50 की उम्र में भी 25 जैसी फिट! 'गदर' एक्ट्रेस की बारबेल जंपिंग एक्सरसाइज ने उड़ाए फैंस के होश

50 साल की उम्र में भी 'गदर' फेम एक्ट्रेस का इंटेंस वर्कआउट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जानिए रिवर्स लंज विद वेट के 5 बड़े फायदे और क्यों ये एक्सरसाइज फिटनेस लवर्स के लिए जरूरी है.;

( Image Source:  Instagram: ameeshapatel9 )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 17 Feb 2026 6:20 AM IST

50 साल की उम्र में भी अमीषा पटेल (Ameesha Patel) की फिटनेस और एनर्जी देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. 'गदर' फिल्म की मशहूर अदाकारा अमीषा ने फिटनेस को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बना रखा है. बैलेंस्ड खान-पान, रेगुलर एक्सरसाइज और सही डिसिप्लिन की वजह से उन्होंने न सिर्फ शानदार बॉडी बनाए रखी है, बल्कि उम्र के साथ और भी ज्यादा जवान और फिट दिखती हैं. उनका हालिया वर्कआउट वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जो उनकी मेहनत और लगन का जीता-जागता सबूत है. हाल ही में अमीषा ने अपने ट्रेनर क्लिंटन (@klinton81) की गाइडेंस में एक इंटेंस वर्कआउट सेशन किया और उसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया.

इस वीडियो में वो बारबेल को हाथों में पकड़कर सिर के ऊपर उठाते हुए छलांग लगा रही हैं यानी ओवरहेड प्रेस के साथ जंपिंग मूवमेंट. इसके अलावा उन्होंने बारबेल को कंधों के पीछे रखकर रिवर्स लंज भी किए. ये एक्सरसाइज देखने में जितनी आसान लगती हैं, असल में उतनी ही चैलेंजिंग होती हैं. इतना भारी वजन उठाना और साथ में बैलेंस बनाए रखना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन अमीषा इसे बड़े आराम से और परफेक्ट फॉर्म में करती दिख रही हैं.

अमीषा का इंटेंस वर्कआउट वीडियो

कैप्शन में अमीषा ने लिखा, 'अपने शरीर के आधे से ज्यादा वजन को सिर के ऊपर उठाना मेरे बॉडी के साथ-साथ मेरे दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद है. भारी लंज में बैलेंस और पावर का जो कॉम्बिनेशन होता है, वो मुझे सबसे ज्यादा पसंद आता है. इन्हें जोर-शोर से करने पर आपके ग्लूट्स को ग्लूट मशीन से कहीं ज्यादा बेहतर रिजल्ट मिलते हैं.'

गजब की डेडिकेशन

फैंस इस वीडियो को देखकर पूरी तरह इम्प्रेस हो गए. कमेंट्स में फायर , हार्ट और मसल इमोजी की बौछार हो गई. एक फैन ने लिखा,  'यकीन ही नहीं होता कि आप 50 की हो. आप तो दिन-ब-दिन और ज्यादा फिट और यंग लग रही हैं.' दूसरे ने कहा, 'आज भी उनका पेट बिल्कुल फ्लैट है और कमर इतनी पतली वाह.' कई लोगों ने उनकी डेडिकेशन और फोकस की तारीफ की. सच में, अमीषा का ये लुक और एनर्जी देखकर लगता है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, असली चीज है मेहनत और हेल्दी लाइफस्टाइल.

रिवर्स लंज विद वेट के 5 जबरदस्त फायदे

अमीषा का ये वर्कआउट सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि रियल इंस्पिरेशन है. खासकर रिवर्स लंज विद वेट (बारबेल या डंबल के साथ) करने के फायदे इतने जबरदस्त हैं कि हर फिटनेस लवर को इन्हें अपनी रूटीन में शामिल करना चाहिए.

1. पैरों और निचले हिस्से की मसल्स को सुपर स्ट्रॉन्ग बनाता है

रिवर्स लंज ग्लूट्स (हिप की मांसपेशियां), क्वाड्रिसेप्स (जांघ के आगे वाली मसल्स), हैमस्ट्रिंग्स (जांघ के पीछे वाली) और कैल्व्स पर सीधा असर डालते हैं. जब आप वजन के साथ ये करते हैं, तो मसल्स ज्यादा मेहनत करती हैं, जिससे वे मजबूत, टोन्ड और ज्यादा सहनशक्ति (endurance) वाली बनती हैं. रोजमर्रा की एक्टिविटीज जैसे सीढ़ियां चढ़ना, भारी सामान उठाना आसान हो जाता है. 

2. बैलेंस और कोऑर्डिनेशन में बहुत सुधार लाता है

पीछे की तरफ स्टेप लेते वक्त बॉडी को बैलेंस बनाए रखना पड़ता है. इससे कोर मसल्स (पेट और कमर की मांसपेशियां) पूरी तरह एक्टिव हो जाती हैं. बार-बार प्रैक्टिस से आपका बैलेंस बेहतर होता है, बॉडी का कंट्रोल बढ़ता है और गिरने या चोट लगने का खतरा कम हो जाता है. खासकर उम्र बढ़ने के साथ ये बहुत जरूरी है.

3. घुटनों और जोड़ों पर कम प्रेशर पड़ता है

नॉर्मल आगे की लंज की तुलना में रिवर्स लंज घुटनों पर कम स्ट्रेस डालते हैं. वजन बॉडी पर ज्यादा ईवनली डिस्ट्रीब्यूट होता है. एक रिसर्च (2021 में फिजिकल थेरेपी जर्नल में पब्लिश) में भी पाया गया कि रिवर्स लंज करने वालों के घुटनों और एंकल्स की मूवमेंट रेंज बेहतर हुई और दर्द कम हुआ तो अगर आपको घुटनों की हल्की प्रॉब्लम है, तो ये आपके लिए सेफ ऑप्शन हो सकता है (बशर्ते सही फॉर्म से किया जाए). 

4. वजन घटाने और फैट बर्निंग में मददगार

वेट के साथ लंज करने से हार्ट रेट तेजी से बढ़ता है. ये एक तरह का स्ट्रेंथ + कार्डियो कॉम्बो बन जाता है. मसल्स बनती हैं, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और वर्कआउट के बाद भी बॉडी कैलोरीज बर्न करती रहती है. लंबे समय तक वजन कंट्रोल रखने और फैट लॉस के लिए ये बहुत अच्छा एक्सरसाइज है. 

5. ओवरऑल मोबिलिटी और एथलेटिक परफॉर्मेंस बढ़ाता है

मजबूत पैर, बेहतर बैलेंस और कोर स्ट्रेंथ से आपकी बॉडी ज्यादा फ्लेक्सिबल और एक्टिव रहती है. खेल खेलना हो, डांस करना हो या बस रोजाना काम आसानी से करना हो. ये सब बेहतर होता है. साथ ही मसल इंबैलेंस कम होने से चोट का रिस्क भी घटता है.

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