EXCLUSIVE: पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा की खरी-खरी: ईरान-इजराइल जंग में BJP ने हिंदुस्तान की इज्जत दांव पर लगा डाली है!

पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक इंटरव्यू में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आज की भाजपा अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों वाली पार्टी नहीं रही और विदेश नीति कमजोर हुई है.

By :  संजीव चौहान
Updated On : 10 March 2026 4:35 PM IST

‘अब यह अटल बिहारी वाजपेयी वाली भारतीय जनता पार्टी नहीं बची है. आज की बीजेपी सिर्फ और सिर्फ अपने तक सिमट कर रह गई है. आज की भाजपा के लिए बाकी सब पहले है, देश सबसे बाद में. इसका साफ साफ असर दुनिया खुली आंखों से अंतरराष्ट्रीय पटल पर हो रही भारत की दुर्गति रुप में देख रही है.

अगर गर्त में गिरता हुआ भारत किसी को नहीं दिखाई दे रहा है तो वह सिर्फ और सिर्फ आज की अंधी गूंगी बहरी भारतीय जनता पार्टी है. यहां मैं यह भी साफ कर देना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है कि कोई पार्टी खुद से मैली-मलिन होती है. उस पार्टी को चलाने वाले, उसकी देखरेख करने वालों की सोच ओछी और कमजोर होती है तभी किसी पार्टी का सत्यानाश और उसकी बदनामी होती है.’

कौन हैं यशवंत सिन्हा?

यह तमाम बेबाक बातें बयान की हैं भारत के पूर्व ब्यूरोक्रेट (रिटायर्ड आईएएस) और तत्कालीन विदेश व वित्त-मंत्री यशवंत सिन्हा ने. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हुकूमत में कद्दावर नेता-मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा नई दिल्ली में मौजूद ‘स्टेट मिरर हिंदी’ के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान से एक्सक्लूसिव बात कर रहे थे. पूर्व विदेश मंत्री से तमाम और भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संबंधों-मसलहों, राजनीतिक व गैर-राजनीतिक, विदेश, सामरिक, कूटनीतिक और जियोपॉलिटिक्स जैसे मुद्दों पर बात हुई.

मोदी-BJP ने देश दांव पर लगा डाला!

स्टेट मिरर हिंदी के एक सवाल के जवाब में पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, “आप देश की अंतरराष्ट्रीय नीति, विदेश नीति की बात कर रहे हैं. यहां तो मुझे जो अपने लंबे ब्यूरोक्रेसी और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अनुभव से दिखाई पड़ रहा है, उसके हिसाब से तो केंद्र में लंबे समय से शासन कर रही भारतीय जनता पार्टी की हुकूमत ने देश को ही दांव पर लगा डाला है. जंग भले ही ईरान, इजराइल और अमेरिका लड़ रहे हों.

इसका असर भी दुनिया के तमाम देशों पर पड़ना तय है. जहां तक सवाल भारत पर इस जंग का असर पड़ने का सवाल है. तो जमीन पर घिसटती दिखाई दे रही भारत की मौजूदा विदेश, रक्षा, कूटनीति, जियोपॉलिटिक्स के हिसाब से तो देश दांव पर लगा हुआ है. इसके लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और उसका केंद्र में नेतृत्व कर रहे देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं.”

मोदी-बीजेपी सच नहीं पचा सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बीजेपी के गले न उतरने वाली यह तमाम खरी-खरी बातें आप इसलिए कह रहे हैं क्या क्योंकि आप आज भारतीय जनता पार्टी में नहीं है. बीजेपी और आपका वैचारिक मतभेदों को लेकर लंबे समय से 36 का आंकड़ा चल रहा है? स्टेट मिरर हिंदी के सवाल के जवाब में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा, “नहीं ऐसा कतई नहीं है. मैंने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में जितनी मजबूत और खूबसूरत राजनीतिक-पारी खेली है.

आज शायद मैं बीजेपी में होता भी तो भी मैं आज की बीजेपी को नहीं पचा पाता. आज की बीजेपी अब अटल बिहारी वाजपेयी जी के उसूलों वाली बीजेपी बची ही कहां है? हां, यह सब जो मैं कह रहा हूं मेरी दो टूक खरी-खरी आज की मोदी हुकूमत या बीजेपी के गले नहीं उतरेगी. आपकी (स्टेट मिरर हिंदी) इस बात में दम है. मैं सच्चाई कह रहा हूं और सच कड़वा होता है. जिसे प्रधानमंत्री मोदी और आज पतन की ओर निरंतर तीव्रता से बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी भला कैसे और क्यों बर्दाश्त करेगी?”

अटल जी वाली BJP मिट्टी में मिल गई

जब नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी में कहीं कोई बड़ी हैसियत नहीं रखते थे. तब मैंने अटल जी वाली भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करके आगे बढ़ाने में जिस तरह से गली-गलियारों में पसीना बहाया है. कल की उसी मजबूत भारतीय जनता पार्टी को अपने अपने हिसाब से हांकने के चक्कर में केंद्रीय नेतृत्व ने देख लीजिए कहां आसमान से जमीन पर ला पटका है? यह बात मैं कोई दबी-छिपी नहीं बता रहा हूं. दुनिया देख रही है कि आज के भाजपा-शासित भारत की अंतरराष्ट्रीय पटल पर किस कदर खुलेआम दुर्गति हो रही है.

आज की बुजदिली भारत की पीढ़ियां ढोएंगीं

इसका सबसे मजबूत कहूं या फिर शर्मनाक नमूना, यह है कि ईरानी युद्धपोत जोकि आपका मेहमान था. वापिसी में जब वह अपने देश लौट रहा था तब उस अंतरराष्ट्रीय समुद्री जल-सीमा में अमेरिका ने मार गिराया. आपके विदेशी मेहमान निहत्थे युद्धपोत को अमेरिका जान-बूझकर मार गिराता है. और भारत सरकार दुम दबाकर खामोशी अख्यितार करके बैठ जाती है.

अंतरराष्ट्रीय विदेश, कूटनीति सैन्य और खामोश सामरिक नीति को दुनिया क्या ‘बहादुरी’ कहेगी-समझेगी. आपके विदेशी युद्धपोत मेहमान को जबरदस्ती मार गिराए जाने पर भी आप (भारत की सरकार) दुम दबाकर खामोश बैठ जाती है. अमेरिका से डरकर. यह कहां की कैसी विदेश और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का काबिल या मजबूत उदाहरण कहा जा सकता है? सब जानते हैं कि यह भारत की बुजदिली का वह शर्मनाक उदाहरण इतिहास में दर्ज हो चुका है, जिसे हिंदुस्तान की आने वाली पीढ़ियां भी किसी रबड़ ने कभी नहीं मिटा सकेंगीं.” बेबाक बातचीत में आज की केंद्रीय हुकूमत के नेतृत्व (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और लाचार होकर घिसट रही भारतीय जनता पार्टी के चौतरफा घेरते हुए कहते हैं भारत के पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा.

बिहार जीतने को दो दशक भागीरथ प्रयास

1990 के दशक के मध्यांतर में बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विपक्ष के नेता रहे और बिहार कैडर के पूर्व ब्यूरोक्रेट यशवंत सिन्हा ने इस खास बातचीत के दौरान बिहार की राजनीति को भी नंग कर डाला. स्टेट मिरर हिंदी के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “1995 मैं जब मैं बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से नेता-विपक्ष था. तभी से भाजपा की हसरत थी कि किसी भी तरह से बिहार विधानसभा में उसका मुख्यमंत्री होकर राज्य में भाजपा का वर्चस्व कायम हो सके.

नीतीश कुमार तरीके से निपटा दिए

बेशक आज 2 ढाई दशक के भागीरथी प्रयासों के बाद भारतीय जनता पार्टी की वह हसरत अब पूरी होने जा रही है. मगर इसके लिए बीजेपी को 20-25 साल लग गए लालू यादव राबड़ी देवी और नीतिश कुमार को निपटाने में. अब जैसे ही बीजेपी के मौका हाथ लगा उसने बुढ़ापे में इज्जत बचाए रखने का हवाला देकर नीतीश कुमार को राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतार कर राज्यसभा की कुर्सी का झुनझुना थमाकर बिहार छुड़वाकर दिल्ली पहुंचा दिया. जब तक नीतीश कुमार बिहार में जमे रहते तब तक बिहार की राजनीति में अपना सिक्का चलवाने का सपना भी बीजेपी नहीं देख सकती थी.”

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