नौकरी बदलने से डर रहे कर्मचारी! क्या है 'Job Hugging' का नया ट्रेंड? जानें हर सवाल का जवाब

Job Hugging नया वर्कप्लेस ट्रेंड बन रहा है. आर्थिक अनिश्चितता और नौकरी की सुरक्षा के कारण कर्मचारी नई नौकरी छोड़कर मौजूदा नौकरी से चिपके रह रहे हैं.

( Image Source:  Sora_ AI )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 10 March 2026 3:23 PM IST

आज के तेजी से बदलते कामकाजी माहौल में हर साल कोई न कोई नया ट्रेंड सामने आ जाता है, जो यह बताता है कि कर्मचारी अपने करियर और नौकरी को किस तरह देख रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में 'चुपचाप छोड़ना', 'सोमवार को कम से कम और 'कैरियर कुशनिंग' जैसे शब्द कार्यस्थल की चर्चा का हिस्सा बन चुके हैं. ये सभी ट्रेंड इस बात का संकेत देते हैं कि महामारी के बाद की अर्थव्यवस्था में कर्मचारियों की सोच, प्राथमिकताएं और नौकरी को लेकर नजरिया तेजी से बदल रहा है.

इसी बदलती दुनिया में अब एक नया शब्द चर्चा में है- 'Job Hugging'. यह ट्रेंड बताता है कि आज कई कर्मचारी नई नौकरी की तलाश करने के बजाय अपनी मौजूदा नौकरी से ही चिपके रहने का फैसला कर रहे हैं. भले ही वे अपनी भूमिका से संतुष्ट न हों, लेकिन आर्थिक अनिश्चितता और भविष्य की चिंता उन्हें जोखिम लेने से रोक रही है.

क्या है 'Job Hugging' का मतलब?

सरल शब्दों में कहें तो Job Hugging उस स्थिति को कहा जाता है जब कर्मचारी अपनी मौजूदा नौकरी में बने रहते हैं, भले ही वे खुद को Challenge-less, असंतुष्ट या उदासीन महसूस करें. इसकी मुख्य वजह नई नौकरी लेने से जुड़ी अनिश्चितता और जोखिम का डर होता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह ट्रेंड उस दौर के ठीक उलट है जब महामारी के बाद नौकरी बदलना जीवन में कुछ बड़ा और करियर ग्रोथ का संकेत माना जाता था. उस समय लोग बेहतर अवसरों के लिए तेजी से नौकरी बदल रहे थे. लेकिन अब कई कर्मचारी स्थिर आय और नौकरी की सुरक्षा को प्रायोरिटी दे रहे हैं.

यह व्यवहार किसी कंपनी के प्रति वफादारी से ज्यादा सावधानी और डर से जुड़ा हुआ है. जब नौकरी के अवसर कम हो रहे हों और आर्थिक हालात अनिश्चित हों, तो कर्मचारी सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनी मौजूदा नौकरी को ही पकड़े रखना बेहतर समझते हैं.

क्यों बढ़ रहा है 'Job Hugging' का ट्रेंड?

इस ट्रेंड के पीछे कई बड़े आर्थिक और सामाजिक कारण हैं. वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, कंपनियों में धीमी भर्ती प्रक्रिया और तकनीकी बदलाव इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, कई उद्योगों में भर्ती की रफ्तार काफी धीमी हो गई है. इसी वजह से कर्मचारी नई नौकरी की तलाश में जोखिम लेने से बच रहे हैं.

लेबर इकोनॉमिस्ट Nicole Bachaud ने CNBC से बातचीत में कहा कि कर्मचारी अभी बाजार की अनिश्चितता को लेकर काफी सजग हैं. उनके शब्दों में बाजार में इस समय मौजूद अनिश्चितता से अवगत. इसके अलावा एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन भी है. कई कर्मचारियों को डर है कि तेजी से बदलती तकनीक भविष्य में उनके काम और भूमिकाओं को प्रभावित कर सकती है.

आंकड़े क्या बताते हैं?

डेटा से यह साफ होता है कि Job Hugging केवल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह तेजी से बढ़ता हुआ वास्तविक ट्रेंड बन चुका है. Monster की 2025 Job Hugging Report के अनुसार लगभग 75% कर्मचारी 2027 तक अपनी मौजूदा नौकरी में बने रहने की योजना बना रहे हैं. इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लगभग 48% कर्मचारी अपनी नौकरी इसलिए नहीं छोड़ रहे क्योंकि उन्हें आर्थिक अनिश्चितता और डर है, न कि इसलिए कि वे अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट हैं.

अमेरिका में 1004 कर्मचारियों पर किए गए सर्वे में कई और रोचक बातें सामने आईं-

  • 59% कर्मचारियों का मानना है कि इस साल Job Hugging पिछले साल की तुलना में ज्यादा बढ़ा है
  • 63% लोग मानते हैं कि 2026 में यह ट्रेंड और तेजी से बढ़ेगा
  • 27% कर्मचारी सिर्फ वेतन के कारण नौकरी में बने हुए हैं
  • 26% लोगों के लिए नौकरी की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है

क्या अलग-अलग पीढ़ियों में भी दिख रहा है यह ट्रेंड?

रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग पीढ़ियों में भी Job Hugging को लेकर अलग धारणा है.  लगभग 55% लोगों का मानना है कि Gen X और Baby Boomers जैसे उम्रदराज कर्मचारी नौकरी से ज्यादा चिपके रहते हैं. जबकि 25% लोग मानते हैं कि युवा कर्मचारी भी ऐसा ही कर रहे हैं. करीब 20% लोगों का मानना है कि यह व्यवहार सभी पीढ़ियों में लगभग समान है.

क्या Job Hugging के नुकसान भी हैं?

हालांकि पहली नजर में यह एक सुरक्षित फैसला लगता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कुछ नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं. यदि कर्मचारी लंबे समय तक ऐसी नौकरी में बने रहते हैं जहां उन्हें सीखने या आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिलते, तो उनका करियर ठहराव का शिकार हो सकता है. समय के साथ वे खुद को थका हुआ, असंतुष्ट और निरुत्साहित महसूस करने लगते हैं.

संगठनों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है. अगर कर्मचारियों की संख्या तो स्थिर है लेकिन उनमें उत्साह और नवाचार की कमी है, तो कंपनी की प्रगति प्रभावित हो सकती है. जब कर्मचारी केवल डर की वजह से नौकरी में टिके रहते हैं, तो अक्सर उनकी रचनात्मकता और ऊर्जा कम हो जाती है, जिससे नई सोच और विकास की गति धीमी पड़ सकती है.

क्या कंपनियां भी कर्मचारियों को 'Hug' कर रही हैं?

दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. कई कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं. दरअसल 2021 और 2022 में “Great Resignation' के दौरान कंपनियों को कर्मचारियों की भारी कमी का सामना करना पड़ा था. उस दौर में बड़ी संख्या में लोगों ने नौकरी छोड़ी थी. इस अनुभव के बाद अब कई कंपनियां अनुभवी कर्मचारियों को खोने से बचना चाहती हैं. इसलिए वे भी स्थिरता को जोखिम से ज्यादा महत्व दे रही हैं.

अगर Job Hugging कर रहे हैं तो क्या करें?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई कर्मचारी अपनी नौकरी में बना रहता है तो इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि उसका करियर भी रुक जाए. करियर कोच Mandi Woodruff-Santos ने CNBC से कहा कि कर्मचारियों को 'Pivoting in place' पर ध्यान देना चाहिए.

इसका मतलब है कि कर्मचारी अपनी मौजूदा कंपनी में रहते हुए भी नए अवसर तलाश सकते हैं. उदाहरण के तौर पर-

  • नई जिम्मेदारियां लेना
  • कंपनी के भीतर प्रमोशन की कोशिश करना
  • अलग-अलग विभागों के साथ काम करके नई स्किल सीखना

इसके अलावा नेटवर्किंग भी बेहद जरूरी है. उद्योग से जुड़े लोगों, मेंटर्स और सहकर्मियों के साथ मजबूत संबंध बनाकर कर्मचारी भविष्य के अवसरों के लिए खुद को तैयार रख सकते हैं. इस तरह भले ही कोई कर्मचारी फिलहाल नौकरी बदलने का जोखिम न ले, लेकिन वह अपने कौशल और करियर ग्रोथ को जारी रख सकता है.

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