डिटॉक्स डाइट करते ही क्यों छिन जाता है निखार? एक्सपर्ट ने बताया ग्लो के लिए क्या करें
डिटॉक्स डाइट का नाम सुनते ही दिमाग में चमकती त्वचा, हल्का शरीर और तुरंत निखार की तस्वीर बन जाती है. लेकिन हकीकत कई बार उलटी होती है. शुरुआत के कुछ दिनों में चेहरा थका-सा, खिंचा हुआ या बेजान दिख सकता है. ऐसा क्यों होता है?;
डिटॉक्स डाइट शुरू करते समय ज्यादातर लोग उम्मीद करते हैं कि कुछ ही दिनों में चेहरा चमकने लगेगा, त्वचा साफ दिखेगी और अंदर से फ्रेशनेस महसूस होगी. लेकिन कई लोगों के साथ शुरुआत में उल्टा होता है. स्किन रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हेल्दी बनने की कोशिश का असर चेहरे पर फीका क्यों पड़ जाता है.
फिटनेस कोच रुचिता बत्रा ने बताया कि डिटॉक्स डाइट का सबसे ज्यादा असर स्किन पर क्यों पड़ता है. साथ ही, उन्होंने निखार लाने के टिप्स भी बताए हैं.
क्या होती है डिटॉक्स डाइट?
डिटॉक्स शुरू होते ही बहुत से लोग कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट काफी कम कर देते हैं. इससे शरीर को एनर्जी कम मिलती है. ऐसे में बॉडी सबसे पहले जरूरी ऑर्गन को न्यूट्रिशन देती है, जबकि त्वचा की मरम्मत और ग्लो नहीं हो पाता है. नतीजा चेहरा फीका, ब्लड सर्कुलेशन धीमा और ताजगी कम. सेल रिन्यूअल भी सुस्त पड़ सकता है. नए टिश्यू बनने की रफ्तार घटती है और पुरानी परत ज्यादा समय तक बनी रहती है, जिससे टेक्सचर सपाट और थका हुआ लगता है.
क्यों होती है पानी की कमी?
कई डिटॉक्स प्लान जूस, हर्बल ड्रिंक या ऐसे ड्रिंक पर टिके होते हैं जो शरीर से पानी बाहर निकालते हैं. अगर इलेक्ट्रोलाइट और पर्याप्त सादा पानी नहीं मिल रहा, तो स्किन की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं. इससे कसाव, रूखापन और महीन रेखाएं ज्यादा नजर आ सकती हैं.
न्यूट्रिशन से कैसे पड़ता है स्किन पर असर?
सिर्फ लिक्विड लेने या बहुत कम कैलोरी खाने से प्रोटीन, हेल्दी फैट, आयरन, जिंक और बी-विटामिन कम पड़ सकते हैं. ये सभी त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत और कोलेजन के लिए जरूरी होते हैं. जब ये घटते हैं, तो त्वचा कम भरी-भरी और ज्यादा थकी हुई दिखती है.
शुगर और कैफीन का क्या है ग्लो से कनेक्शन?
अचानक मीठा, कॉफी या भारी भोजन बंद करने से सिरदर्द, थकान और नींद में गड़बड़ी हो सकती है. ये बदलाव सीधे चेहरे पर झलकते हैं. साथ ही, स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से स्किन की नेचुरल चमक दब सकती है.
निखार के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट ने बताया कि डिटॉक्स का मतलब खुद को भूखा रखना नहीं है. अगर आप हल्का महसूस करना चाहते हैं, तो भी.
- पानी और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस रखें.
- पर्याप्त प्रोटीन लें.
- अच्छे फैट को पूरी तरह बंद न करें.
- फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट शामिल रखें.
- स्किनकेयर में भी नरमी बरतें. माइल्ड क्लींजर, हाइड्रेटिंग सीरम और मॉइस्चराइजर मदद कर सकते हैं, जबकि बहुत तेज एक्सफोलिएशन से बचना बेहतर है.