऐसे में इस राशि के जातक नीलम पहन सकते हैं. वहीं इसके अलावा वृषभ, मिथुन, कन्या और तुला राशि वाले भी नीलम रत्न पहन सकते हैं. अगर किसी जातक की कुंडली में शनिदेव कमजोर स्थिति में हो तो वह नीलम पहन सकता है. शनि की महादशा चलने पर भी नीलम को धारण किया जाता है. लेकिन नीलम को धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह अवश्य लेना चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नीलम के साथ कभी भी माणिक्य और मोती को धारण नहीं करना चाहिए.

नीलम को धारण करने से क्या-क्या होते हैं फायदे

ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है. शनिदेव की कृपा से रंक राजा बन सकता है और राजा रंक भी बन सकता है. नीलम धारण करने से व्यक्ति की जन्म कुंडली मजबूत होती है. कुंडली में शनि के मजबूत होने पर व्यक्ति के करियर-कारोबार में विशेष मुकाम की प्राप्ति होती है. ऐसा व्यक्ति जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाओं से निजात मिलती है. नीलम पहनने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है. तनाव और अवसाद में कमी होती है. इसके अलावा एकाग्रता में वृद्धि होती है.

नीलम धारण करने की विधि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीलम को शनिवार और शनि की होरा में पहन सकते हैं. नीलम को हथेली की मध्यमा उंगली में धारण कर सकते हैं. नीलम रत्न धारण करने से पहले उसको गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके धारण करना चाहिए.

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