Mumbai Mayor Race: BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद कौन बनेगा नया मेयर? ये 5 नाम सबसे आगे
बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों ने मुंबई की राजनीति की दिशा बदल दी है. दशकों बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की सबसे अमीर महानगर पालिका में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस जीत के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा. चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने “हिंदू और मराठी मेयर” का वादा किया था, जो अब बीजेपी के लिए राजनीतिक कसौटी बन चुका है. पार्टी के भीतर तेजस्वी घोसालकर, प्रकाश दरेकर, प्रभाकर शिंदे, मकरंद नार्वेकर और राजश्री शिरवाडकर जैसे 5 नामों पर गंभीर मंथन चल रहा है.;
बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों ने मुंबई की राजनीति में एक युगांतकारी मोड़ ला दिया है. दशकों तक शिवसेना के प्रभाव में रही देश की सबसे अमीर महानगर पालिका अब भारतीय जनता पार्टी के हाथों में चली गई है. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सत्ता का सवाल सिर्फ प्रशासन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पहचान, नेतृत्व और भविष्य की राजनीति से जुड़ गया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुंबई का अगला मेयर कौन होगा?
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक बयान चर्चा का केंद्र बना था, “मुंबई का अगला मेयर हिंदू और मराठी होगा.” उस वक्त इसे रणनीतिक चुनावी दांव माना गया, लेकिन अब जब नतीजे बीजेपी के पक्ष में हैं, तो यह बयान पार्टी के लिए वादा निभाने की कसौटी बन चुका है. फडणवीस इसे संकीर्ण राजनीति नहीं, बल्कि स्थानीय पहचान और संवैधानिक अधिकार से जोड़कर पेश कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि मेयर की रेस में 5 बड़े चेहरे कौन कौन से हैं.
तेजस्वी घोसालकर: युवा चेहरा, बड़ी जीत
दहिसर (वार्ड नंबर 2) से 10 हजार से ज्यादा वोटों की जीत दर्ज करने वाली तेजस्वी घोसालकर बीजेपी की इस जीत का प्रतीक बनकर उभरी हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के मजबूत माने जाने वाले इलाके में सेंध लगाई है. युवा, शिक्षित और स्पष्ट मराठी-हिंदू पहचान के साथ वह मुख्यमंत्री के फॉर्मूले में पूरी तरह फिट बैठती हैं. पार्टी उन्हें भविष्य के नेतृत्व के तौर पर भी देख रही है.
प्रकाश दरेकर: संगठन और अनुभव का संतुलन
वार्ड नंबर 3 से जीत हासिल करने वाले प्रकाश दरेकर, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर के भाई हैं. दरेकर परिवार का उत्तर-पश्चिम मुंबई में गहरा राजनीतिक प्रभाव है. प्रशासनिक समझ और संगठनात्मक पकड़ के चलते प्रकाश दरेकर को एक मजबूत और स्थिर विकल्प माना जा रहा है. पार्टी के भीतर उनका नाम गंभीरता से लिया जा रहा है.
प्रभाकर शिंदे: अनुभव का सुरक्षित दांव
बीएमसी में बीजेपी के पूर्व गुट नेता रहे प्रभाकर शिंदे सबसे अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं. नगर निगम के नियम-कायदे और प्रशासनिक कामकाज पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. ‘मराठी चेहरा’ होने के साथ-साथ लंबा अनुभव उन्हें मेयर पद के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनाता है. पार्टी अगर जोखिम नहीं लेना चाहती, तो शिंदे का नाम आगे बढ़ सकता है.
मकरंद नार्वेकर: दक्षिण मुंबई का प्रभावशाली नाम
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर दक्षिण मुंबई की राजनीति में एक मजबूत पकड़ रखते हैं. कोलाबा क्षेत्र में उनकी लगातार जीत और आधुनिक, विकासोन्मुख छवि बीजेपी के शहरी एजेंडे से मेल खाती है. मराठी पहचान के साथ-साथ कॉस्मोपॉलिटन सोच उन्हें एक अलग श्रेणी का दावेदार बनाती है.
राजश्री शिरवाडकर: महिला नेतृत्व का मजबूत विकल्प
वार्ड नंबर 172 से जीत दर्ज करने वाली राजश्री शिरवाडकर बीजेपी की आक्रामक और निष्ठावान मराठी महिला नेता हैं. अगर आरक्षण या रणनीतिक कारणों से पार्टी महिला मेयर का फैसला करती है, तो राजश्री का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है. स्थानीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता और जमीनी संपर्क उन्हें खास बनाता है.