दफ्तर में पॉलिटिक्स से हो गए हैं परेशान? GEN Z के ये गजब हैक्स बना देंगे आपकी ऑफिस लाइफ आसान
ऑफिस में अक्सर कुछ लोग बिना कुछ किए पॉलिटिक्स का हिस्सा बन जाते हैं, जिसके चलते बार-बार उनका नाम सामने आता है, लेकिन अब आप इस परेशानी से आसानी से बच सकते हैं. बस आपको GEN Z के कुछ गजब के हैक्स फॉलो करने होंगे.;
ऑफिस में काम से ज्यादा थकाने वाली चीज अगर कोई है, तो वह है पॉलिटिक्स. कौन किसके साथ लंच कर रहा है, किसे मीटिंग में क्रेडिट मिला, और किसने किसके बारे में क्या कहा- इन सबके बीच फंसकर कई लोग अपना फोकस खो देते हैं. लेकिन GEN Z ने इस गेम को खेलने का अपना अलग, हल्का-फुल्का और स्मार्ट तरीका ढूंढ लिया है.
यह जेनरेशन बेवजह की बहस में पड़ने के बजाय अपनी एनर्जी बचाना जानती है. इसलिए आइए जानते हैं वे मजेदार हैक्स जो आपको रखेंगी ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर.
ऑफिस पॉलिटिक्स से कैसे बचें?
ऑफिस में गॉसिप अक्सर बिना कंट्रोल के शुरू हो जाती है और देखते ही देखते आपको भी उसका हिस्सा बना देती है. ऐसे में GEN Z ने इसका सबसे आसान तरीका ढूंढ लिया है. बस जब भी गॉसिप हो रही हो, तो तुरंत हेडफोन लगा लें. जरूरी नहीं कि सच में म्यूजिक चल रहा हो. हेडफोन एक साइन है कि आप इस समय अपने काम में डूबे हैं और बातचीत के मूड में नहीं हैं. यह तरीका किसी को बुरा भी नहीं लगता और आपकी प्रोफेशनल इमेज भी सेफ रहती है.
क्या है न्यूट्रल फेस हैक?
हर बात पर रिएक्शन देना जरूरी नहीं. GEN Z का फॉर्मूला है- ना ज्यादा उत्साह, ना ज्यादा नाराजगी. बस हल्की मुस्कान और “ओह, अच्छा!” बोलकर आगे बढ़ जाएं. इससे कोई आपको अपनी टीम में खींच नहीं पाएगा.
क्यों रिटर्न में होनी चाहिए बातें?
ऑफिस में कई बार बातें जल्दी-जल्दी होती हैं और बाद में याद अलग-अलग रहती है. फिर शुरू होता है “मैंने तो ऐसा नहीं कहा था”, “तुमने गलत समझा.” इस झंझट से बचने का सबसे आसान तरीका है कि जरूरी बातों को मेल या मैसेज पर कन्फर्म कर लिया जाए. छोटी-सी लाइन “जैसा डिस्कस हुआ, मैं ये काम आज तक पूरा कर दूंगा”आगे चलकर बड़ी मदद कर सकती है. रिटर्न होने से सब कुछ साफ रहता है. किसे क्या जिम्मेदारी मिली, डेडलाइन क्या है, किसने किस बात पर सहमति दी- इन सबका रिकॉर्ड बन जाता है. अगर कभी गलतफहमी पैदा होती है, तो वही मैसेज आपकी सेफ्टी शील्ड बन जाता है.
क्या है एंट्री-एग्जिट टाइमिंग?
ऑफिस पॉलिटिक्स से बचने के लिए GEN Z का मानना है कि हर बहस में मौजूद रहना जरूरी नहीं. माहौल गरम लगे तो पानी लेने, कॉल अटेंड करने या वॉशरूम जाने का क्लासिक रास्ता हमेशा खुला है. कभी-कभी स्ट्रेटेजिक गायब होना सबसे बड़ी समझदारी है.