Mahashivratri 2026: गुफा वाले से लेकर गौरीशंकर तक पार्टनर संग दिल्ली के इन मंदिरों में करें भोलेनाथ के दर्शन
महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा का खास महत्व होता है. अगर इस दिन आप अपने पार्टनर संग दिल्ली में मंदिर दर्शन करने का सोच रहे हैं, तो इन प्राचीन मंदिर के दर्शन कर सकते हैं.;
महाशिवरात्रि यानी भोलेनाथ को प्रसन्न करने का दिन. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और मंदिरों में पहुंचकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लेते हैं. अगर आप भी इस खास अवसर पर अपने हमसफर के साथ दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं, तो दिल्ली में कई ऐसे प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं, जहां आप पूजा कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि पर दिल्ली के शिव मंदिर को सजाया जाता है. जहां भजन-कीर्तन और देर रात पूजा होती है. चलिए जानते हैं दिल्ली के वो शिव मंदिर जिनकी मान्यता है सबसे खास.
कहां है गौरी शंकर मंदिर?
महाशिवरात्री के दिन आपको गौरी शंकर मंदिर के दर्शन करने चाहिए. पुरानी दिल्ली की गलियों में स्थित यह मंदिर श्रद्धा और इतिहास का संगम है. माना जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग सदियों पुराना है और दूर-दूर से भक्त इसकी महिमा सुनकर आते हैं. महाशिवरात्रि पर मंदिर को रोशनी और फूलों से सजाया जाता है, जिससे पूरा इलाका आध्यात्मिक माहौल में डूब जाता है.
गुफा वाला मंदिर कैसे जाएं
अगर आपने शिव भगवान का गुफा वाला मंदिर नहीं देखा, तो यकीनन आप दिल्ली के मंदिरों की खूबसूरती से पूरी तरह से रूबरू नहीं हुए हैं. यह मंदिर प्रीत विहार में है, जो अपनी गुफानुमा बनावट के कारण अलग पहचान रखता है. इस मंदिर के अंदर जाते ही आपको ऐसा लगेगा कि आप किसी पवित्र गुफा में साधना करने आ गए हों. शाम की आरती के समय यहां भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए समय से पहले पहुंचना बेहतर रहता है.
क्यों प्रसिद्ध है श्री किलकारी भैरव मंदिर?
दिल्ली के प्रगति मैदान और पुराने किले के पास श्री किलकारी भैरव मंदिर है, जो तकरीबन 5000 साल पुराना है. यह मंदिर भगवान शिव के उग्र रूप बाबा भैरवनाथ को समर्पित है. महाशिवरात्रि की रात यहां विशेष पूजा का आयोजन वातावरण को और भी दिव्य बना देता है.
नीली छतरी मंदिर की क्या है मान्यता
निगमबोध घाट के नजदीक नीली छतरी मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है. मान्यता है कि युधिष्ठिर ने भगवान शिव के सम्मान में यह मंदिर बनवाया था और यहीं पर ऐतिहासिक अश्वमेध यज्ञ भी किया था.