अब नैटिविटी कार्ड तय करेगा आप केरल के निवासी है या नहीं, FAQ से समझें नियम व शर्तें
केरल की राजनीति में 23 फरवरी को एक अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब केरल विधानसभा ने नैटिविटी कार्ड विधेयक को पारित कर दिया. यह कानून किसी व्यक्ति के केरल मूल को औपचारिक और कानूनी मान्यता प्रदान करेगा.
Kerala Nativity Card
(Image Source: X/ @GreatKerala1 )केरल की राजनीति में 23 फरवरी को एक अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब केरल विधानसभा ने नैटिविटी कार्ड विधेयक को पारित कर दिया. राज्य सरकार ने इसे ऐतिहासिक और दुर्लभतम कानून करार देते हुए कहा कि यह कानून किसी व्यक्ति के केरल मूल को औपचारिक और कानूनी मान्यता प्रदान करेगा. इस फैसले को राज्य की पहचान और प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विपक्षी सदस्यों द्वारा सत्र का बहिष्कार किए जाने के कारण उनकी अनुपस्थिति में यह विधेयक पेश किया गया. राजस्व मंत्री के. राजन ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह कदम राज्य के लोगों को एक आधिकारिक पहचान देगा और उन्हें खुद को केरलवासी के रूप में गर्व से पहचानने का अवसर प्रदान करेगा. विधेयक अब आगे की विस्तृत समीक्षा के लिए विषय समिति को भेजा जाएगा.
क्या है नैटिविटी कार्ड विधेयक?
इस विधेयक के तहत एक कानूनी रूप से मान्य जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का प्रस्ताव है, जो राज्य सेवाओं और सामाजिक जरूरतों के लिए एक प्रामाणिक पहचान दस्तावेज के रूप में काम करेगा. यह नया प्रमाण पत्र मौजूदा जन्म प्रमाण पत्र प्रणाली का स्थान लेगा और एक स्थायी, फोटोयुक्त आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्य होगा. सरकार का कहना है कि यह दस्तावेज प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा और नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा प्रदान करेगा.
कौन होगा मूल निवासी?
1. केरल में जन्मा कोई भी व्यक्ति, जिसने विदेशी नागरिकता ग्रहण नहीं की हो.
2. वे व्यक्ति जिनके माता-पिता या पूर्वज केरल में जन्मे हों और जिन्होंने भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी हो.
3. ऐसे लोग जो केरल के बाहर जन्मे हों, लेकिन उनके माता-पिता उस समय रोजगार या आजीविका के कारण राज्य से बाहर रहे हों, बशर्ते उन्होंने विदेशी नागरिकता स्वीकार न की हो.
हालांकि, यदि कोई कार्डधारक बाद में विदेशी नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसका कार्ड अमान्य हो जाएगा. वहीं, जिन्होंने स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता ली है, वे शुरुआत से ही इस योजना के पात्र नहीं होंगे. विधेयक के तहत तहसीलदारों को ग्राम स्तर पर कार्ड जारी करने का अधिकार दिया गया है. आवेदक को निर्धारित दस्तावेजों और शुल्क के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होगा. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र व्यक्तियों को नेटिविटी कार्ड जारी किया जाएगा.
कार्ड में क्या-क्या होगा शामिल?
जारी किए जाने वाले जन्म प्रमाण पत्र में धारक का नाम, फोटो, जन्म तिथि और सरकार द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे. यह दस्तावेज सरकारी सेवाओं, सामाजिक योजनाओं और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए आधिकारिक पहचान पत्र के रूप में मान्य होगा. विधेयक में दंड का भी प्रावधान किया गया है. यदि कोई व्यक्ति कार्ड के लिए आवेदन करते समय जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उसे तीन महीने तक की कैद, 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है.